केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बड़ा हादसा: चीरबासा में पहाड़ी से गिरे पत्थर, घोड़ा संचालक की मौत, एक यात्री घायल; निर्माणाधीन मार्ग पूरी तरह प्रतिबंधित
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बड़ा हादसा: चीरबासा में पहाड़ी से गिरे पत्थर, घोड़ा संचालक की मौत, एक यात्री घायल; निर्माणाधीन मार्ग पूरी तरह प्रतिबंधित
रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा मार्ग पर शुक्रवार को एक हृदयविदारक हादसा हो गया। चीरबासा हेलीपैड के पास ऊपरी पहाड़ी से अचानक भारी पत्थर और मलबा गिरने के कारण एक स्थानीय घोड़ा संचालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि राजस्थान से आया एक तीर्थयात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद यात्रा मार्ग पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई।
इसके साथ ही, यात्रा के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए निर्माणाधीन भीमबली-गरुड़चट्टी-केदारनाथ पैदल मार्ग पर आवाजाही को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है।
चीरबासा हादसा: राहत और बचाव कार्य
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 2:54 बजे चीरबासा हेलीपैड के पास पहाड़ी से अचानक मलबे और पत्थरों की बौछार होने लगी, जिसकी चपेट में दो लोग आ गए। सूचना मिलते ही पुलिस, डीडीआरएफ (DDRF), वाईएमएफ (YMF), आपदा मित्र और सेक्टर अधिकारी गौरीकुंड की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं।
मृतक की पहचान: देवेश सिंह (23 वर्ष), निवासी ग्राम बड़ासू, जनपद रुद्रप्रयाग। देवेश केदारनाथ मार्ग पर घोड़ा संचालक के रूप में काम करता था।
घायल की पहचान: विष्णु, निवासी राजस्थान। संयुक्त बचाव दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल यात्री को प्राथमिक उपचार के लिए गौरीकुंड चिकित्सा केंद्र पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों की टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, केदारनाथ क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ों की ऊपरी ढलानें कमजोर हो गई हैं, जिससे पत्थर गिरने और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं।
भीमबली-गरुड़चट्टी-केदारनाथ पैदल मार्ग पूरी तरह बंद
हादसे के बाद रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी (DM) विशाल मिश्रा ने सुरक्षा के मद्देनजर निर्माणाधीन भीमबली-गरुड़चट्टी-केदारनाथ पैदल मार्ग पर तीर्थयात्रियों और आम जनता के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
प्रतिबंध के मुख्य कारण:
निर्माण कार्य: इस मार्ग पर अभी निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे यह उपयोग के योग्य नहीं है।
प्राकृतिक खतरा: संवेदनशील भौगोलिक परिस्थितियों और बारिश के कारण यहाँ ढलानों के खिसकने तथा पत्थर गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ था।
स्थानीय लोगों की चिंता: स्थानीय व्यापारियों और टेंट संचालकों ने भी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी और इस मार्ग को बंद करने की मांग की थी।
डीएम ने पुलिस विभाग, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और अधिशासी अभियंता डीडीएमए (DDMA) गुप्तकाशी को इस प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
बैरिकेडिंग और सुरक्षा बल होंगे तैनात
प्रतिबंधित मार्ग पर कोई भी यात्री अनजाने में या जानबूझकर प्रवेश न कर सके, इसके लिए मजबूत बैरिकेडिंग करने और चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इस मार्ग पर पुलिस और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की संयुक्त टीमें तैनात रहकर निगरानी करेंगी।
मुख्य मार्ग से यात्रा सुचारू:
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल निर्माणाधीन मार्ग को बंद किया गया है। मुख्य यात्रा मार्ग—गौरीकुंड-रामबाड़ा-लिनचोली-केदारनाथ मार्ग से केदारनाथ यात्रा बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से जारी है।
प्रशासन की अपील:
प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को सर्वोपरि रखें, संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न रुकें और केवल अधिकृत व सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें।
