अभिषेक बनर्जी पर हमला: ‘वे मुझे मारना चाहते थे’ बनाम ‘यह जनता का आक्रोश है’; टीएमसी-बीजेपी में तीखी जंग
अभिषेक बनर्जी पर हमला: ‘वे मुझे मारना चाहते थे’ बनाम ‘यह जनता का आक्रोश है’; टीएमसी-बीजेपी में तीखी जंग
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में शनिवार शाम को हुई एक घटना के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ितों से मिलने पहुंचे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले को लेकर सूबे का सियासी पारा चरम पर है। इस घटना के बाद टीएमसी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। टीएमसी ने जहां इसे बीजेपी की सोची-समझी और प्रायोजित साजिश करार दिया है, वहीं बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अभिषेक बनर्जी के ‘अहंकार’ के खिलाफ जनता का स्वाभाविक गुस्सा बताया है।
’ये जनता का गुस्सा है, हमारा कोई हाथ नहीं’ — बीजेपी का पलटवार
टीएमसी द्वारा बीजेपी पर उंगली उठाए जाने के बाद, पश्चिम बंगाल की बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल ने बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया है। उन्होंने इस घटना के लिए सीधे तौर पर अभिषेक बनर्जी की राजनीति और उनके व्यवहार को जिम्मेदार ठहराया।
अग्निमित्रा पॉल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
”अभिषेक बनर्जी के साथ जो कुछ भी हुआ, उसके जिम्मेदार वह खुद हैं। यह एक तरफ पिछले 15 साल का पुलिसिया अत्याचार है और दूसरी तरफ शाहजहां शेख जैसे लोगों का आतंक। यह सब अभिषेक बनर्जी का अहंकार है। आपने देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री तक को गालियां दीं। आज जो सड़कों पर दिख रहा है, वह सिर्फ और सिर्फ जनता का गुस्सा है। पिछले 15 सालों से आप खुद को भगवान समझ रहे थे। आज आप पर अंडे और जूते फेंके जा रहे हैं, लोग आपके घर के सामने थूक रहे हैं। राजनीति में हार-जीत चलती रहती है, लेकिन हम ऐसी राजनीति नहीं करते जहां लोग हमें जूतों की माला पहनाएं। इस स्थिति के लिए आप खुद जिम्मेदार हैं क्योंकि आपको लगता था कि आपको कोई छू भी नहीं सकता। इस घटना में बीजेपी का कोई हाथ नहीं है, क्योंकि उस इलाके के 36 में से 35 वार्डों पर खुद टीएमसी का ही दबदबा है।”
’मुझे जान से मारना चाहते थे, मैं कोर्ट जाऊंगा’ — अभिषेक बनर्जी
कथित हमले के बाद अभिषेक बनर्जी को तुरंत कोलकाता के बेले व्यू अस्पताल (Belle Vue Hospital) ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल से ही अभिषेक बनर्जी ने इस घटना को खुद की हत्या की साजिश बताते हुए केंद्र और राज्य के विपक्षी दल पर निशाना साधा।
अभिषेक बनर्जी ने कहा:
”वे मुझे जान से मारना चाहते थे। यह पूरी तरह से बीजेपी द्वारा प्रायोजित हमला है और यह पूरी घटना कैमरे में भी कैद हो गई है। हम निश्चित रूप से इस गंभीर मामले को कलकत्ता हाईकोर्ट और राज्यपाल के संज्ञान में लाएंगे। मैं इस तानाशाही के खिलाफ कोर्ट का रुख करूंगा। चुनाव खत्म हुए अभी एक महीना भी नहीं हुआ है और कानून-व्यवस्था का यह हाल है कि पुलिस कहीं नजर ही नहीं आ रही है। यह लोकतंत्र का कैसा उदाहरण है?”
’अस्पतालों और डॉक्टरों को दी जा रही है धमकी’ — ममता बनर्जी
घटना की खबर मिलते ही टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी बेले व्यू अस्पताल पहुंचीं और अभिषेक बनर्जी का हालचाल जाना। अस्पताल से बाहर आकर उन्होंने न केवल हमलावरों, बल्कि पुलिस प्रशासन और सत्ता में बैठे लोगों को भी आड़े हाथों लिया।
ममता बनर्जी ने बेहद गंभीर दावा करते हुए कहा:
”जो लोग आज सत्ता के नशे में चूर हैं, वे अस्पतालों और स्थानीय प्रशासन को लगातार धमका रहे हैं ताकि अभिषेक बनर्जी को अस्पताल में भर्ती न किया जाए। वे नहीं चाहते कि उनका सही तरीके से इलाज हो। जब मैं खुद अस्पताल के प्रशासक के साथ बैठी थी, तो उन्होंने मुझे बताया कि उनके पास पुलिस के बड़े अधिकारियों के धमकी भरे फोन आ रहे हैं। डॉक्टर इलाज करना चाहते हैं और वे दुखी हैं, लेकिन उन पर ऊपर से भारी राजनीतिक दबाव डाला जा रहा है। यह अमानवीयता की पराकाष्ठा है।”
