हिमाचल नगर निगम चुनाव: BJP ने मारी बाजी, 4 में से 3 निगमों पर किया कब्जा; कांग्रेस को सिर्फ पालमपुर में मिली राहत
हिमाचल नगर निगम चुनाव: BJP ने मारी बाजी, 4 में से 3 निगमों पर किया कब्जा; कांग्रेस को सिर्फ पालमपुर में मिली राहत
शिमला: हिमाचल प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता का ‘सेमीफाइनल’ माने जा रहे चार नगर निगमों के चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रचंड जीत हासिल की है। सूबे की सत्ता पर काबिज कांग्रेस सरकार को बड़ा झटका देते हुए बीजेपी ने मंडी, धर्मशाला और सोलन नगर निगमों में स्पष्ट बहुमत के साथ परचम लहराया है। वहीं, सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को एकमात्र पालमपुर नगर निगम में ही अपनी साख बचाने में कामयाबी मिली है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, इन चार नगर निगमों के कुल 63 वार्डों में से 37 वार्डों पर बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस के खाते में 23 सीटें आईं। इसके अलावा, 3 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। बता दें कि इन निकायों के लिए 17 मई को वोट डाले गए थे और नतीजों की घोषणा रविवार (31 मई) को की गई।
बीजेपी का गद्गद् संदेश: ‘विकास और सुशासन की जीत’
इस बड़ी सफलता को बीजेपी ने प्रदेश में विकास और सुशासन की जीत बताया है। हिमाचल प्रदेश बीजेपी ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि नगर निगम चुनावों में 4 में से 3 नगर निगमों में मिली यह सफलता भाजपा के कर्मठ कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के आशीर्वाद का प्रतिफल है। भाजपा की यह प्रचंड जीत विकास और सुशासन की जीत है। हिमाचल की जनता ने कांग्रेस सरकार की राजनीति को नकारते हुए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर एक बार फिर अटूट विश्वास जताया है।
चारों नगर निगमों के चुनाव नतीजों का पूरा विश्लेषण
1. मंडी नगर निगम (BJP का क्लीन स्वीप):
मंडी में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगुवाई वाली कांग्रेस का पूरी तरह सूपड़ा साफ हो गया। यहां की 14 सीटों में से 12 पर बीजेपी के उम्मीदवारों ने एकतरफा जीत दर्ज की। कांग्रेस केवल ‘नेला’ वार्ड में ही अपना खाता खोल पाई, जबकि खलियार वार्ड से कांग्रेस की बागी अलकनंदा हांडा ने निर्दलीय चुनाव जीतकर पूर्व बीजेपी जिला अध्यक्ष को मात दी।
2. धर्मशाला नगर निगम (पहली बार BJP का राज):
धर्मशाला की 17 सीटों में से बीजेपी ने 11 पर कब्जा जमाकर ऐतिहासिक जीत हासिल की। कांग्रेस यहां सिर्फ 5 सीटों पर सिमट गई और 1 सीट निर्दलीय के खाते में गई। स्थानीय बीजेपी नेताओं के मुताबिक, यह जीत राज्य सरकार की कर्मचारी, युवा और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता का स्पष्ट जनादेश है।
3. सोलन नगर निगम (बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के क्षेत्र में बड़ी बढ़त):
कड़े मुकाबले की उम्मीदों के बीच सोलन की 17 सीटों में से 10 पर बीजेपी ने कब्जा कर मेयर और डिप्टी मेयर की कुर्सी सुरक्षित कर ली। यहां कांग्रेस को 6 सीटों से संतोष करना पड़ा, जबकि 1 सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी जीता। यह परिणाम बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के लिए बड़ा बूस्ट माना जा रहा है।
4. पालमपुर नगर निगम (कांग्रेस को मिली राहत):
चारों निगमों में से पालमपुर ही एकमात्र ऐसा क्षेत्र रहा, जहां कांग्रेस ने अपना दबदबा बनाए रखा। स्थानीय विधायक आशीष बुटेल के गढ़ में कांग्रेस ने 15 में से 11 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल की और बीजेपी को महज 4 सीटों पर ही रोक दिया।
वोटिंग का रिकॉर्ड:
17 मई को राज्य के इन चारों नगर निगमों में स्थानीय सरकार चुनने के लिए मतदाताओं में खासा उत्साह देखा गया था और कुल 63.65% मतदान दर्ज हुआ था। इसमें पालमपुर में सबसे अधिक और सोलन में सबसे कम वोटिंग हुई थी। ये नतीजे अगले साल होने वाले हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के दृष्टिकोण से दोनों ही मुख्य दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
