उत्तराखंड

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बेजुबान पशुओं के साथ क्रूरता: वायरल वीडियो के बाद प्रशासन सख्त, 950 संचालकों पर एक्शन

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बेजुबान पशुओं के साथ क्रूरता: वायरल वीडियो के बाद प्रशासन सख्त, 950 संचालकों पर एक्शन

​उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इन दिनों पूरे उफान पर है, लेकिन इसके साथ ही केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग से एक दर्दनाक सच्चाई भी सामने आ रही है। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को ले जाने वाले घोड़े और खच्चरों जैसे बेजुबान जानवरों के साथ होने वाली क्रूरता, ओवरलोडिंग और बदसलूकी के कई मामले सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर इन घटनाओं के वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भारी रोष है, जिसके बाद उत्तराखंड के पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

​21 किमी कठिन मार्ग पर अमानवीय व्यवहार और भारी ओवरलोडिंग

​चारधाम यात्रा के तहत अब तक करीब 32 लाख 87 हजार से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं, जिनमें से अकेले केदारनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 11 लाख 58 हजार से अधिक है। गौरीकुंड से केदारनाथ तक का 21 किलोमीटर लंबा पैदल मार्ग बेहद कठिन और सीधी चढ़ाई वाला है। इस चढ़ाई को पार करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु घोड़े-खच्चर और पालकी का सहारा लेते हैं।

​हाल ही में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर प्रियंका त्यागी सहित कई लोगों ने यात्रा मार्ग के वीडियो साझा किए हैं। इन वीडियो में देखा जा सकता है कि 100 किलो से अधिक वजन वाले यात्रियों को भी खच्चरों पर बैठाया जा रहा है। चढ़ाई के दौरान थककर धीमे होने पर इन बेजुबानों को लाठियों से बेरहमी से पीटा जाता है। सोशल मीडिया पर एक मृत खच्चर की तस्वीर भी सामने आई है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

​अब तक 16 खच्चरों की मौत, 950 संचालकों पर गिरी गाज

​आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, केदारनाथ धाम में वर्तमान में 8,512 घोड़े-खच्चर और करीब 7,865 डंडी-कंडी व पालकी संचालक पंजीकृत हैं। पशु क्रूरता की शिकायतें और वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है:

​कार्रवाई की जद में संचालक: नियमों का उल्लंघन करने और पशुओं के साथ बेरहमी बरतने पर अब तक करीब 950 संचालकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

​मुकदमा दर्ज: बेहद गंभीर मामलों में 4 संचालकों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा (FIR) भी दर्ज किया है।

​पशुओं की मौत: इस यात्रा सीजन में अब तक 16 खच्चरों की मौत हो चुकी है, जिसका मुख्य कारण ‘कोलिक’ (पेट दर्द) बताया गया है, जो अत्यधिक थकान और सही खान-पान न मिलने के कारण होता है।

​पशुपालन मंत्री की सख्त गाइडलाइन: दिन में लगेगा सिर्फ एक चक्कर

​बढ़ते मामलों को देखते हुए पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने घोड़े-खच्चर संचालन के लिए एक नई और सख्त गाइडलाइन जारी की है:

​टास्क फोर्स का गठन: केदारनाथ मार्ग पर नजर रखने के लिए 50 सदस्यीय और यमुनोत्री मार्ग के लिए 10 सदस्यीय विशेष टास्क फोर्स तैनात की गई है, जो पशुओं के साथ दुर्व्यवहार को रोकेगी।

​फेरों पर पाबंदी: अब कोई भी घोड़ा या खच्चर दिनभर में केवल एक ही चक्कर (राउंड) लगाएगा, ताकि उन्हें पर्याप्त आराम मिल सके।

​मेडिकल फिटनेस अनिवार्य: बिना पशु चिकित्सकों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र के किसी भी जानवर को यात्रा मार्ग पर चलाने की अनुमति नहीं होगी।

​शाम को होगी ठहराव स्थलों की जांच

​रुद्रप्रयाग के डिप्टी चीफ वेटरिनरी ऑफिसर डॉ. राजीव गोयल ने बताया कि सोशल मीडिया पर आने वाले हर वीडियो की बारीकी से जांच की जा रही है कि वह वर्तमान का है या पुराना। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सकों की टीमें प्रतिदिन मार्ग पर निरीक्षण करती हैं। इसके अलावा, शाम के समय घोड़ों के ठहराव स्थलों (तबेले/पड़ाव) पर जाकर भी उनकी स्थिति जांची जा रही है, ताकि किसी भी घायल या बीमार पशु का तुरंत इलाज किया जा सके। अब पशुओं की ऊंचाई और क्षमता के आधार पर ही उन पर ले जाए जाने वाले वजन की सीमा तय की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *