विश्व पर्यावरण दिवस: भीमताल झील के सौंदर्यीकरण के लिए सीएम धामी ने की पौधारोपण की शुरुआत, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रोपे पौधे
विश्व पर्यावरण दिवस: भीमताल झील के सौंदर्यीकरण के लिए सीएम धामी ने की पौधारोपण की शुरुआत, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रोपे पौधे
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भीमताल में आयोजित ‘झील सौंदर्यीकरण अभियान’ में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भीमताल झील के किनारे बोगनबेलिया के पौधे लगाकर इस विशेष पौधारोपण अभियान की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री ने इस अभियान को एक अभिनव प्रयास बताते हुए कहा कि देश-विदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाली इन झीलों का संरक्षण और संवर्धन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रोपे गए पौधे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ से प्रेरणा लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भीमताल में अपनी पूज्य माता जी श्रीमती बिसना देवी के नाम से एक बोगनबेलिया का पौधा रोपित किया।
मुख्यमंत्री के साथ-साथ प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इस अभियान के तहत अपनी माताओं के नाम पर पौधे लगाए:
रामसिंह कैड़ा (कैबिनेट मंत्री – शहरी विकास व पर्यावरण): अपनी स्वर्गीय माता श्रीमती रेवती देवी की स्मृति में।
दीपक रावत (कुमाऊं आयुक्त व सचिव मुख्यमंत्री): अपनी पूज्य माता श्रीमती सावित्री रावत के नाम पर।
ललित मोहन रयाल (जिलाधिकारी): अपनी पूज्य माता श्रीमती उमा देवी रयाल के नाम पर।
तेजस्विनी अरविंद पाटील (मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं): अपनी स्वर्गीय माता श्रीमती मीना अरविंद पाटील की स्मृति में।
अरविंद कुमार पाण्डे (मुख्य विकास अधिकारी): अपनी पूज्य माता श्रीमती नागिन्दी पाण्डे के नाम पर।
नितीश मणी त्रिपाठी (वन संरक्षक): अपनी पूज्य माता श्रीमती नीलम मणी त्रिपाठी के नाम पर।
पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत
उपस्थित जनसमूह को पर्यावरण दिवस की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति, लोकपर्व और जीवनशैली का प्रकृति के साथ हमेशा से गहरा जुड़ाव रहा है। उन्होंने पर्यावरण को बचाने के लिए सामाजिक और सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री का जनता से आह्वान:
“इस आगामी मानसून सीजन में प्रदेश का प्रत्येक नागरिक अधिक से अधिक पौधारोपण करे। इसके साथ ही पौधों की देखभाल, जल स्रोतों के संरक्षण, नदियों व सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने और प्लास्टिक का उपयोग कम करने के लिए सक्रिय भागीदारी निभाए।”
