आसमान से आई राहत की खबर: INSAT-3DS सैटेलाइट ने कैद किया 2500 KM में फैले बादलों का झुंड; दिल्ली-NCR, यूपी और एमपी में आंधी-बारिश का अलर्ट
आसमान से आई राहत की खबर: INSAT-3DS सैटेलाइट ने कैद किया 2500 KM में फैले बादलों का झुंड; दिल्ली-NCR, यूपी और एमपी में आंधी-बारिश का अलर्ट
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में सूरज आग उगल रहा है। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने और भीषण लू (Heat Wave) के बीच अब अंतरिक्ष से एक बहुत बड़ी राहत देने वाली खबर सामने आई है। भारत के अत्याधुनिक मौसम सैटेलाइट INSAT-3DS ने आसमान में लगभग 2500 किलोमीटर के विशाल दायरे में फैले बादलों के एक झुंड को कैमरे में कैद किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बादलों का यह विशाल समूह दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे उत्तर भारत के राज्यों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से आने वाले कुछ घंटों में भीषण गर्मी से जूझ रहे कई राज्यों में तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है।
सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा बादलों का चक्रवाती घेरा
भारतीय मौसम सैटेलाइट INSAT-3DS द्वारा भेजी गई थर्मल इन्फ्रारेड तस्वीरों (Thermal Infrared Images) से उत्तर और मध्य भारत के मौसम में बड़े बदलाव के संकेत मिले हैं:
सफेद चमकीले बादल: तस्वीरों में दिख रहे चमकीले सफेद हिस्से यह दर्शाते हैं कि बादलों की ऊपरी सतह काफी ठंडी हो चुकी है। यह स्थिति भारी बारिश, गरज-चमक के साथ आंधी और कई जगहों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की वजह बनती है।
बादलों का रूट: बादलों का यह सिस्टम पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिमी भारत से शुरू होकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कुछ हिस्सों से गुजर रहा है। आगे चलकर यह पूर्वी भारत और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने बादलों के सिस्टम में मिल जाएगा।
चक्रवाती हवाएं: सैटेलाइट इमेज में उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के ऊपर बादलों का एक चक्रवाती घेरा भी घूमता हुआ दिखाई दे रहा है, जो एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के एक्टिव होने की पुष्टि करता है।
मौसम विशेषज्ञों का विश्लेषण: इस मौसमी सिस्टम के बनने की मुख्य वजह मजबूत ‘पश्चिमी विक्षोभ’ के साथ-साथ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी (Moisture) का आपस में मिलना है।
इन राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस मौसमी बदलाव को देखते हुए उत्तर और मध्य भारत के मैदानी व पहाड़ी राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है:
मैदानी इलाके: दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक धूल भरी आंधी चलने और बारिश की संभावना है।
पहाड़ी राज्य: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ के सीधे असर के कारण भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी दी गई है।
कलिम्पोंग में मूसलाधार बारिश से तबाही, ताश के पत्तों की तरह बहीं बाइकें
एक तरफ जहां उत्तर भारत में बारिश का इंतजार है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल के पहाड़ी जिले कलिम्पोंग में हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। पिछले कुछ घंटों से जारी भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पूरे पहाड़ी इलाके में अचानक बाढ़ (Flash Flood) जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
सड़कों पर बहे वाहन: पानी का बहाव इतना खतरनाक और तेज था कि सड़कों पर खड़ी कई मोटरसाइकिलें और दोपहिया वाहन ताश के पत्तों की तरह पानी के तेज सैलाब में बह गए।
ठप हुआ जनजीवन: शहर के मुख्य हिस्सों में भारी जलभराव के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। सबसे ज्यादा असर हाट बाजार, 9th माइल और 10th माइल जैसे क्षेत्रों में देखा जा रहा है, जहां सड़कों ने नदियों का रूप ले लिया है।
ड्रेनेज सिस्टम पर फूटा लोगों का गुस्सा:
अचानक आई इस आपदा ने कलिम्पोंग नगरपालिका के ड्रेनेज (जल निकासी) प्रबंधन की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना किसी ठोस योजना के बनाई गई लचर जल निकासी व्यवस्था के कारण जरा सी बारिश में भी पूरा शहर डूब जाता है। फिलहाल मौसम विभाग ने कलिम्पोंग और आसपास के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
