IPL में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच बैलेंस बनाने के लिए सचिन तेंदुलकर ने दिए 3 बड़े सुझाव; जानिए क्या हैं क्रिकेट के भगवान की सलाह
IPL में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच बैलेंस बनाने के लिए सचिन तेंदुलकर ने दिए 3 बड़े सुझाव; जानिए क्या हैं क्रिकेट के भगवान की सलाह
मुंबई: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में पिछले कुछ सीजन से रनों की जैसी बरसात हो रही है, उसने क्रिकेट पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। अब इस टूर्नामेंट में 20 ओवरों में 200 रन बनना एक आम बात हो गई है, और पहले बल्लेबाजी करते हुए इतना बड़ा स्कोर बनाने के बाद भी कोई भी टीम खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती। आईपीएल की पाटा पिचें अक्सर बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग साबित होती हैं, जिससे गेंदबाजों की भूमिका बेहद मुश्किल हो गई है।
बल्ले और गेंद के बीच इसी संतुलन को वापस लाने के लिए ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को तीन बेहद अहम और क्रांतिकारी सुझाव दिए हैं। सचिन का मानना है कि अगर इन नियमों को लागू किया गया, तो आईपीएल के मैच और भी ज्यादा रोमांचक हो जाएंगे।
1. ‘इम्पैक्ट प्लेयर रूल’ को तुरंत हटाया जाए
सचिन तेंदुलकर का साफ मानना है कि टी-20 क्रिकेट से ‘इम्पैक्ट प्लेयर नियम’ को पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए। मुंबई में आयोजित एक अवॉर्ड्स कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि इस नियम की वजह से खेल का असल संतुलन बिगड़ रहा है। चूंकि टी-20 मैच पहले से ही सिर्फ 20 ओवर का बेहद छोटा फॉर्मेट है, ऐसे में इस नियम के आने से टीमों को अपनी बैटिंग लाइनअप में एक अतिरिक्त (8वें या 9वें नंबर पर) बल्लेबाज शामिल करने की छूट मिल जाती है। इससे बल्लेबाज बिना किसी डर के खुलकर शॉट खेलते हैं, जिससे पहले से ही दबाव झेल रहे गेंदबाजों की चुनौतियां और ज्यादा बढ़ जाती हैं।
2. पावरप्ले को दो अलग-अलग फेज में बांटा जाए
सचिन ने दूसरा दिलचस्प सुझाव पावरप्ले को लेकर दिया है। उनका कहना है कि पारंपरिक 6 ओवर के पावरप्ले को एक साथ करवाने के बजाय दो हिस्सों में बांट देना चाहिए:
पहला फेज (4 ओवर): मैच की शुरुआत में पहले 4 ओवर का पावरप्ले हो, जिसमें मौजूदा नियम के तहत 30-यार्ड सर्कल के बाहर सिर्फ 2 फील्डर्स रहेंगे।
दूसरा फेज (2 ओवर): बचे हुए 2 ओवर कब करवाने हैं, इसका पूरा फैसला फील्डिंग टीम के कप्तान पर छोड़ दिया जाए। कप्तान मैच की परिस्थिति के हिसाब से मिडिल ओवरों या डेथ ओवरों में कभी भी इन 2 ओवरों का इस्तेमाल कर सकता है। खास बात यह होगी कि इन 2 ओवरों के दौरान फील्डिंग टीम को रिंग के बाहर एक अतिरिक्त फील्डर यानी कुल 3 फील्डर्स रखने की अनुमति दी जाए, जिससे कप्तान रनों की रफ्तार पर लगाम कस सके।
3. मुख्य गेंदबाज को 5 ओवर फेंकने का मिले मौका
मौजूदा नियमों के मुताबिक, टी-20 मैच में एक गेंदबाज अधिकतम 4 ओवर ही फेंक सकता है। सचिन तेंदुलकर चाहते हैं कि इसमें बदलाव करके इसे 5 ओवर कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने इसके पीछे तर्क देते हुए कहा कि जब टीम का सबसे बेहतरीन बल्लेबाज पूरे 20 ओवर तक क्रीज पर रहकर बल्लेबाजी कर सकता है, तो टीम के सबसे मुख्य और इन-फॉर्म गेंदबाज को भी मैच में एक अतिरिक्त ओवर डालने का अधिकार मिलना चाहिए। इससे मैच का स्तर और रोमांच दोनों बढ़ेगा, क्योंकि दर्शक हमेशा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच की टक्कर देखना पसंद करते हैं।
