गाजियाबाद एनकाउंटर: सूर्या चौहान हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद ढेर, रोते हुए मां बोलीं- ‘बाकियों का भी ऐसा ही हश्र हो’
गाजियाबाद एनकाउंटर: सूर्या चौहान हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद ढेर, रोते हुए मां बोलीं- ‘बाकियों का भी ऐसा ही हश्र हो’
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। खोड़ा इलाके में हुए चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को यूपी पुलिस ने एक मुठभेड़ (Encounter) में मार गिराया है। बकरीद के दिन सरेराह 17 वर्षीय छात्र सूर्या चौहान की चाकुओं से गोदकर बेरहमी से की गई हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया था। वारदात को अंजाम देने के बाद से ही मुख्य आरोपी असद फरार चल रहा था और उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था।
सूर्या की मौत के बाद से पीड़ित परिवार और विभिन्न हिंदूवादी संगठन लगातार सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और आरोपियों के एनकाउंटर की मांग कर रहे थे। इस वजह से पुलिस प्रशासन पर हत्यारों को पकड़ने का भारी दबाव था।
बाकियों का भी हो एनकाउंटर, चले बुलडोजर: बिलखते हुए बोली मां
असद के एनकाउंटर की खबर मिलने के बाद सूर्या चौहान की मां सरोज अपने आंसू नहीं रोक पाईं। उन्होंने रोते हुए अन्य आरोपियों के खिलाफ भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की मांग की।
सूर्या की मां ने कहा:
”मैंने अभी सिर्फ एक पापी के एनकाउंटर के बारे में सुना है, लेकिन मैं तसल्ली के लिए असद का मरा हुआ चेहरा अपनी आंखों से देखना चाहती हूं। मेरे बेटे को किसी एक ने नहीं, बल्कि सात लोगों ने मिलकर बेहद बेरहमी से काटा और मारा था। मेरी मांग है कि बाकी बचे सभी आरोपियों का भी ऐसा ही एनकाउंटर होना चाहिए और उन सभी के घरों पर योगी जी का बुलडोजर चलाया जाना चाहिए, तभी मेरे कलेजे को ठंडक मिलेगी।”
बकरीद के दिन ‘बकरा हलाल’ करने का ताना देकर मारी थी छुरियां
यह खौफनाक वारदात गाजियाबाद के थाना खोड़ा क्षेत्र के नवनीत विहार (लोकप्रिय विहार) में शर्मा डेयरी के पास हुई थी। कक्षा 11वीं का छात्र सूर्या चौहान जब अपने दोस्तों के साथ था, तभी आरोपी असद और उसके साथियों ने उसे घेर लिया।
पीड़ित पक्ष और दोस्तों के मुताबिक, आरोपियों ने सूर्या को विवाद के दौरान ताना मारते हुए कहा था, “तुमने कभी बकरा हलाल होते देखा है? आओ आज तुम्हें दिखाते हैं।” इसके बाद असद ने सूर्या के पेट में ताबड़तोड़ कई वार किए। लहुलूहान सूर्या जान बचाने के लिए करीब 200 मीटर तक भागा, लेकिन आरोपियों ने उसे दौड़ा-दौड़ा कर बेरहमी से गोदा। नोएडा के अस्पताल में इलाज के दौरान सूर्या ने दम तोड़ दिया था। इस सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
पुलिस की घेराबंदी तोड़कर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में ढेर
खोड़ा और इंदिरापुरम पुलिस की संयुक्त टीमें असद की तलाश में लगातार दबिश दे रही थीं। पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि असद इलाके से पूरी तरह फरार होने के लिए अपने किसी साथी से पैसे लेने खोड़ा-इंदिरापुरम बॉर्डर के पास आने वाला है।
घेराबंदी: सूचना के आधार पर पुलिस ने रात में ही बैरिकेडिंग लगाकर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया।
फायरिंग: इसी दौरान असद अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल पर आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो उसने बाइक रोकने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
मुठभेड़: असद की ओर से कई राउंड फायरिंग की गई, जिसमें एक पुलिस कांस्टेबल भी गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें असद गंभीर रूप से घायल हो गया।
मुठभेड़ के दौरान असद का दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस घायल असद को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके से असद की मोटरसाइकिल और वारदात में इस्तेमाल अवैध हथियार बरामद कर लिया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पूरे इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
पिता समेत तीन और आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी असद के पिता नवाब, फरहान और आतिफ को भी गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि वारदात से कुछ देर पहले मोटरसाइकिल चलाने को लेकर हुए विवाद के बाद पिता नवाब ने ही असद को उकसाते हुए कहा था कि “आज इसकी कहानी खत्म कर दे”, जिसके बाद इस पूरी वारदात को अंजाम दिया गया।
