ईरान के ‘अवैध तेल नेटवर्क’ पर अमेरिका की बड़ी स्ट्राइक: कतर-यूएई समेत कई देशों की कंपनियों और जहाजों पर लगाए कड़े प्रतिबंध
ईरान के ‘अवैध तेल नेटवर्क’ पर अमेरिका की बड़ी स्ट्राइक: कतर-यूएई समेत कई देशों की कंपनियों और जहाजों पर लगाए कड़े प्रतिबंध
वाशिंगटन: ईरान की अर्थव्यवस्था और उसके सैन्य तंत्र को वित्तीय रूप से पंगु बनाने के लिए अमेरिका ने एक और बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी विदेश विभाग (State Department) और वित्त विभाग (Treasury Department) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल व्यापार से जुड़े एक बहुत बड़े वैश्विक नेटवर्क को निशाना बनाया है।
अमेरिका ने इस नेटवर्क से जुड़ी कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, प्रभावशाली व्यक्तियों और समुद्री जहाजों (Shadow Fleet) पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिका का आरोप है कि यह पूरा नेटवर्क ईरान की ‘अवैध तेल अर्थव्यवस्था’ को चलाने और इसके जरिए होने वाली कमाई को ईरान की सेना तक पहुंचाने का काम कर रहा था।
सैन्य फंडिंग रोकने के लिए ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ के तहत कार्रवाई
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इन नए प्रतिबंधों का प्राथमिक उद्देश्य ईरान सरकार के राजस्व (Income) के सबसे बड़े स्रोत को ब्लॉक करना है। अमेरिका का दावा है कि इस पैसे का इस्तेमाल ईरान अपनी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC), सशस्त्र बलों के मुख्यालय और मध्य पूर्व (Middle East) में अस्थिरता फैलाने वाली अपनी सैन्य गतिविधियों की फंडिंग के लिए करता है। यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ (Economic Fury) अभियान का हिस्सा है।
इन 5 देशों में फैला है नेटवर्क; कई जहाजों पर भी लगा बैन
अमेरिकी जांच में सामने आया है कि ईरान कानूनी प्रतिबंधों से बचने के लिए कई देशों में फैले एक जटिल ‘शिपिंग नेटवर्क’ और शेल कंपनियों (फर्जी कंपनियों) का इस्तेमाल कर रहा है। ताजा प्रतिबंधों के दायरे में आने वाले मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
वैश्विक ठिकाने: प्रतिबंधों का सामना करने वाली कंपनियां मुख्य रूप से कतर, सिंगापुर, हांगकांग, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और मार्शल आइलैंड्स में स्थित हैं।
प्रमुख कंपनियां और अधिकारी: विशेष रूप से तीन ऐसी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है जो सीधे तौर पर ईरानी पेट्रोकेमिकल उत्पादों के अवैध व्यापार में शामिल थीं। इसके साथ ही इन कंपनियों के एक मुख्य अधिकारी को भी प्रतिबंधित किया गया है।
’डार्क फ्लीट’ (जहाजों) पर शिकंजा: अमेरिकी विदेश विभाग ने 8 जहाज प्रबंधन कंपनियों (Vessel Management Companies) को चिह्नित किया है और उनके 8 जहाजों को ‘प्रतिबंधित संपत्ति’ घोषित किया है।
’चालाकी और अवैध तौर-तरीकों’ का खुलासा
अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, यह नेटवर्क ईरान के करोड़ों बैरल कच्चे तेल और पेट्रोकेमिकल्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में आवाजाही करा रहा था। ये जहाज समुद्र में अपनी पहचान छिपाने के लिए अपनी लोकेशन ट्रैकिंग (AIS) बंद कर देते थे, जिसे समुद्री भाषा में ‘डार्क एक्टिविटी’ कहा जाता है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय पानी में चोरी-छिपे एक जहाज से दूसरे जहाज में तेल पलटने (Ship-to-Ship Transfer) जैसे चालाक तरीकों का इस्तेमाल कर ईरानी माल को वैध दिखाने की कोशिश की जा रही थी।
हाल ही में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों से अवैध वसूली के लिए बनाई गई ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ पर भी अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी विदेशी कंपनियां या बैंक इन प्रतिबंधित संस्थाओं के साथ किसी भी प्रकार का लेनदेन या वित्तीय साठगांठ रखेंगे, उन्हें भी अमेरिकी प्रतिबंधों (Secondary Sanctions) का सामना करना पड़ेगा।
