उत्तराखंड में मौसम का तांडव: तुंगनाथ-चोपता में आए भीषण तूफान में लखनऊ के दो सगे भाइयों की मौत, चमोली में उफान पर गदेरा
उत्तराखंड में मौसम का तांडव: तुंगनाथ-चोपता में आए भीषण तूफान में लखनऊ के दो सगे भाइयों की मौत, चमोली में उफान पर गदेरा
रुद्रप्रयाग/चमोली: उत्तराखंड के पहाड़ों में अचानक बदले मौसम के मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन और धार्मिक स्थल तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में शुक्रवार (29 मई 2026) की शाम आए तेज आंधी-तूफान के कारण अफरा-तफरी मच गई। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी दो सगे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
दूसरी ओर, चमोली जिले में हुई मूसलाधार बारिश के कारण एक स्थानीय बरसाती नाला (गदेरा) उफान पर आ गया, जिससे आसपास के इलाकों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया।
तुंगनाथ-चोपता में रेस्क्यू ऑपरेशन: युद्धस्तर पर बचाया गया लोगों को
रुद्रप्रयाग जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को शुक्रवार शाम करीब 4:17 बजे डायल 112 के माध्यम से रास्ते में कई यात्रियों के फंसने की सूचना मिली थी। प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए तत्काल जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (DDRF), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमों को मौके पर रवाना किया।
दुर्गम पहाड़ी रास्तों और लगातार खराब होते मौसम के बीच बचाव दलों ने साहस दिखाते हुए रेस्क्यू अभियान शुरू किया और फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित निकाला।
हादसे में हताहत हुए लोग
ऊखीमठ थाना प्रभारी मनोज नेगी के अनुसार, अचानक आए इस भीषण तूफान की चपेट में आने से निम्नलिखित लोग हताहत हुए:
मृतक: अभिषेक वाजपेई और अभिनव वाजपेई (दोनों सगे भाई, निवासी: लखनऊ, उत्तर प्रदेश। पिता: सजीत वाजपेई)। दोनों के शवों को पंचनामा और आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग भेजा गया है।
घायल: राजन मिश्रा (निवासी: लखनऊ) और शुभम शुक्ला (निवासी: उन्नाव, उत्तर प्रदेश)।
बचाव दल ने दोनों गंभीर घायलों को बेहद मुश्किल हालातों से बाहर निकाला और सरकारी वाहन की मदद से एंबुलेंस तक पहुंचाया, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ऊखीमठ में भर्ती कराया गया है।
”मौसम की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। सभी यात्रियों और पर्यटकों से अपील है कि खराब मौसम के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा करने से बचें और आपदा प्रबंधन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।”
— नंदन सिंह रजवार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, रुद्रप्रयाग
चमोली: नारायणबगड़ में मूसलाधार बारिश, उफान पर आया केवर गदेरा
रुद्रप्रयाग के साथ-साथ पड़ोसी जिले चमोली में भी दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली। तेज गर्जना और कड़कती बिजली के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने जहां लोगों को मैदानी जैसी भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं नारायणबगड़ बाजार के बीच से बहने वाला केवर गदेरा (बरसाती नाला) अचानक उफान पर आ गया।
महज कुछ ही मिनटों की बारिश में गदेरे का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि उसका मटमैला पानी नीचे बहने वाली पिंडर नदी में जा मिला। अचानक बढ़ते पानी को देखकर नारायणबगड़ बाजार के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि चमोली जिले से किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। इस बारिश का एक सकारात्मक पहलू यह भी रहा कि पिछले कई दिनों से उत्तराखंड के जंगलों में धधक रही आग काफी हद तक शांत हो गई है।
