फीफा का बड़ा फैसला: वर्ल्ड कप शुरू होने से ठीक एक सप्ताह पहले स्टेडियम नियमों में बदलाव, पानी की बोतलें ले जाने पर लगा प्रतिबंध
फीफा का बड़ा फैसला: वर्ल्ड कप शुरू होने से ठीक एक सप्ताह पहले स्टेडियम नियमों में बदलाव, पानी की बोतलें ले जाने पर लगा प्रतिबंध
ज्यूरिख/वॉशिंगटन: फीफा ने वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत से ठीक एक सप्ताह पहले स्टेडियम के सुरक्षा नियमों में एक बहुत बड़ा बदलाव किया है। नए अपडेट के मुताबिक, अब टूर्नामेंट के दौरान दर्शक किसी भी स्टेडियम में दोबारा इस्तेमाल होने वाली (Reusable) प्लास्टिक की पानी की बोतलें अपने साथ लेकर नहीं जा सकेंगे। फीफा प्रशासन का कहना है कि यह कड़ा फैसला खिलाड़ियों, अधिकारियों और मैच देखने आने वाले लाखों दर्शकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
गौरतलब है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 का भव्य आयोजन 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको के विभिन्न शहरों में संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
पिछले महीने के नियम को फीफा ने पूरी तरह बदला
दिलचस्प बात यह है कि पिछले महीने जारी किए गए ‘स्टेडियम कोड ऑफ कंडक्ट’ में फीफा ने खाली और पारदर्शी प्लास्टिक की बोतलों को स्टेडियम में ले जाने की मंजूरी दी थी। उस समय जारी गाइडलाइंस में कहा गया था कि दर्शक एक लीटर तक की खाली व पारदर्शी बोतलें अपने साथ ला सकते हैं और स्टेडियम के अंदर वाटर स्टेशनों से पानी भर सकते हैं। हालांकि, अब टूर्नामेंट शुरू होने से ऐन पहले फीफा ने इस नियम को पूरी तरह से पलट दिया है।
आधिकारिक गाइडलाइन (क्लॉज 3.1.11) में क्या लिखा है?
आधिकारिक स्टेडियम कोड ऑफ कंडक्ट के क्लॉज 3.1.11 के अनुसार:
”बोतलें, कप, जार, कैन या कोई भी बंद या ढक्कन वाला बर्तन जिसे फेंकने से चोट लगने का खतरा हो, स्टेडियम के अंदर प्रतिबंधित हैं। इसके साथ ही कांच या किसी दूसरी टूटने वाली चीज, या खास तौर पर हार्ड पैकेज या हार्ड थर्मल बॉक्स लाने की अनुमति नहीं होगी। किसी भी प्रकार के संदेह से बचने के लिए यह साफ किया जाता है कि दोबारा इस्तेमाल होने वाली (Reusable) पानी की बोतलें भी स्टेडियम में नहीं लाई जा सकतीं।”
इसके अलावा, फीफा ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्टेडियम के अंदर शराब या अन्य किसी भी तरह के बाहरी पेय पदार्थ (ड्रिंक्स) ले जाने की अनुमति नहीं होगी। दर्शकों को केवल 100 मिलीलीटर तक का हैंड सैनिटाइजर ले जाने की छूट दी गई है। हालांकि, बच्चों के लिए दूध और आवश्यक मेडिकल कारणों से इस्तेमाल होने वाले तरल पदार्थों को विशेष शर्तों के साथ अंदर ले जाने की अनुमति दी जाएगी।
प्रशंसकों ने जताई चिंता, फीफा ने दिया कूलिंग सुविधाओं का भरोसा
फीफा के इस अचानक लिए गए फैसले के बाद दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर चिंता व्यक्त की है। वर्ल्ड कप के कई मैच ऐसे अमेरिकी और मेक्सिकन शहरों में खेले जाने हैं, जहां जून और जुलाई के महीनों में भीषण गर्मी पड़ती है और तापमान काफी अधिक रहता है। ऐसे में प्रशंसकों का मानना है कि पानी की बोतलें साथ न ले जाने देने से उन्हें डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
फैंस की इस चिंता पर सफाई देते हुए फीफा ने भरोसा दिलाया है कि दर्शकों की सुविधा के लिए हर स्टेडियम और मेजबान शहर में व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। संगठन ने बताया कि सभी स्टेडियमों के आसपास पर्याप्त मात्रा में मिस्टिंग स्टेशन, बड़े पंखे, हाइड्रेशन स्टेशन, कूलिंग टेंट और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि दर्शकों को गर्मी से राहत मिल सके। फीफा ने यह भी साफ किया कि स्टेडियम के अंदर बिकने वाले पानी की कीमतें बहुत ज्यादा नहीं होंगी, बल्कि वहां आयोजित होने वाले अन्य सामान्य बड़े आयोजनों के स्तर पर ही रखी जाएंगी। फीफा का दावा है कि सुरक्षा और जनसुविधा के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए यह सख्त कदम उठाना जरूरी था।
