चीनी गाड़ियों के खिलाफ अमेरिका का बड़ा कदम: दो अमेरिकी सांसदों ने पेश किया सख्त बिल; बताया ‘पहियों पर चलता निगरानी तंत्र’
चीनी गाड़ियों के खिलाफ अमेरिका का बड़ा कदम: दो अमेरिकी सांसदों ने पेश किया सख्त बिल; बताया ‘पहियों पर चलता निगरानी तंत्र’
चीन निर्मित और चीनी कंपनियों द्वारा तैयार की जाने वाली अत्याधुनिक ‘कनेक्टेड गाड़ियों’ (स्मार्ट वाहनों) को अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने से रोकने के लिए अमेरिका में एक बेहद सख्त कानून लाने की तैयारी शुरू हो गई है। अमेरिका के दो वरिष्ठ डेमोक्रेटिक सांसदों—मिशिगन की कांग्रेस वुमन हेली स्टीवंस (Haley Stevens) और सीनेटर एलिसा स्लॉटकिन (Elissa Slotkin)—ने मिशिगन में आयोजित ‘मैकिनैक पॉलिसी कॉन्फ्रेंस’ के दौरान एक नए बिल की घोषणा की है।
इस बिल को ‘प्रोटेक्टिंग अमेरिका फ्रॉम चाइनीज कार्स एक्ट’ (Protecting America from Chinese Cars Act) नाम दिया गया है। सांसदों का दावा है कि ये चीनी गाड़ियाँ अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हैं और घरेलू ऑटो उद्योग को भारी नुकसान पहुँचा रही हैं।
कनाडा और मैक्सिको के रास्ते हो रही ‘बैकडोर एंट्री’ को रोकना मकसद
यह बिल विशेष रूप से उन कानूनी कमियों (Loop-holes) को दूर करने के लिए तैयार किया गया है, जिनका फायदा उठाकर चीनी कंपनियां कनाडा और मैक्सिको के रास्ते अपने वाहनों को अमेरिकी सीमाओं के भीतर भेज रही हैं। सांसदों ने दोनों पड़ोसी देशों के डेटा साझा करते हुए चिंता जताई:
मैक्सिको में चीनी दबदबा: मैक्सिको के ऑटोमोबाइल बाजार में वर्तमान में चीनी वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 15 प्रतिशत हो चुकी है।
कनाडा के साथ व्यापार समझौता: कनाडा द्वारा जनवरी 2026 में चीन के साथ किए गए एक हालिया व्यापार समझौते का भी जिक्र किया गया, जिसके तहत हजारों चीनी वाहनों पर लगने वाले आयात शुल्क (टैरिफ) में भारी कटौती की गई है। इसके चलते कनाडा के रास्ते भी अमेरिका में चीनी गाड़ियों की बाढ़ आने का खतरा पैदा हो गया है।
”ये गाड़ियां पहियों पर चलते निगरानी तंत्र (Spyware) हैं”
सीनेटर एलिसा स्लॉटकिन ने इस मुद्दे को केवल आर्थिक प्रतिस्पर्धा से ऊपर बताते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा:
”आज की आधुनिक कनेक्टेड गाड़ियां असल में ‘पहियों पर चलते निगरानी तंत्र’ की तरह हैं। ये गाड़ियां कैमरों, सेंसरों और इंटरनेट कनेक्टिविटी से लैस हैं, जो किसी भी अमेरिकी ड्राइवर की सटीक लोकेशन ट्रैक करने, पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग करने और हमारे सैन्य ठिकानों सहित अन्य बेहद संवेदनशील बुनियादी ढांचों (Critical Infrastructure) की मैपिंग करने में पूरी तरह सक्षम हैं। इस डेटा का नियंत्रण चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के हाथों में जाना बेहद खतरनाक है।”
बिल के मुख्य प्रावधान और कड़े प्रतिबंध:
15% हिस्सेदारी वाली कंपनियों पर भी बैन: यह प्रतिबंध केवल चीन में पूरी तरह से निर्मित वाहनों पर ही लागू नहीं होगा, बल्कि उन वैश्विक कंपनियों पर भी लागू होगा जिनमें किसी भी चीनी फर्म की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से अधिक है।
कनेक्टेड व्हीकल सिक्योरिटी एक्ट 2026 पर आधारित: यह नया कानून पहले से प्रस्तावित ‘कनेक्टेड व्हीकल सिक्योरिटी एक्ट 2026’ के प्रावधानों को और मजबूत करता है, जिसके तहत चीनी तकनीक वाले वाहनों को महज एक दिन के लिए भी अमेरिकी सीमा पार करने की अनुमति नहीं होगी।
कांग्रेस की सख्त निगरानी और विशेष अनुमति: यदि कोई वाहन निर्माता प्रतिबंधित श्रेणी में आने वाले वाहन के लिए विशेष छूट या अनुमति चाहता है, तो उसे कड़ी शर्तों, पूर्ण पारदर्शिता और अमेरिकी कांग्रेस की सीधी निगरानी से गुजरना होगा।
90 दिनों की डेडलाइन: बिल के कानून बनने के 90 दिनों के भीतर यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (US Customs and Border Protection) को इसे पूरी तरह लागू करने की गाइडलाइंस तैयार करनी होंगी और प्रतिबंधित वाहनों की एक आधिकारिक ब्लैकलिस्ट जारी करनी होगी।
नीति-निर्माताओं का कहना है कि बीजिंग सरकार से मिलने वाली भारी सब्सिडी के दम पर चीनी वाहन निर्माता कंपनियां वर्तमान में यूरोप और दक्षिण अमेरिका के बाजारों पर कब्जा कर चुकी हैं। अब इस बिल के जरिए अमेरिका अपने उन ऑटो-वर्कर्स और घरेलू उद्योगों के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहता है, जो दुनिया के सबसे बेहतरीन और सुरक्षित वाहन बनाते हैं।
