Friday, May 29, 2026
Latest:
राजनीति

कर्नाटक: सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद नई सरकार के गठन की हलचल तेज, दो डेप्युटी सीएम बनाने पर विचार

बेंगलुरु/नई दिल्ली: कर्नाटक की राजनीति में इस समय सबसे बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के अपने पद से इस्तीफा देने के बाद राज्य में नई सरकार के गठन और मंत्रिमंडल (कैबिनेट) को लेकर बैठकों का दौर तेज हो गया है। दिल्ली से लेकर बेंगलुरु तक कांग्रेस आलाकमान और राज्य के वरिष्ठ नेताओं के बीच नए समीकरणों पर लगातार चर्चा चल रही है।

​सिद्धारमैया के हटने के बाद अब उनके उत्तराधिकारी के रूप में डीके शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना तय माना जा रहा है। 30 मई (शनिवार) को कांग्रेस विधायक दल (CLP) की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें उन्हें औपचारिक रूप से नेता चुना जा सकता है।

​अहिंदा (AHINDA) को साधने के लिए दो डेप्युटी सीएम का फॉर्मूला

​सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य के मजबूत सामाजिक गठबंधन ‘अहिंदा’ (अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और दलित समुदाय) को एकजुट रखने की है, जो सिद्धारमैया का मुख्य आधार माना जाता रहा है।

​पार्टी इस कोर वोट बैंक को किसी भी कीमत पर नाराज नहीं करना चाहती। यही वजह है कि डीके शिवकुमार (जो वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं) के नेतृत्व में जातीय संतुलन बनाने के लिए दो डेप्युटी सीएम (Deputy CM) बनाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है:

​एक अल्पसंख्यक (Minority) चेहरा

​एक दलित (Dalit) चेहरा

​इसके अलावा, कांग्रेस के दिग्गज नेता एचके पाटिल को कर्नाटक विधानसभा का नया स्पीकर (अध्यक्ष) बनाया जा सकता है।

​नए मंत्रिमंडल में ये चेहरे हो सकते हैं शामिल (संभावित सूची)

​सूत्रों के मुताबिक, हाईकमान के साथ चल रही चर्चाओं में एक संतुलित कैबिनेट बनाने की तैयारी है, जिसमें पुराने अनुभवी चेहरों और क्षेत्रीय समीकरणों का ध्यान रखा जाएगा। निम्नलिखित नेताओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी मिल सकती है:

​केजे जॉर्ज

​यूटी खादेर

​प्रियांक खरगे

​रामलिंगा रेड्डी

​कृष्णा गौड़ा

​एमबी पाटिल

​यतिंद्र सिद्धारमैया (सिद्धारमैया के पुत्र)

​जी परमेश्वर

​दिनेश गुंडू राव

​चालूवरास्वामी

​कर्नाटक कांग्रेस चीफ की रेस में सतीश जारकीहोली सबसे आगे

​अब तक डीके शिवकुमार उपमुख्यमंत्री होने के साथ-साथ कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। लेकिन अब उनके मुख्यमंत्री बनने की स्थिति में ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के सिद्धांत के तहत पार्टी संगठन की कमान किसी नए चेहरे को सौंपना चाहती है।

​कौन हैं रेस में आगे: नए प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सतीश जारकीहोली का नाम सबसे आगे चल रहा है।

​पार्टी के सामने दुविधा: सूत्रों के अनुसार, चर्चा यह भी है कि डीके शिवकुमार की तरह सतीश जारकीहोली को नए मंत्रिमंडल में भी जगह दी जाए और साथ ही संगठन का प्रभार भी सौंपा जाए। हालांकि, अगले दो साल के भीतर राज्य में होने वाले चुनावों को देखते हुए पार्टी का एक धड़ा चाहता है कि नया अध्यक्ष पूरी तरह से संगठन पर ध्यान केंद्रित करे, क्योंकि दो पदों पर रहने से संगठनात्मक कार्यों पर असर पड़ सकता है।

​राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डीके शिवकुमार के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के साथ-साथ सभी गुटों और जातियों को संतुष्ट रखते हुए एक स्थिर कैबिनेट का गठन करना उनके कार्यकाल की सबसे पहली और बड़ी परीक्षा होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *