Saturday, June 13, 2026
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अफगानिस्तान में बड़ा हादसा: पाकिस्तान से लौट रहे अफगान शरणार्थियों का ट्रक पलटा, 10 बच्चों और 5 महिलाओं सहित 18 की मौत

अफगानिस्तान में बड़ा हादसा: पाकिस्तान से लौट रहे अफगान शरणार्थियों का ट्रक पलटा, 10 बच्चों और 5 महिलाओं सहित 18 की मौत

​कापुल/लघमान: पूर्वी अफगानिस्तान के एक मुख्य राजमार्ग पर शनिवार (30 मई 2026) को एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। पड़ोसी देश पाकिस्तान से अपने वतन लौट रहे अफगान शरणार्थियों से भरा एक ओवरलोडेड ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस भीषण हादसे में कम से कम 18 शरणार्थियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 35 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मृतकों में सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं और बच्चों की है।

​शरणार्थियों के जबरन निष्कासन और पलायन के बीच हुए इस हादसे ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है। घटना के बाद से ही हाईवे पर चीख-पुकार मच गई, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने आनन-फानन में राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

​मृतकों में 10 मासूम बच्चे और 5 महिलाएं शामिल

​लघमान प्रांत के प्रांतीय राज्यपाल के प्रवक्ता अब्दुल मलिक नियाजई ने दुर्घटना की पुष्टि करते हुए विस्तृत जानकारी साझा की:

​कहां हुआ हादसा: यह दर्दनाक दुर्घटना लघमान प्रांत में राजधानी काबुल को नंगरहार प्रांत से जोड़ने वाले मुख्य और व्यस्त राजमार्ग पर हुई।

​हताहतों का आंकड़ा: हादसे में जान गंवाने वाले 18 लोगों में 10 बच्चे और 5 महिलाएं शामिल हैं।

​घायलों की स्थिति: दुर्घटना में घायल हुए 35 अन्य यात्रियों को तुरंत पास के नंगरहार प्रांत के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

​हादसे की खबर मिलते ही तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।

​क्यों वतन लौटने को मजबूर हैं ये शरणार्थी?

​यह दुखद हादसा उस बड़े मानवीय संकट का हिस्सा है, जिससे पिछले कुछ सालों से लाखों अफगान नागरिक जूझ रहे हैं:

​पाकिस्तान की सख्त कार्रवाई: पाकिस्तान सरकार ने साल 2023 के अंत में देश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी प्रवासियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया था। तब से लेकर अब तक पाकिस्तान लाखों अफगान शरणार्थियों को या तो जबरन निर्वासित (Deport) कर चुका है या उन्हें देश छोड़ने पर मजबूर कर दिया है।

​ईरान का भी दबाव: पाकिस्तान के साथ-साथ पड़ोसी देश ईरान ने भी हाल के समय में अफगान प्रवासियों को अपने देश से निकालने की प्रक्रिया को काफी तेज कर दिया है।

​लाखों लोगों का पलायन: इन दोनों देशों की सख्ती के कारण अब तक लाखों अफगान नागरिक अपने मूल देश लौटने को विवश हुए हैं। इनमें से कई लोग ऐसे भी हैं जिनका जन्म पाकिस्तान या ईरान में हुआ था और जिन्होंने वहां दशकों तक रहकर मजदूरी और व्यापार किया था, लेकिन अब उन्हें खाली हाथ बेहद असुरक्षित साधनों (जैसे ट्रकों और डंपरों) में ठंसकर वापस आना पड़ रहा है।

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