पहली ही बारिश में खुली पोल: केदारनाथ हाईवे पर करोड़ों के सुरक्षा कार्य ढहे, रामपुर बाजार पर बढ़ा भू-धंसाव का खतरा
पहली ही बारिश में खुली पोल: केदारनाथ हाईवे पर करोड़ों के सुरक्षा कार्य ढहे, रामपुर बाजार पर बढ़ा भू-धंसाव का खतरा
केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामपुर बाजार के समीप स्थित संवेदनशील भू-धंसाव जोन में करोड़ों रुपये की लागत से किए गए सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मानसून की दस्तक से पहले हुई पहली ही बारिश ने निर्माण कार्यों की पोल खोलकर रख दी है। मार्च-अप्रैल (2026) के महीने में ही बनकर तैयार हुआ सुरक्षा कार्य का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे मिट्टी धंसने के साथ ही क्रेट वायर भी ढह गया। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों में कार्यदायी संस्था और विभाग के खिलाफ भारी नाराजगी है।
बाल-बाल बचे वाहन, टला बड़ा हादसा
रामपुर बाजार के समीप पिछले दो वर्षों से अधिक समय से भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा कार्य किए जा रहे हैं। जून के प्रथम सप्ताह में हुई इस पहली बारिश के कारण जब सड़क किनारे की मिट्टी धंसी, तो वहां कुछ वाहन पार्क थे। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, हालांकि वाहनों के पहिए मलबे और मिट्टी में धंस गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया।
ग्रामीणों का आरोप: भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे करोड़ों रुपये
स्थानीय जनता का आरोप है कि सरकार द्वारा करोड़ों रुपये स्वीकृत किए जाने के बावजूद धरातल पर टिकाऊ काम नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं:
लगातार दूसरी बार नाकामी: ग्रामीणों के अनुसार, ठीक एक वर्ष पूर्व भी नदी किनारे बनाई गई सुरक्षा दीवार पहली ही बरसात में बह गई थी। अब नए कार्यों का भी यही हश्र हुआ है।
मुख्य राजमार्ग को खतरा: पूर्व ग्राम प्रधान (न्यालसू) प्रमोद सिंह रावत ने चेतावनी देते हुए कहा, “संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण जनता और केदारनाथ यात्रियों की जान जोखिम में है। यदि तुरंत प्रभावी परमानेंट ट्रीटमेंट नहीं किया गया, तो यह भू-धंसाव मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) की सड़क को अपनी चपेट में ले लेगा, जिससे पूरी यात्रा ठप हो सकती है।”
निष्पक्ष जांच की मांग: स्थानीय व्यवसायी संदीप सिंह रावत ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहली ही बारिश में क्रेट वायर का ढह जाना गंभीर चिंता का विषय है। यदि इस भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो रामपुर बाजार का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
विभाग का पक्ष: मरम्मत के निर्देश जारी
मामला तूल पकड़ने और स्थानीय स्तर पर बढ़ते आक्रोश के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) विभाग भी हरकत में आया है। एनएच विभाग के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि क्षतिग्रस्त हिस्से की सूचना मिलते ही टीम को अलर्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा, “संबंधित अधिकारियों को क्षतिग्रस्त हिस्से का बारीकी से निरीक्षण करने और वहां तुरंत आवश्यक उपचार एवं मरम्मत कार्य (Patchwork/Repair) शुरू करने के सख्त निर्देश दे दिए गए हैं।”
अब देखना यह होगा कि विभाग केवल लीपापोती करता है या इस संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में कोई ठोस और सुरक्षित कदम उठाता है।
