दिल्ली के पार्क में जमीन पर बैठकर राहुल गांधी ने ऑटो ड्राइवरों के साथ किया लंच; पेट्रोल-डीजल और CNG की बढ़ती कीमतों पर साझा किया उनका दर्द
दिल्ली के पार्क में जमीन पर बैठकर राहुल गांधी ने ऑटो ड्राइवरों के साथ किया लंच; पेट्रोल-डीजल और CNG की बढ़ती कीमतों पर साझा किया उनका दर्द
नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी एक बार फिर अपने चिर-परिचित ‘जनसंपर्क’ वाले अंदाज में नजर आए हैं। शुक्रवार को राहुल गांधी ने दिल्ली के ऑटो ड्राइवरों से मुलाकात की और जमीन पर बैठकर उनके साथ लंच (दोपहर का भोजन) किया। इस अनौपचारिक मुलाकात का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें राहुल गांधी कई ऑटो ड्राइवरों के बीच जमीन पर बैठकर खाना खाते और बेहद आत्मीयता से उनसे बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं।
माना जा रहा है कि इस मुलाकात के जरिए कांग्रेस नेता ने सीधे तौर पर उन कामकाजी आम लोगों की समस्याओं को समझने की कोशिश की है, जिन पर हालिया आर्थिक और वैश्विक हालातों की सबसे तगड़ी मार पड़ी है।
मंडी हाउस के टोडर मल पार्क में हुई ‘लंच पे चर्चा’
मिली जानकारी के अनुसार, यह मुलाकात दिल्ली के मंडी हाउस के पास स्थित टोडर मल पार्क में हुई। राहुल गांधी अचानक यहां पहुंचे, जिससे वहां मौजूद ऑटो ड्राइवर्स सुखद आश्चर्य में पड़ गए। राहुल गांधी ने न सिर्फ उनके साथ खाना साझा किया, बल्कि उनके रोजाना के कामकाज, आमदनी और परिवार के जीवनयापन में आ रही दिक्कतों पर लंबी चर्चा की।
ईरान संकट और बढ़ती महंगाई: ऑटो ड्राइवरों की दोहरी मार
इस बातचीत के केंद्र में मुख्य रूप से पेट्रोल, डीजल और सीएनजी (CNG) की आसमान छूती कीमतें रहीं। दरअसल, ईरान संकट और मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी युद्ध और भारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर भारत के घरेलू बाजार पर पड़ा है। ऑटो चालकों ने राहुल गांधी के सामने अपनी प्रमुख परेशानियां रखीं:
किराया न बढ़ना: ईंधन (फ्यूल) की कीमतें तो लगातार बढ़ गई हैं, लेकिन उस अनुपात में ऑटो का आधिकारिक सरकारी किराया नहीं बढ़ा है।
यात्रियों से विवाद: यदि ऑटो ड्राइवर बढ़ती लागत के कारण यात्रियों से थोड़ा ज्यादा किराया मांगते हैं, तो उनके बीच आए दिन तीखी बहस और विवाद होते हैं, जिससे उनका मानसिक तनाव और बढ़ जाता है।
महज कुछ दिनों में 4 बार बढ़े दाम, ₹7.5 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी
ईंधन की कीमतों में आ रहे इस उफान के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। ईरान संकट के चलते पिछले कुछ ही दिनों के भीतर तेल विपणन कंपनियों द्वारा चार बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए जा चुके हैं:
हालिया बढ़ोतरी: आखिरी बार हुए संशोधन में पेट्रोल की कीमतों में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की भारी वृद्धि की गई थी।
कुल बोझ: यदि 15 मई से शुरू हुए इस मूल्य संशोधन के सिलसिले को देखें, तो अब तक पेट्रोल और डीजल के दामों में कुल मिलाकर करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी हो चुकी है।
सीएनजी और तेल की इस बेलगाम होती महंगाई ने ऑटो ड्राइवरों के लिए घर चलाना और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना बेहद मुश्किल कर दिया है। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद ऑटो चालकों ने उम्मीद जताई है कि विपक्ष इस मुद्दे को संसद और सड़क पर मजबूती से उठाएगा ताकि सरकार पर कीमतों को नियंत्रित करने या उन्हें सब्सिडी देने का दबाव बनाया जा सके।
