मध्य पूर्व में फिर बढ़ा भारी तनाव: ईरान ने कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर दागीं मिसाइलें, अमेरिका का पलटवार
मध्य पूर्व में फिर बढ़ा भारी तनाव: ईरान ने कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर दागीं मिसाइलें, अमेरिका का पलटवार
वाशिंगटन/तेहरान: मध्य पूर्व (Middle East) में ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की स्थिति एक बार फिर बेहद गंभीर हो गई है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार को जानकारी दी कि उसने पड़ोसी देशों पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की एक बड़ी सीरीज को ‘सफलतापूर्वक विफल’ कर दिया है। इसके तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने आत्मरक्षा में कार्रवाई करते हुए ईरान के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘केशम द्वीप’ पर जोरदार पलटवार किया है।
अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल हमले किए नाकाम
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, ईरान ने क्षेत्रीय खाड़ी देशों की तरफ कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिन्हें रास्ते में ही ध्वस्त कर दिया गया:
कुवैत पर हमला: कुवैत स्थित अमेरिकी ठिकानों पर दागी गई दो ईरानी मिसाइलें या तो अपने लक्ष्य से चूक गईं या उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया गया।
बहरीन पर हमला: बहरीन की ओर दागी गई तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को अमेरिकी और बहरीनी वायु रक्षा बलों (Air Defense Forces) ने तत्परता दिखाते हुए बीच में ही रोक दिया।
अमेरिका की जवाबी कार्रवाई: केशम द्वीप पर हमला
मिसाइल हमलों के जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) के पास स्थित ईरान के केशम द्वीप पर बमबारी की। अमेरिकी सेना के मुताबिक, निशाना विशेष रूप से द्वीप पर स्थित एक ईरानी सैन्य जमीनी नियंत्रण स्टेशन (Military Ground Control Station) था, जिसके पास एक वाटर प्लांट भी मौजूद है।
क्यों फिर भड़की युद्ध की चिंगारी?
ईरान की अर्धसरकारी समाचार एजेंसियों ‘फार्स’ और ‘तसनीम’ के अनुसार, यह ताजा टकराव तब शुरू हुआ जब ईरान ने अमेरिका और इजराइल के साथ चल रही संघर्ष विराम (Ceasefire) बढ़ाने की मध्यस्थता वार्ता को अचानक बंद कर दिया। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि बातचीत अभी भी जारी है। लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस वार्ता के टूटने की खबरों ने आग में घी का काम किया है।
📊 ईरान-US संघर्ष: अब तक क्या-क्या हुआ?
क्षेत्र में जारी इस बड़े संकट के प्रमुख घटनाक्रम इस प्रकार हैं:
शुरुआत (28 फरवरी): अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर सैन्य हमले शुरू किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने जवाबी कार्रवाई की।
अमेरिकी ठिकानों पर हमला: ईरान और इराक के ईरान-समर्थक समूहों ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया। बहरीन की राजधानी मनामा में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े (5th Fleet) के मुख्यालय, प्रमुख तेल रिफाइनरियों और एल्युमिनियम संयंत्रों पर हमले किए गए।
जलमार्ग की नाकेबंदी: 40 दिनों तक चले भीषण संघर्ष के दौरान ईरान ने दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया। जवाब में अमेरिका ने भी इस स्ट्रेट पर नाकेबंदी कर दी थी।
अस्थायी युद्धविराम (8 मई): दोनों पक्षों के बीच 8 मई को एक अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनी थी और ‘इस्लामाबाद टॉक्स’ के जरिए स्थायी शांति की कोशिशें शुरू हुईं, जो विफल साबित हो रही हैं।
ताजा हमले: हाल ही में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दक्षिणी ईरान के गोरुक शहर और केशम द्वीप पर स्थित ईरानी रडार व ड्रोन नियंत्रण केंद्रों को निशाना बनाया था, जिसके बाद ईरान ने मंगलवार को कुवैत-बहरीन पर मिसाइलें दागकर दोबारा युद्ध छेड़ दिया है।
