ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई का 3 दिवसीय अंतिम संस्कार कार्यक्रम घोषित: 2 करोड़ लोगों के जुटने की उम्मीद, मशहद में होंगे सुपुर्द-ए-खाक
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई का 3 दिवसीय अंतिम संस्कार कार्यक्रम घोषित: 2 करोड़ लोगों के जुटने की उम्मीद, मशहद में होंगे सुपुर्द-ए-खाक
तेहरान/न्यूयॉर्क: अमेरिकी और इजरायली हमलों में जान गंवाने वाले ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार (Ayatollah Ali Khamenei funeral) के लिए तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, यह भव्य कार्यक्रम उनकी मृत्यु के कई महीनों बाद आयोजित किया जा रहा है। ईरानी सरकारी मीडिया ने मंगलवार को इस जनाजे से जुड़ी पूरी योजना और विवरण सार्वजनिक किया, जिसमें करीब 2 करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
तीन शहरों में निकलेंगे जुलूस, मुहर्रम की शुरुआत में होगा आयोजन
ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी (IRIB) के अनुसार, तेहरान के सांस्कृतिक और सामाजिक मामलों के उपमहापौर मोहम्मद अमीन तवाकोली-जादेह ने बताया कि “शहीद इमाम” के विदाई समारोह और दफन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
तीन दिन का कार्यक्रम: ईरान के तीन प्रमुख शहरों—तेहरान, क़ोम और मशहद में तीन दिनों तक सार्वजनिक कार्यक्रम और विशाल जुलूस निकाले जाएंगे।
संभावित तारीख: हालांकि अधिकारियों ने किसी निश्चित तारीख का ऐलान नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह आयोजन इस्लामिक कैलेंडर के पहले महीने ‘मुहर्रम’ की शुरुआत में हो सकता है, जो जून के मध्य में पड़ेगा।
तेहरान से मशहद तक का सफर और अंतिम विश्राम स्थल
तेहरान में 24 घंटे की विदाई: राजधानी तेहरान में अंतिम यात्रा कम से कम 24 घंटे तक चलेगी। इसके लिए तेहरान का ‘मुसल्ला’ (ग्रैंड प्रेयर्स हॉल) और इस्लामी गणराज्य के संस्थापक इमाम खुमैनी का मकबरा दो संभावित मुख्य स्थान चुने गए हैं।
पवित्र शहरों की यात्रा: तेहरान के बाद खामेनेई के पार्थिव शरीर को पवित्र शहर क़ोम और फिर वहां से मशहद ले जाया जाएगा, जहां इसी तरह के शोक समारोह आयोजित होंगे।
अंतिम विश्राम स्थल: उच्च अधिकारियों की सिफारिशों के आधार पर आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई को अंततः मशहद शहर में स्थित इमाम रज़ा (अ.स.) की पवित्र दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक (दफन) किया जाएगा। यहां भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और कश्मीर क्षेत्र से बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
इस्लामी परंपरा के विपरीत क्यों हुई इतनी देरी?
सामान्यतः इस्लामी परंपरा के अनुसार, किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के कुछ ही दिनों के भीतर उसका अंतिम संस्कार कर दिया जाता है। लेकिन खामेनेई के मामले में इसमें कई महीनों की देरी हुई:
28 फरवरी को हुई थी मौत: अमेरिकी और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के दौरान 28 फरवरी को 86 वर्षीय आयतुल्लाह खामेनेई अपने घर पर हुए हमले में मारे गए थे।
सुरक्षा और व्यवस्था बनी चुनौती: मार्च की शुरुआत में ईरानी अधिकारियों ने अत्यधिक जनसैलाब उमड़ने की संभावना और सुरक्षा व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए अंतिम संस्कार को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया था।
खामेनेई की मौत के साथ ही ईरान के सुप्रीम लीडर के रूप में उनका तीन दशकों से भी लंबा कार्यकाल समाप्त हो गया है। अब उनके बेटे आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया उत्तराधिकारी (सुप्रीम लीडर) चुना गया है।
