अमेरिका-ईरान तनाव: ईरान ने खाड़ी देशों बहरीन और कुवैत पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें, मध्य पूर्व में क्षेत्रीय युद्ध का खतरा गहराया
अमेरिका-ईरान तनाव: ईरान ने खाड़ी देशों बहरीन और कुवैत पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें, मध्य पूर्व में क्षेत्रीय युद्ध का खतरा गहराया
वाशिंगटन/मनामा: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता गतिरोध अब एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की कगार पर पहुंच गया है। शनिवार को ईरान ने अमेरिकी सहयोगी खाड़ी देशों, बहरीन और कुवैत पर ताबड़तोड़ बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। यह हमला शुक्रवार देर रात अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा ईरान के तटीय रडार केंद्रों को तबाह करने और चार खतरनाक अटैक ड्रोन्स को मार गिराने की जवाबी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। इस ताजा सैन्य टकराव के बाद पिछले कई हफ्तों से पर्दे के पीछे चल रही शांति वार्ता पूरी तरह से बेपटरी हो गई है।
बहरीन और कुवैत पर 7 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला
अमेरिकी सैन्य कमान (CENTCOM) के अनुसार, ईरान ने बहरीन और कुवैत में स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए कुल 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी और सहयोगी देशों के उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इनमें से 6 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जबकि एक मिसाइल अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही क्रैश हो गई।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि उन्होंने क्षेत्र में मौजूद ‘दुश्मन के सैन्य ठिकानों’ को निशाना बनाया है। इस हमले के बाद बहरीन की राजधानी मनामा और कुवैत में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास हवाई हमले के सायरन गूंज उठे, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी अफरा-तफरी मच गई। बहरीन (जहां अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय है) ने इसे अपनी संप्रभुता पर सीधा आक्रमण बताया है, वहीं कुवैत ने इसे बेहद ‘खतरनाक स्तर का तनाव’ करार दिया है।
इजरायली हमले में लेबनानी जनरल समेत 3 सैनिकों की मौत
एक अन्य घटनाक्रम में, इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में एक संदिग्ध गाड़ी पर हमला करने की पुष्टि की है। लेबनानी सेना के मुताबिक, इस भीषण इजरायली हवाई हमले में उनके एक ब्रिगेडियर-जनरल, एक कैप्टन और एक सैनिक की मौत हो गई है। IDF का दावा है कि गाड़ी संदिग्ध रूप से उनकी ओर बढ़ रही थी, जिसकी जांच की जा रही है। हालांकि इजरायल का लेबनानी सरकार से सीधा टकराव नहीं है, लेकिन वह वहां सक्रिय ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह को निशाना बनाता रहा है। इस घटना ने क्षेत्र के तनाव को और अधिक जटिल बना दिया है।
ठंडे बस्ते में गई शांति वार्ता, आर्थिक प्रतिबंधों पर रार
अमेरिका और इजरायल के बीच करीब 100 दिन पहले शुरू हुए हमलों के बाद बीते 8 अप्रैल को जो अस्थायी युद्धविराम लागू हुआ था, वह अब पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी एयरस्ट्राइक को अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन और वॉशिंगटन का भड़काऊ रवैया बताया है। अमेरिका में आगामी मिड-टर्म चुनावों से ठीक पहले बढ़े इस तनाव ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और वैश्विक ऊर्जा बाजार (तेल-गैस आपूर्ति) को भी डगमगा दिया है।
इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मोहसेन रजाई ने अमेरिका के सामने कड़ा रुख अपनाते हुए शर्त रखी है कि बातचीत तभी आगे बढ़ेगी जब अमेरिका ईरान के फ्रीज (रोके गए) 24 अरब डॉलर तुरंत जारी करेगा। दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के सूत्रों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन इन ईरानी पैसों को जारी करने के बजाय, इनका इस्तेमाल बहरीन और कुवैत जैसे खाड़ी सहयोगियों को हुए नुकसान की भरपाई और पुनर्निर्माण के लिए करने की योजना बना रहा है।
