लखनऊ: KGMU कैंपस की 6 मजारें घोषित हुईं ‘अवैध और लावारिस’; तीन बार नोटिस के बाद भी नहीं आया कोई दावेदार, जिला प्रशासन की मदद से हटाने की तैयारी
लखनऊ: KGMU कैंपस की 6 मजारें घोषित हुईं ‘अवैध और लावारिस’; तीन बार नोटिस के बाद भी नहीं आया कोई दावेदार, जिला प्रशासन की मदद से हटाने की तैयारी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर से एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। केजीएमयू प्रशासन द्वारा गठित एक विशेष कमेटी ने कैंपस के भीतर बनी 8 मजारों की कानूनी स्थिति की जांच पूरी कर ली है। जांच के बाद कमेटी ने बड़ा फैसला लेते हुए इनमें से 6 मजारों को पूरी तरह से अवैध और लावारिस घोषित कर दिया है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि बार-बार सार्वजनिक और लिखित नोटिस जारी करने के बावजूद इन 6 मजारों का कोई भी वैध संचालक, रख-रखाव करने वाला या अधिकृत व्यक्ति (दावेदार) सामने नहीं आया है।
जांच में 8 में से केवल 2 मजारें ही पाई गईं वैध
केजीएमयू के आधिकारिक प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि कैंपस की जमीन पर बनी मजारों को लेकर लंबे समय से समीक्षा चल रही थी:
वैध मजारें: कमेटी के निरीक्षण और सरकारी/संस्थान के रिकॉर्ड्स की जांच में 8 में से केवल दो मजारों के दस्तावेज और प्रामाणिकता सही पाए गए, जिन्हें प्रशासन ने वैध माना है।
दस्तावेजों का अभाव: बाकी बची छह मजारों के संबंध में यूनिवर्सिटी के पास न तो कोई पुराना रिकॉर्ड मौजूद है और न ही इनके निर्माण को लेकर कभी कोई प्रशासनिक अनुमति दी गई थी।
तीन बार दी गई मोहलत, लाउडस्पीकर से भी हुआ था अनाउंसमेंट
प्रवक्ता के अनुसार, केजीएमयू प्रशासन ने बिना किसी जल्दबाजी के पूरी कानूनी और पारदर्शी प्रक्रिया का पालन किया। इन मजारों की धार्मिक संवेदनशीलता को देखते हुए जवाब मांगने के लिए तीन अलग-अलग चरणों में प्रयास किए गए:
मजारों की दीवारों और आसपास के ढांचों पर लिखित नोटिस चस्पा (पेस्ट) किए गए।
संभावित संबंधित पक्षों को डाक (Post) के जरिए भी नोटिस भेजे गए।
परिसर में बकायदा लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट (मुनादी) कराई गई और वहां आने-जाने वाले स्थानीय लोगों से व्यक्तिगत तौर पर बातचीत कर मजारों के प्रबंधकों या दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की गई।
इसके बावजूद, तय समय सीमा के भीतर किसी भी संगठन या व्यक्ति ने इन मजारों पर अपना दावा पेश नहीं किया और न ही कोई मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज दिखाए।
जिला प्रशासन की सुरक्षा मिलते ही दूसरी जगह की जाएंगी शिफ्ट
नोटिस की आखिरी मियाद (अवधि) पूरी होने के बाद केजीएमयू प्रशासन ने अब सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं:
रजिस्ट्रार को पत्र: कमेटी की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर केजीएमयू ने यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को लिखित पत्र भेजकर आगे की कार्रवाई की आधिकारिक सूचना दे दी है।
सुरक्षा की मांग: लखनऊ के जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस को भी इस पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है। चूंकि यह मामला धार्मिक स्थलों से जुड़ा है, इसलिए कानून-व्यवस्था (Law and Order) न बिगड़े, इसके लिए प्रशासन से उचित पुलिस सुरक्षा बल (Security Force) मुहैया कराने की अपील की गई है।
क्या होगी आगे की कार्रवाई: डॉ. के.के. सिंह ने साफ किया कि जैसे ही जिला प्रशासन की तरफ से सुरक्षा और तारीख तय होगी, इन लावारिस मजारों के अवशेषों को पूरे सम्मान के साथ शहर के किसी अन्य कब्रिस्तान या चिन्हित मजारों में शिफ्ट (स्थानांतरित) कर दिया जाएगा। इसके बाद कैंपस की जमीन पर किए गए इन सभी अवैध निर्माणों को पूरी तरह से ध्वस्त (गिराने) करने का काम शुरू होगा।
