उत्तराखंड

अपनी जान पर खेलकर बस चालक ने बचाई 34 यात्रियों की जिंदगी; लोहाघाट में बड़ा हादसा टला, ड्राइवर की पहिए के नीचे आने से मौत

अपनी जान पर खेलकर बस चालक ने बचाई 34 यात्रियों की जिंदगी; लोहाघाट में बड़ा हादसा टला, ड्राइवर की पहिए के नीचे आने से मौत

​चंपावत (लोहाघाट): उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक बेहद भावुक और वीर चालक की बहादुरी की खबर सामने आई है। बुधवार, 3 जून की सुबह धारचूला से टनकपुर जा रही उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) की एक बस लोहाघाट क्षेत्र के रायकोट महर स्थित कैल बकरियां मंदिर के पास अचानक अनियंत्रित हो गई। बस चालक ने अपनी जान की परवाह न करते हुए सूझबूझ दिखाई और बस को गहरी खाई में गिरने से बचा लिया। इस जांबाजी में बस में सवार सभी 34 यात्रियों की जान तो सुरक्षित बच गई, लेकिन यात्रियों को जीवनदान देने वाला चालक खुद काल के गाल में समा गया।

​पहाड़ी से टकराई बस, दरवाजा खुलने से नीचे गिरे चालक

​यात्रियों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बुधवार सुबह जब रोडवेज की यह बस कैल बकरियां मंदिर के पास एक खतरनाक मोड़ पर पहुंची, तो उसमें अचानक कोई गंभीर तकनीकी खराबी (संभावित ब्रेक या स्टीयरिंग फेलियर) आ गई।

​खाई की तरफ जाने से रोका: स्थिति की गंभीरता और सामने दिख रही गहरी खाई को भांपते हुए चालक बेनीराम थ्वाल ने तत्परता दिखाई। उन्होंने बस को खाई की ओर जाने से रोकने के लिए तुरंत दाहिनी तरफ यानी पहाड़ी की दिशा में मोड़ दिया।

​पहिए के नीचे आने से मौत: बस पहाड़ी की साइड से जैसे ही टकराई, जोरदार झटके के कारण चालक की तरफ का दरवाजा अचानक खुल गया। संतुलन बिगड़ने से चालक बेनीराम सीट से सीधे नीचे सड़क पर गिर पड़े और दुर्भाग्यवश चलती बस का पहिया उनके ऊपर चढ़ गया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

​बस चालक का विवरण

​नाम: बेनीराम थ्वाल

​निवासी: ग्राम बडोली, चंपावत (उत्तराखंड)

​कार्य: चालक, उत्तराखंड परिवहन निगम

​34 यात्री पूरी तरह सुरक्षित, दूसरी बस से भेजे गए आगे

​लोहाघाट के तहसीलदार मोइद्दीन और पुलिस-प्रशासन की टीम ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को हटाया और चालक के शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

​धीरज वर्मा (एजीएम, उत्तराखंड परिवहन निगम) का बयान:

“बस में कुल 34 यात्री सवार थे। चालक की सूझबूझ से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, केवल एक महिला को मामूली खरोंच आई है। सभी यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए तुरंत दूसरी बस की व्यवस्था की गई। शुरुआती जांच में हादसा ब्रेक या स्टीयरिंग फेल होने की वजह से लग रहा है, लेकिन असली कारण तकनीकी जांच रिपोर्ट (Fitness Report) आने के बाद ही साफ होगा।”

​रोडवेज बसों की फिटनेस और खस्ताहाली पर भड़के लोग

​इस दुखद घटना के बाद जहां पूरे चंपावत और लोहाघाट क्षेत्र में दिवंगत चालक बेनीराम की शहादत को नमन किया जा रहा है, वहीं परिवहन निगम के खिलाफ स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों और स्थानीय संगठनों का कहना है कि पहाड़ों पर चलने वाली रोडवेज बसों की नियमित तकनीकी जांच और मेंटेनेंस नहीं की जाती है, जिसके कारण आए दिन यात्रियों की जान जोखिम में रहती है। लोगों ने इस पूरे हादसे की निष्पक्ष जांच कराने, खस्ताहाल बसों को रूट से हटाने और चालक के पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा व सहायता देने की मांग की है।

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