केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मारपीट करने वालों पर रुद्रप्रयाग पुलिस का एक्शन: 5 घोड़ा-खच्चर संचालक हिरासत में, लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मारपीट करने वालों पर रुद्रप्रयाग पुलिस का एक्शन: 5 घोड़ा-खच्चर संचालक हिरासत में, लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी
रुद्रप्रयाग/सोनप्रयाग: केदारनाथ धाम यात्रा के पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं के बीच भय और अराजकता फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ रुद्रप्रयाग पुलिस ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। सोशल मीडिया पर लिंचोली क्षेत्र का एक मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 संदिग्ध घोड़ा-खच्चर संचालकों को हिरासत में ले लिया है। इसके साथ ही, इन आरोपियों के अश्व संचालन लाइसेंस (Horse Operation License) को हमेशा के लिए निरस्त करने हेतु रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेज दी गई है।
रुद्रप्रयाग पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि केदारनाथ यात्रा को हर हाल में सुरक्षित, व्यवस्थित और भयमुक्त बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अब तक 9.5 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं और यात्रा सुचारू रूप से चल रही है। ऐसे में यात्रा मार्ग पर हुड़दंग और अराजक गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, 23 मई 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें 4 से 5 लोग लाठी-डंडों के साथ आपस में बेरहमी से मारपीट करते दिखाई दे रहे थे। यह घटना केदारनाथ पैदल मार्ग के लिंचोली क्षेत्र की थी, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने कोतवाली सोनप्रयाग और पैदल यात्रा मार्ग की सभी चौकियों को आरोपियों की पहचान कर सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। चौकी प्रभारी गौरीकुंड द्वारा लगातार पूछताछ, वीडियो विश्लेषण और चिन्हीकरण के आधार पर गौरीकुंड घोड़ा पड़ाव क्षेत्र से संदिग्धों को दबोचा गया।
घोड़ों के टकराने और लेन-देन को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने कुबूल किया कि घोड़ों के आपस में टकराने और आपसी लेन-देन के विवाद को लेकर उनके बीच कहासुनी हुई थी, जो बाद में लाठी-डंडों की जंग में बदल गई। पुलिस के अनुसार, इस घटना से यात्रा मार्ग की शांति भंग हुई।
गौरीकुण्ड पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत शांति भंग करने की कार्रवाई की है। इसके अलावा, जिन मालिकों ने इन व्यक्तियों को अपने यहां काम पर रखा था, उन्हें भी कड़ी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में किसी भी कर्मचारी को बिना पुलिस वेरिफिकेशन (सत्यापन) के रोजगार न दिया जाए।
मारपीट में ये लोग थे शामिल:
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस मारपीट में दो अलग-अलग पक्ष शामिल थे:
प्रथम पक्ष:
दिनेश शाहू (पुत्र राधेश्याम शाहू, निवासी: पटेल नगर, देहरादून)
जसपाल सिंह (पुत्र सोहन सिंह, निवासी: रांवलेख, ऊखीमठ, रुद्रप्रयाग)
द्वितीय पक्ष:
अर्पित चन्द्रा (पुत्र विनोद चन्द्रा, निवासी: बिजनौर, उत्तर प्रदेश)
शैलेन्द्र सिंह (पुत्र हीरा सिंह, निवासी: सोनप्रयाग, रुद्रप्रयाग)
इनके साथ विशाल सिंह, मोहम्मद उवेश और मोहम्मद फरदीन भी मामले में संलिप्त पाए गए।
”केदारनाथ यात्रा से जुड़े सभी स्थानीय व्यवसायियों, घोड़ा-खच्चर संचालकों और मजदूरों से अपील है कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की मारपीट या अराजकता न करें। ऐसा कोई भी कृत्य जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा व्यवस्था प्रभावित होगी, उस पर कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
— नीहारिका तोमर, पुलिस अधीक्षक, रुद्रप्रयाग
