कार्लीगाड़ पुनर्वास: देहरादून जिलाधिकारी के नेतृत्व में 15 दिन में मलबा हटाने का लक्ष्य
कार्लीगाड़ पुनर्वास: देहरादून जिलाधिकारी के नेतृत्व में 15 दिन में मलबा हटाने का लक्ष्य
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद सहस्त्रधारा के आपदाग्रस्त क्षेत्र कार्लीगाड़ में राहत, पुनर्वास और सुरक्षा कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री द्वारा इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने के बाद, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के नेतृत्व में जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुट गया है। प्रशासन ने अगले 15 दिनों के भीतर क्षेत्र से मलबा हटाने, नदी के चैनलाइजेशन और प्रभावितों के पुनर्वास कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
कैबिनेट मंत्री और जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण
विगत दिवस जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्थानीय विधायक व कैबिनेट मंत्री के साथ कार्लीगाड़ क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और राहत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि क्षेत्र में जमा भारी मलबे को आगामी 15 दिनों के भीतर हटाया जाए और भविष्य में होने वाले नुकसान से बचने के लिए मलबे का वैज्ञानिक तरीके से चैनलाइजेशन (मार्ग निर्धारण) किया जाए।
जोखिम वाले क्षेत्रों से शिफ्ट होंगे परिवार
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए निर्देश दिए हैं कि जोखिम वाले क्षेत्रों में रह रहे परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित (शिफ्ट) किया जाए। इसके साथ ही, प्रभावित परिवारों के स्थायी पुनर्वास के लिए जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए गए हैं।
मशीनरी, मैनपॉवर और संसाधनों में भारी बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में मैनपॉवर और मशीनों की संख्या में व्यापक वृद्धि की है:
खनन विभाग: मलबा हटाने के काम में तेजी लाने के लिए 2 अतिरिक्त पोकलेन और जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं, जबकि डंपरों की संख्या बढ़ाकर 7 कर दी गई है।
सिंचाई विभाग: नदी के प्रवाह को व्यवस्थित करने और चैनलाइजेशन के लिए 2 अतिरिक्त पोकलेन मशीनें काम पर लगाई गई हैं।
पहले की स्थिति: जिला प्रशासन द्वारा कार्लीगाड़ में पहले से ही 2 पोकलेन, जेसीबी और डंपर तैनात कर राहत कार्य चलाए जा रहे थे, लेकिन अब संसाधनों को दोगुना कर काम की रफ्तार बढ़ा दी गई है।
भविष्य के खतरों को कम करने की प्रतिबद्धता
देहरादून जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र की निरंतर निगरानी की जा रही है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित माहौल मिल सके और भविष्य में इस तरह की आपदाओं के खतरों को न्यूनतम किया जा सके।
