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यूक्रेन पर रूस का अब तक का सबसे बड़ा हमला: कीव में 90 मिसाइलों और 600 ड्रोन से भारी तबाही, UN ने कहा- ‘भयावह रात’

यूक्रेन पर रूस का अब तक का सबसे बड़ा हमला: कीव में 90 मिसाइलों और 600 ड्रोन से भारी तबाही, UN ने कहा- ‘भयावह रात’

​कीव: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर विनाशकारी मोड़ ले लिया है। रूसी सैन्य बलों ने बीती रात यूक्रेन की राजधानी कीव को निशाना बनाकर अब तक का सबसे बड़ा और भीषण हमला किया है। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई है और 80 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

​समाचार माध्यमों के मुताबिक, रूस ने इस हमले में लगभग 90 मिसाइलों और 600 ड्रोन का इस्तेमाल किया, जिसमें एक बेहद शक्तिशाली हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल भी शामिल थी।

​रिहायशी इमारतें जमींदोज, बाजार जलकर राख

​लगभग 7 घंटे तक लगातार चले इस विनाशकारी हमले के कारण कीव के कई हिस्सों में आसमान में सिर्फ आग और धुआं दिखाई दिया। मिसाइलों और ड्रोनों के मलबे गिरने से शहर के कई इलाकों में भीषण आग लग गई।

​हमले की चपेट में कई स्कूल, अनेक रिहायशी इमारतें और एक मुख्य जल आपूर्ति केंद्र (Water Supply Centre) आए हैं।

​शहर का एक बड़ा स्थानीय बाजार पूरी तरह जलकर राख हो गया है।

​”मैं बस उम्मीद कर सकती हूँ कि मेरे दोस्त जीवित हों”

​संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने इस भीषण हमले को “बच्चों और परिवारों के लिए एक भयावह रात” करार दिया है। हमले के दौरान कीव में एक अपार्टमेंट पर भी मिसाइल गिरी, जिसमें 13 वर्षीय बच्ची ‘वान्या’ बाल-बाल बच गई। घटनास्थल पर पहुंचे यूनिसेफ के कर्मचारियों से रोते हुए वान्या ने कहा:

​“मैं बस उम्मीद ही कर सकती हूँ कि मेरे पड़ोसी और दोस्त जीवित हों।”

​यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र के रैज़िडेंट व मानवतावादी समन्वयक माथियास श्माले ने युद्ध के हालातों पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें और उनके सहयोगियों को पूरी रात “युद्ध की भयावह तेज आवाजों” ने सोने नहीं दिया। उन्होंने कहा, “लगातार जारी इस हिंसा के कारण आम नागरिक बेहद गंभीर जोखिमों के बीच जीने को मजबूर हैं। नागरिकों को नुकसान पहुंचाने वाली यह व्यापक हिंसा तुरंत बंद होनी चाहिए।”

​WHO का दफ्तर भी हुआ क्षतिग्रस्त, चीफ बोले- ‘शांति ही सबसे अच्छी दवा’

​इस अंधाधुंध हमले का असर संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों पर भी पड़ा है। कीव स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कार्यालय भी इस हमले की चपेट में आने से नहीं बच सका।

​WHO के महानिदेशक टैड्रोस ऐडहोनोम घेब्रेयेसस ने सोशल मीडिया पर इस नुकसान की जानकारी साझा करते हुए लिखा:

​”एक हमले के मलबे के कारण उस इमारत की तीसरी मंजिल की खिड़कियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जिसमें कई यूएन एजेंसियों के कार्यालय हैं। राहत की बात यह है कि हमारे किसी कर्मचारी को चोट नहीं पहुंची है।”

​WHO प्रमुख ने स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और निर्दोष आम नागरिकों पर हो रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की और तुरंत युद्धविराम की मांग दोहराते हुए कहा कि “शान्ति ही सबसे अच्छी दवा है।”

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