फीफा वर्ल्ड कप 2026: स्कॉटलैंड ने रचा इतिहास, हैती को 1-0 से हराकर खत्म किया 36 साल का लंबा इंतजार
फीफा वर्ल्ड कप 2026: स्कॉटलैंड ने रचा इतिहास, हैती को 1-0 से हराकर खत्म किया 36 साल का लंबा इंतजार
स्पोर्ट्स डेस्क:
फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) में स्कॉटलैंड की पुरुष फुटबॉल टीम ने एक नया इतिहास रच दिया है। बोस्टन के प्रसिद्ध गिलेट स्टेडियम में खेले गए ग्रुप-सी के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में स्कॉटलैंड ने हैती को 1-0 से मात देकर वर्ल्ड कप इतिहास में अपनी यादगार जीत दर्ज की।
टीम की इस जीत के हीरो स्टार खिलाड़ी जॉन मैकगिन रहे, जिन्होंने पहले हाफ में एक शानदार गोल दागा, जो अंत तक निर्णायक साबित हुआ। खास बात यह है कि स्कॉटलैंड वर्ष 1998 के बाद पहली बार मेन्स फुटबॉल वर्ल्ड कप में खेल रहा है और इतनी लंबी अवधि के बाद वापसी करते हुए टीम ने धमाकेदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की है।
1990 के बाद मिली पहली वर्ल्ड कप जीत
स्कॉटलैंड के लिए यह जीत कई मायनों में बेहद खास है। यह साल 1990 के बाद फीफा वर्ल्ड कप के मंच पर स्कॉटलैंड की पहली जीत है। इससे पहले टीम ने 1990 के वर्ल्ड कप में स्वीडन को 2-1 से शिकस्त दी थी। उसके बाद से फैंस को वर्ल्ड कप मैच में जीत के लिए पूरे 36 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा, जो अब जाकर खत्म हुआ है।
पहले हाफ में जॉन मैकगिन का धमाका और ऐतिहासिक रिकॉर्ड
मैच की शुरुआत दोनों टीमों की ओर से बेहद आक्रामक रही। शुरुआती मिनटों में हैती और स्कॉटलैंड दोनों ने एक-दूसरे के गोल पोस्ट पर लगातार हमले किए।
शुरुआती मौके: मैच के सातवें मिनट में स्कॉटिश कप्तान स्कॉट मैकटॉमिने का एक हेडर क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया, जबकि कुछ देर बाद उनका एक और दमदार शॉट सीधे पोस्ट से टकराकर वापस आ गया।
निर्णायक गोल (29वां मिनट): मैच के 29वें मिनट में चे एडम्स ने एक लंबी गेंद को खूबसूरती से कंट्रोल करते हुए बेन गैनन-डोक की तरफ पास बढ़ाया। उनके क्रॉस को हालांकि हैती के डिफेंडर ने रोक दिया, लेकिन बॉक्स के ठीक बाहर मुस्तैद खड़े जॉन मैकगिन ने रिबाउंड पर एक जोरदार कड़क शॉट लगाया। गेंद हैती के डिफेंडर से हल्की सी डिफ्लेक्ट (टकराकर) हुई और गोलकीपर जॉनी प्लासिड को छकाते हुए सीधे नेट के भीतर जा धंसी।
जॉन मैकगिन ने तोड़ा 44 साल पुराना रिकॉर्ड
इस गोल को दागते ही जॉन मैकगिन ने स्कॉटलैंड के फुटबॉल इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया। 31 साल और 238 दिन की उम्र में गोल करके वह फीफा वर्ल्ड कप में स्कॉटलैंड के लिए गोल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महान खिलाड़ी केनी डैलग्लिश का 1982 (न्यूजीलैंड के खिलाफ) का रिकॉर्ड तोड़ा, जब केनी ने 31 साल और 103 दिन की उम्र में गोल किया था।
हैती का पलटवार, पर स्कॉटिश डिफेंस रहा अभेद्य
एक गोल से पिछड़ने के बाद हैती की टीम ने वापसी के लिए अपनी पूरी जान लगा दी। हाइड्रेशन ब्रेक के बाद हैती को गोल करने के कुछ बेहतरीन मौके मिले।
गोलकीपर की मुस्तैदी: हैती के रूबेन प्रोविडेंस ने शानदार रन बनाते हुए एक लो-शॉट दागा, जिसे स्कॉटलैंड के गोलकीपर एंगस गन शुरुआत में पूरी तरह ग्रिप नहीं कर पाए। बॉक्स के अंदर कुछ सेकेंड्स के लिए अफरा-तफरी मची, लेकिन स्कॉटिश डिफेंडर्स ने सूझबूझ दिखाते हुए गेंद को क्लियर कर खतरा टाल दिया।
दूसरा हाफ: दूसरे हाफ में भी मुकाबला बराबरी का रहा। स्कॉटलैंड के पास अपनी बढ़त को 2-0 करने का सुनहरा मौका था, लेकिन जॉन मैकगिन दबाव के चलते दूसरा गोल करने से चूक गए। मैच के आखिरी मिनटों तक हैती ने बराबरी का गोल दागने के लिए कई मूव बनाए, लेकिन वे स्कॉटलैंड के मजबूत डिफेंस को भेदने में पूरी तरह नाकाम रहे।
ग्रुप-सी में टॉप पर पहुंचा स्कॉटलैंड
रेफरी की अंतिम व्हिसल बजते ही स्कॉटिश खेमा और स्टेडियम में मौजूद उनके फैंस खुशी से झूम उठे। इस ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण 1-0 की जीत के बाद स्कॉटलैंड की टीम 3 अंक हासिल कर ग्रुप-सी की अंक तालिका में शीर्ष (Top) पर पहुंच गई है।
