सीमांत नीति घाटी में ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का भव्य आगाज; देशभर से पहुंचे 933 धावक, फिट इंडिया को मिलेगी नई उड़ान
सीमांत नीति घाटी में ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का भव्य आगाज; देशभर से पहुंचे 933 धावक, फिट इंडिया को मिलेगी नई उड़ान
चमोली (उत्तराखंड): चमोली जिले की खूबसूरत और सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण नीति घाटी में रविवार (31 मई 2026) को ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का शानदार आगाज हुआ। उत्तराखंड पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना और आईटीबीपी (ITBP) के सहयोग से आयोजित इस तीन दिवसीय अनोखे खेल महोत्सव में देश के 28 राज्यों से आए 933 धावक हिस्सा ले रहे हैं। 2 जून तक चलने वाले इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाना और युवाओं को फिटनेस के प्रति जागरूक करना है।
इस बड़े आयोजन का विधिवत शुभारंभ प्रदेश के कैबिनेट व जनपद प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने हरी झंडी (फ्लैग ऑफ) दिखाकर किया।
सीमांत गांव मजबूत होंगे और मिलेगा रोजगार— मंत्री भरत सिंह चौधरी
उद्घाटन के अवसर पर मुख्य अतिथि मंत्री भरत सिंह चौधरी ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘फिट इंडिया’ मुहिम को देश के अंतिम छोर के गांवों तक पहुंचाने का एक बेहतरीन जरिया बना है।
उन्होंने आगे कहा कि जब इन सीमांत गांवों में पर्यटन से जुड़ी गतिविधियां बढ़ेंगी, तो स्थानीय युवाओं को अपने ही घर में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इससे पलायन रुकेगा और देश की ‘द्वितीय रक्षा पंक्ति’ (Second Line of Defence) कहे जाने वाले ये सीमांत गांव और अधिक मजबूत व आत्मनिर्भर बनेंगे।
पहले दिन का रोमांच: 75 किमी और 42 किमी की कठिन रेस
जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने प्रतियोगिता के प्रारूप की जानकारी देते हुए बताया कि अत्यधिक ऊंचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच धावकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है:
75 किलोमीटर अल्ट्रा रन: पहले दिन आयोजित हुई सबसे कठिन ‘रिमखिम-नीति-मलारी’ 75 किमी रेस में कुल 117 जांबाज प्रतिभागियों ने अपनी ताकत और स्टैमिना का प्रदर्शन किया।
42 किलोमीटर अल्ट्रा रन: वहीं, ‘मलारी-नीति-मलारी’ के बीच हुई 42 किमी की मैराथन स्पर्धा में 118 धावकों ने हिस्सा लिया।
आगे के मुख्य आकर्षण:
पर्यटन अधिकारी ने बताया कि आने वाले दो दिनों में 5, 10 और 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा, इस खेल महोत्सव के समापन के अवसर पर गमसाली से मलारी के बीच एक रोमांचक ’30 किलोमीटर एमटीबी (माउंटेन टेरेन बाइकिंग) चैलेंज’ प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
मलारी गांव में लोकगायक किशन महिपाल ने बांधा समां
प्रतियोगिता शुरू होने से ठीक एक दिन पहले, शनिवार रात को पर्यटन विभाग की ओर से मलारी गांव में एक भव्य ‘सांस्कृतिक संध्या’ का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकगायक किशन महिपाल ने अपने बेहद लोकप्रिय पहाड़ी गीतों की प्रस्तुति देकर ठंड के मौसम में भी समां बांध दिया। देर रात तक चले इन पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देशभर से आए एथलीटों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने झूमते हुए उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रशासनिक और सैन्य अधिकारियों की रही गरिमामयी मौजूदगी
इस ऐतिहासिक आयोजन के गवाह बनने के लिए उत्तराखंड शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि नीति घाटी पहुंचे। इस मौके पर दर्जा राज्य मंत्री हरक सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल के साथ-साथ प्रदेश के गृह सचिव शैलेश बगोली, पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) डॉ. अभिषेक त्रिपाठी मौजूद रहे। साथ ही भारतीय सेना, आईटीबीपी के आला अधिकारियों, जवानों और सैकड़ों स्थानीय नागरिकों ने उपस्थित रहकर धावकों का हौसला बढ़ाया।
