ट्रंप ने सिचुएशन रूम में ईरान शांति समझौते पर कोई फैसला नहीं लिया, ईरान बोला “कूटनीति के साथ विश्वासघात”
ट्रंप ने सिचुएशन रूम में ईरान शांति समझौते पर कोई फैसला नहीं लिया, ईरान बोला “कूटनीति के साथ विश्वासघात”
वाशिंगटन/तेहरान, 30 मई 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में दो घंटे से अधिक समय तक अपनी नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ बैठक की, लेकिन ईरान के साथ प्रस्तावित शांति समझौते या युद्धविराम विस्तार पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया। इस पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “कूटनीति के साथ विश्वासघात” करार दिया है।
क्या हुआ बैठक में?
ट्रंप ने बैठक से पहले ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा था कि वे “final determination” (अंतिम फैसला) लेने जा रहे हैं। समझौते के मुख्य मुद्दे थे:
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना
ईरान के संवर्धित यूरेनियम स्टॉक को नष्ट करना
परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करना
अमेरिकी नाकेबंदी हटाना
बैठक समाप्त होने के बाद व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि कोई घोषणा नहीं की गई। ट्रंप अभी भी कुछ “रेड लाइन” (लाल रेखा) पर अड़े हुए हैं, जिनमें ईरान से पूर्ण परमाणु समर्पण शामिल है।
ईरान का तीखा पलटवार
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि कोई अंतिम समझौता (Memorandum of Understanding) अभी तक नहीं हुआ है। उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाते हुए कहा कि वाशिंगटन “कूटनीति के साथ विश्वासघात” कर रहा है। ईरान ने स्पष्ट किया कि बातचीत जारी है, लेकिन ट्रंप प्रशासन की अतिरिक्त मांगों के कारण कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
पृष्ठभूमि
फरवरी 2026 में शुरू हुए अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान संघर्ष में हजारों लोग मारे जा चुके हैं।
अप्रैल में अस्थायी युद्धविराम हुआ, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहने से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई।
हाल के दिनों में ट्रंप ने “लार्जली नेगोशिएटेड” (लगभग तय) समझौते का दावा किया था, लेकिन ईरान ने इसे खारिज कर दिया।
बाजारों पर असर
कोई फैसला न आने से तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है। समझौते की उम्मीद में पहले कीमतें घटी थीं, लेकिन अब अनिश्चितता वापस लौट आई है।
अपडेट: अभी तक ट्रंप प्रशासन की ओर से कोई नई घोषणा नहीं आई है। दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत (मुख्य रूप से पाकिस्तान और अन्य मध्यस्थों के जरिए) जारी बताई जा रही है।
स्थिति नाजुक बनी हुई है। आगे की कोई भी घोषणा युद्धविराम को मजबूत कर सकती है या नई तनाव की शुरुआत कर सकती है।
