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बिना बिजली के कमरा ठंडा करेगा यह अनोखा AC: जानें क्या है सऊदी अरब के वैज्ञानिकों की ‘NESCOD’ टेक्नोलॉजी

बिना बिजली के कमरा ठंडा करेगा यह अनोखा AC: जानें क्या है सऊदी अरब के वैज्ञानिकों की ‘NESCOD’ टेक्नोलॉजी

​नई दिल्ली: भीषण गर्मी के इस दौर में जहां भारी-भरकम बिजली बिल लोगों को परेशान करता है, वहीं वैज्ञानिकों ने एक ऐसा एयर कंडीशनर (AC) तैयार किया है जिसे चलाने के लिए बिजली की बिल्कुल जरूरत नहीं होगी। विज्ञान के खास सिद्धांतों पर काम करने वाला यह एसी महज 20 मिनट में चिलचिलाती गर्मी से राहत दे सकता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह तकनीक 45 डिग्री सेल्सियस की बाहरी गर्मी में भी कमरे को पूरी तरह ठंडा रखने में सक्षम है।

​क्या है बिना बिजली वाला AC (NESCOD)?

​सऊदी अरब के वैज्ञानिकों ने बिना बिजली से चलने वाले इस विशेष एसी को NESCOD (नो इलेक्ट्रिसिटी एंड सस्टेनेबल कूलिंग ऑन डिमांड – No Electricity and Sustainable Cooling on Demand) नाम दिया है। इस अनूठी तकनीक के बारे में रिसर्च ‘रॉयल सोसाइटी ऑफ कैमिस्ट्री’ के जर्नल में प्रकाशित हुई है। लैब टेस्ट के आंकड़ों के मुताबिक, यह बिना बिजली वाला एसी 191 वॉट प्रति स्क्वायर मीटर की क्षमता से कूलिंग प्रदान कर सकता है।

​एंडोथर्मिक रिएक्शन (Endothermic Reaction) पर आधारित तकनीक

​यह एसी पूरी तरह से विज्ञान के एक सरल सिद्धांत पर काम करता है:

​कूलिंग प्रोसेस: जब अमोनियम नाइट्रेट को पानी में घोला जाता है, तो एक एंडोथर्मिक (ऊष्माशोषी) रासायनिक प्रतिक्रिया होती है। यह प्रतिक्रिया आसपास के वातावरण में मौजूद गर्म हवा को तेजी से सोखकर उसे ठंडा कर देती है।

​तापमान में भारी गिरावट: रिसर्च के अनुसार, यह प्रक्रिया इतनी प्रभावी है कि मात्र 20 मिनट के भीतर कमरे का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 3.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

​3D सोलर रीजेनरेटर से लगातार मिलेगी कूलिंग

​इस एसी को लगातार चालू रखने के लिए बिजली की जगह धूप, पानी और अमोनियम नाइट्रेट की आवश्यकता होती है। इसके काम करने का तरीका बेहद दिलचस्प है:

​एसी में एक 3D सोलर रीजेनरेटर लगा होता है।

​पानी और अमोनियम नाइट्रेट का घोल जब कमरे को ठंडा कर देता है, तो सोलर रीजेनरेटर सूरज की धूप का इस्तेमाल करके इस घोल को गर्म करता है और पानी को भाप बना देता है।

​पानी के भाप बनकर उड़ने के बाद ठोस अमोनियम नाइट्रेट दोबारा बच जाता है।

​इस बचे हुए अमोनियम नाइट्रेट को फिर से पानी में घोलकर कूलिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह चक्र पूरे दिन लगातार बिना रुके चलता रहता है।

​भविष्य में बिजली संकट और खर्च से मिलेगी राहत

​आमतौर पर घरों में एसी और फ्रिज चलाने के लिए भारी मात्रा में बिजली की खपत होती है, जिससे पावर डिस्काम (DISCOM) पर बिजली उत्पादन का दबाव लगातार बढ़ रहा है। NESCOD तकनीक पर आधारित यह एसी भविष्य की बिजली खपत और कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम कर सकता है। इससे न सिर्फ आम उपभोक्ताओं के पैसे बचेंगे, बल्कि बची हुई बिजली का उपयोग अन्य जरूरी कार्यों के लिए किया जा सकेगा।

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