जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि बने देश के तीसरे CDS; ‘जय’ (JAI) मंत्र के साथ संभाला कार्यभार
जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि बने देश के तीसरे CDS; ‘जय’ (JAI) मंत्र के साथ संभाला कार्यभार
नई दिल्ली: भारतीय सेना के बेहद सीनियर और तेज-तर्रार अधिकारी जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने रविवार (31 मई 2026) को देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के रूप में आधिकारिक तौर पर कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्हें नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में तीनों सेनाओं की ओर से औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। गढ़वाल रेजिमेंट के इस वरिष्ठ अधिकारी ने जनरल अनिल चौहान का स्थान लिया है, जो 30 मई 2026 को अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद सेवानिवृत्त (Retire) हो गए हैं।
कार्यभार संभालने के तुरंत बाद जनरल सुब्रमणि ने भारतीय सशस्त्र बलों के लिए अपना विजन साफ किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके नेतृत्व में सेना का प्रमुख फोकस ‘जय’ (JAI) पर रहेगा, जिसका अर्थ है— Jointness (जॉइंटनेस/त्रिसैन्य तालमेल), Aatmanirbharta (आत्मनिर्भरता) और Innovation (नवाचार)।
40 वर्षों का गौरवशाली करियर और कमान
जनरल सुब्रमणि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के पूर्व छात्र हैं। उन्हें 14 दिसंबर 1985 को गढ़वाल राइफल्स की 8वीं बटालियन में कमीशन दिया गया था। अपने 40 साल से अधिक के शानदार सैन्य करियर में उन्होंने विभिन्न संघर्ष क्षेत्रों, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण परिचालन माहौल में देश की सेवा की है:
उग्रवाद-रोधी अभियान: ‘ऑपरेशन राइनो’ के तहत असम में उग्रवाद-रोधी अभियानों के दौरान उन्होंने 16 गढ़वाल राइफल्स की कमान संभाली।
रणनीतिक मोर्चे: जम्मू-कश्मीर में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड और केंद्रीय सेक्टर में 17 माउंटेन डिवीजन का नेतृत्व किया।
स्ट्राइक कोर: उन्हें पश्चिमी मोर्चे पर तैनात भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक कोर ‘II कोर’ सहित दो कोर की कमान संभालने का अनूठा गौरव प्राप्त है।
हालिया महत्वपूर्ण नियुक्तियां और वैश्विक अनुभव
जनरल एनएस राजा सुब्रमणि की गिनती सेना के सबसे पढ़े-लिखे और रणनीतिक समझ रखने वाले अफसरों में होती है। उन्होंने यूके (UK) के जॉइंट सर्विसेज कमांड स्टाफ कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है। उनके पास किंग्स कॉलेज लंदन से मास्टर ऑफ आर्ट्स और मद्रास विश्वविद्यालय से डिफेंस स्टडीज में एम.फिल (M.Phil) की डिग्री है।
हाल के वर्षों में वे कई अहम पदों पर रहे:
सैन्य सलाहकार: 1 सितंबर 2025 से सीडीएस बनने तक वे राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार थे।
थलसेना उप-प्रमुख: 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक उन्होंने थलसेना के उप प्रमुख (VCOAS) के रूप में जिम्मेदारी निभाई।
कमान प्रमुख: मार्च 2023 से जून 2024 तक वे मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) रहे।
अंतरराष्ट्रीय अनुभव: वे कजाखस्तान में भारत के रक्षा अताशे (Defence Attaché) भी रह चुके हैं।
शीर्ष सैन्य पदकों से सम्मानित
देश की सीमाओं की सुरक्षा और विशिष्ट सैन्य सेवा के लिए जनरल सुब्रमणि को राष्ट्रपति द्वारा कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मानों से नवाजा जा चुका है, जिनमें शामिल हैं:
परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM)
अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM)
सेना पदक (SM)
विशिष्ट सेवा पदक (VSM)
सीडीएस (CDS) पद का इतिहास
साल 2020 में केंद्र की मोदी सरकार ने थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर तालमेल, एकीकरण और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के पद का सृजन किया था। 1 जनवरी 2020 को जनरल बिपिन रावत देश के पहले सीडीएस बने थे, जिनका दिसंबर 2021 में एक हेलिकॉप्टर क्रैश में दुखद निधन हो गया था। उनके बाद जनरल अनिल चौहान ने इस पद की कमान संभाली थी और अब जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि इस सर्वोच्च सैन्य पद पर आसीन हुए हैं।
