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बांग्लादेशी क्रिकेटर नईम हसन के साथ पुलिस ने की बदसलूकी और मारपीट, 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड; जांच शुरू

बांग्लादेशी क्रिकेटर नईम हसन के साथ पुलिस ने की बदसलूकी और मारपीट, 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड; जांच शुरू

​स्पोर्ट्स डेस्क, चटगांव:

बांग्लादेश क्रिकेट इस समय मैदान के भीतर के प्रदर्शन से ज्यादा मैदान के बाहर हुए एक बड़े और शर्मनाक विवाद को लेकर सुर्खियों में है। बांग्लादेश राष्ट्रीय टीम के ऑफ-स्पिनर नईम हसन (Nayeem Hasan) के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश में हंगामा खड़ा कर दिया है।

​यह घटना 12 जून 2026 की देर रात चटगांव के लालखान बाजार इलाके में हुई। मामला बढ़ने के बाद चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस (CMP) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही, पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का भी गठन कर दिया गया है।

​ढाका से घर लौट रहे थे नईम हसन

​रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पिनर नईम हसन ढाका प्रीमियर डिवीजन क्रिकेट लीग में अपनी टीम ‘प्राइम बैंक क्रिकेट क्लब’ के साथ मौजूद थे (हालांकि वह मैच का हिस्सा नहीं थे)। लीग खत्म होने के बाद वह ढाका एयरपोर्ट से चटगांव पहुंचे और वहां से सीएनजी (CNG) ऑटो-रिक्शा के जरिए अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में उनके साथ यह वाकया हुआ।

​”पुलिस ने गला पकड़ा और जबरन ले जाने लगे”

​नईम हसन ने पुलिसकर्मियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार:

​जब उनका ऑटो लालखान बाजार इलाके से गुजर रहा था, तब पुलिसकर्मियों ने उसे चेकिंग के लिए रोका।

​नईम का आरोप है कि पुलिसकर्मी शुरुआत से ही बेहद आक्रामक व्यवहार कर रहे थे।

​हद तो तब हो गई जब पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उनका गला पकड़ा और जबरन दूसरे ऑटो में बैठाकर थाने ले जाने की कोशिश करने लगे।

​नेशनल क्रिकेटर बताने पर भी नहीं माने पुलिसकर्मी

​घटना के वक्त मौके पर स्थानीय लोग और नईम के कुछ समर्थक इकट्ठा हो गए। लोगों ने पुलिस को बार-बार चिल्लाकर बताया कि नईम बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्रिकेटर हैं, लेकिन आरोप है कि खाकी के रौब में पुलिसकर्मियों ने किसी की एक न सुनी। काफी हंगामे के बाद, 13 जून की तड़के नईम को छोड़ा गया, जिसके बाद वह अपने घर पहुंच सके।

​चटगांव पुलिस कमिश्नर पहुंचे क्रिकेटर के घर, सख्त कार्रवाई का भरोसा

​जैसे ही यह खबर मीडिया और सोशल मीडिया पर फैली, पूरे बांग्लादेश में क्रिकेट फैंस और आम जनता के बीच भारी नाराजगी देखने को मिली।

​इन पर गिरी गाज: पुलिस विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए सब-इंस्पेक्टर (SI) मोहम्मद शफीकुल इस्लाम भुइयां, कांस्टेबल मोहम्मद रासेल चौधरी और एक अन्य पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।

​कमिश्नर की मुलाकात: विवाद की गंभीरता को देखते हुए चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस के कमिश्नर शौकत अली खुद नईम हसन के घर पहुंचे और उनके व परिवार से मुलाकात की।

​कमिश्नर शौकत अली ने मीडिया से कहा, “शुरुआती जांच में ऐसा साफ लग रहा है कि पुलिसकर्मियों ने सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी कर्मियों के खिलाफ विभागीय और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नईम को पूरा न्याय मिलेगा।”

​”अगर लोग न होते, तो बात और बढ़ जाती” – नईम हसन

​घटना के बाद सहमे हुए नईम हसन ने मीडिया से बातचीत में अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा:

​”उस वक्त पुलिस का व्यवहार देखकर मैं काफी डर गया था। मैं समझ नहीं पा रहा था कि मेरी गलती क्या है। मैं स्थानीय लोगों और अपने समर्थकों का शुक्रिया अदा करता हूँ, जो उस वक्त वहाँ मौजूद थे। अगर वे लोग बीच-बचाव नहीं करते, तो मामला और भी गंभीर हो सकता था।”

​निष्कर्ष: इस घटना ने बांग्लादेश में पुलिसिया व्यवहार और वीआईपी सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद दोषियों को क्या सजा मिलती है।

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