देश में अचानक बंद हुई फोन पर आने वाली ‘इमरजेंसी अलर्ट’ सेवा; NDMA की एडवाइजरी के बाद सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस सस्पेंड
देश में अचानक बंद हुई फोन पर आने वाली ‘इमरजेंसी अलर्ट’ सेवा; NDMA की एडवाइजरी के बाद सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस सस्पेंड
राष्ट्रीय डेस्क, नई दिल्ली:
देश में आपदा और आपातकालीन स्थितियों के दौरान मोबाइल फोन पर तेज बीप और वाइब्रेशन के साथ आने वाले इमरजेंसी अलर्ट (Emergency Alerts) अब कुछ समय के लिए सुनाई नहीं देंगे। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की ओर से जारी एक नई एडवाइजरी के बाद देश में सेल ब्रॉडकास्ट (Cell Broadcast – CB) सेवा को अस्थायी रूप से सस्पेंड (Suspended) कर दिया गया है।
शुक्रवार को जारी हुई इस एडवाइजरी के बाद शनिवार को संबंधित अधिकारियों ने इस फैसले की आधिकारिक पुष्टि की। प्रशासन के मुताबिक, यह कदम पूरी तरह से एक एहतियाती उपाय (Precautionary Measure) के तौर पर उठाया गया है और आगामी आदेश तक यह निलंबन लागू रहेगा।
क्यों संवेदनशील है यह फैसला?
सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम को भारतीय आपदा प्रबंधन का एक मजबूत और सबसे भरोसेमंद ‘पब्लिक वार्निंग मैकेनिज्म’ माना जाता है।
सीधा संपर्क: इसके जरिए सरकार किसी भी बड़ी आपदा (जैसे चक्रवात, भूकंप, बाढ़) या सुरक्षा संकट के समय एक साथ लाखों मोबाइल यूजर्स के स्क्रीन पर सीधे जरूरी सूचनाएं और चेतावनी फ्लैश करती है।
सस्पेंशन की वजह पर सस्पेंस: अधिकारियों ने इस सेवा को अचानक रोकने के पीछे के सटीक और वास्तविक कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं किया है, जिससे बाजार और तकनीकी हलकों में इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
नेटवर्क ठप होने पर भी काम करता है आपातकाल का यह ‘ब्रह्मास्त्र’
सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक आम एसएमएस (SMS) या इंटरनेट आधारित मैसेजिंग से बिल्कुल अलग और कहीं अधिक एडवांस है:
बिना इंटरनेट के अलर्ट: इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क की भीड़ (Congestion) या इंटरनेट कनेक्टिविटी के बिना भी रियल-टाइम में काम करता है।
संकट का साथी: जब किसी आपदा के समय मोबाइल टावर आंशिक रूप से प्रभावित या ठप हो जाते हैं, तब भी सेल ब्रॉडकास्ट सीधे चुनिंदा भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Areas) के सभी चालू मोबाइलों तक तुरंत पहुंच जाता है।
ऑपरेशनल प्रोटोकॉल की हो रही है समीक्षा
अधिकारियों ने आम जनता को आश्वस्त करते हुए साफ किया है कि यह निलंबन पूरी तरह से अस्थायी (Temporary) है।
आगे की योजना: वर्तमान में प्रशासन और तकनीकी टीमें इस पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली और इसके ऑपरेशनल प्रोटोकॉल (Operational Protocol) की गहराई से समीक्षा कर रही हैं। इस कसरत का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब इस सेवा को भविष्य में दोबारा बहाल किया जाए, तो यह पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, सटीक और प्रभावी साबित हो सके।
बहाली कब?
दूरसंचार ऑपरेटरों और संबंधित विभागों का कहना है कि एनडीएमए (NDMA) से हरी झंडी और अगले दिशा-निर्देश मिलते ही इस सेवा को देश भर में फिर से एक्टिवेट कर दिया जाएगा। तब तक के लिए सुरक्षा और सूचनाओं के अन्य वैकल्पिक माध्यमों का उपयोग जारी रहेगा।
