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अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन की रिपोर्ट पर बवाल, व्हाइट हाउस ने दावों को बताया ‘पूरी तरह मनगढ़ंत’

अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन की रिपोर्ट पर बवाल, व्हाइट हाउस ने दावों को बताया ‘पूरी तरह मनगढ़ंत’

​अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को सुलझाने के प्रयासों के बीच एक नई रिपोर्ट को लेकर दोनों देशों के बीच सूचना युद्ध छिड़ गया है। ईरानी सरकारी टेलीविजन (IRIB) ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच एक शुरुआती समझौता ज्ञापन (MoU) का मसौदा तैयार हुआ है, जिसके तहत अमेरिकी सेना ईरान के आसपास से हटेगी और ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म की जाएगी। हालांकि, अमेरिका ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।

​ईरानी मीडिया का क्या था दावा?

​ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया था कि इस समझौते के बदले में ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को युद्ध-पूर्व वाले सामान्य स्तर पर वाणिज्यिक जहाजों के लिए फिर से खोल देगा। रिपोर्ट के अनुसार, एक महीने के भीतर इस जलमार्ग से नागरिक जहाजों की आवाजाही सामान्य करने और ओमान के साथ मिलकर इस ट्रैफिक को संभालने का प्रावधान था। हालांकि, इसमें सैन्य जहाजों को शामिल नहीं करने की बात कही गई थी।

​व्हाइट हाउस का तीखा पलटवार: “तथ्य मायने रखते हैं”

​व्हाइट हाउस ने इन खबरों के सामने आने के तुरंत बाद इस रिपोर्ट का खंडन किया। व्हाइट हाउस के रैपिड रिस्पॉन्स अकाउंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा:

​”ईरानी नियंत्रित मीडिया की यह रिपोर्ट पूरी तरह झूठ है और उनके द्वारा ‘जारी’ किया गया समझौता ज्ञापन (MoU) पूरी तरह से मनगढ़ंत है। किसी को भी ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा फैलाई जा रही इन बातों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। तथ्य मायने रखते हैं।”

​इसके साथ ही अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया कि ईरानी मीडिया ने अपने इस तथाकथित मसौदे में ईरान के परमाणु कार्यक्रम या उसके पास बचे अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भंडार का कोई जिक्र नहीं किया है, जबकि ट्रंप प्रशासन के लिए किसी भी समझौते का यह सबसे मुख्य और केंद्रीय हिस्सा है।

​राष्ट्रपति ट्रंप की कैबिनेट बैठक और अमेरिकी शर्तें

​व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने भी ईरान के सरकारी टीवी की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है, बातचीत आगे बढ़ रही है और उन्होंने अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं। राष्ट्रपति ट्रंप केवल अमेरिकी जनता के हित में ही समझौता करेंगे, जिससे यह सुनिश्चित होना चाहिए कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके।”

​कैबिनेट बैठक के दौरान खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका अभी इस समझौते से “संतुष्ट नहीं है”। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति नाकाबंदी हटाने पर तभी विचार करेंगे जब ईरान वाणिज्यिक जहाजों को बिना किसी बाधा या अवैध टैक्स के होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की पूरी अनुमति देगा।

​ईरान में इंटरनेट पर नए कड़े प्रतिबंध

​एक तरफ जहां राजनयिक मोर्चे पर तनाव जारी है, वहीं ईरान के आंतरिक हालात भी बिगड़े हुए हैं। एक इंटरनेट निगरानी संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में पिछले लगभग 90 दिनों से जारी इंटरनेट ब्लैकआउट में कल थोड़ी ढील दी गई थी। लेकिन सरकार ने आज एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए मैसेजिंग ऐप्स और ऐप स्टोर्स पर नए और कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं, जिससे आम जनता में संपर्क और सूचनाओं का आदान-प्रदान फिर से ठप हो गया है।

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