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प्रतिबंधों में छूट के बदले ईरान को नहीं मिलेगा यूरेनियम, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान

प्रतिबंधों में छूट के बदले ईरान को नहीं मिलेगा यूरेनियम, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान

​अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व संकट और ईरान को लेकर एक बेहद सख्त और बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के साथ चल रही बातचीत के बीच उसे अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम (Highly Enriched Uranium) छोड़ने के बदले में प्रतिबंधों (Sanctions) में कोई भी छूट नहीं दी जाएगी। पीबीएस न्यूज़ (PBS News) को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “नहीं, बिलकुल नहीं, ईरान को प्रतिबंधों में छूट तो बिल्कुल नहीं मिलेगी।”

​ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान समझौता करने के लिए उत्सुक है, लेकिन अमेरिका मौजूदा शर्तों से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, “अमेरिका या तो अपनी शर्तों पर समझौता करेगा या फिर अपना काम पूरा करेगा।”

​ओमान को दी ‘उड़ाने’ की धमकी और जलडमरूमध्य पर रुख

​इंटरव्यू के दौरान जब रिपोर्टर ने क्षेत्र में अमेरिकी हितों को लेकर सवाल पूछा, तो ट्रंप ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा, “हमें तेल की जरूरत नहीं है। हमें जलडमरूमध्य (Strait) की जरूरत नहीं है। हमें किसी चीज की जरूरत नहीं है।”

​ट्रंप ने ओमान को भी सीधे तौर पर धमकी देते हुए कहा कि जलडमरूमध्य सभी के लिए खुला रहेगा और इस पर किसी एक का नियंत्रण नहीं होगा। उन्होंने कहा, “हम इस पर पूरी नज़र रखेंगे। ओमान को बाकी देशों की तरह ही सामान्य व्यवहार करना होगा, वरना हमें उसे उड़ाना पड़ेगा।”

​अब्राहम समझौते का विस्तार चाहते हैं ट्रंप

​राष्ट्रपति ट्रंप ने मध्य पूर्व के देशों को लेकर अपनी रणनीति साफ की। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि सऊदी अरब, कतर और अन्य प्रमुख देश ‘अब्राहम समझौते’ (Abraham Accords) का हिस्सा बनें। उन्होंने इसे इन देशों का कर्तव्य बताया। गौरतलब है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहले से ही इस समझौते का हिस्सा है।

​रूस-चीन के विकल्प को नकारा, रक्षा मंत्री हेगसेथ को लेकर कही बड़ी बात

​जब रिपोर्टर ने ट्रंप से पूछा कि क्या वह इस बात से सहमत होंगे कि ईरान अपना समृद्ध यूरेनियम रूस या चीन को सौंप दे? तो ट्रंप ने दो टूक जवाब देते हुए कहा, “बिल्कुल भी नहीं।”

​ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए ट्रंप ने कहा, “वे (ईरान) हमें वो चीजें देना शुरू कर रहे हैं जो उन्हें देनी ही हैं। अगर वे ऐसा करते हैं, तो यह बहुत अच्छी बात है। लेकिन अगर वे ऐसा नहीं करेंगे, तो हेगसेथ (अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ) उनका काम तमाम कर देंगे।”

​गौरतलब है कि इससे पहले ईरानी सरकारी मीडिया ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) का दावा किया था, जिसे व्हाइट हाउस ने ‘पूरी तरह मनगढ़ंत’ बताते हुए खारिज कर दिया था। ट्रंप के इस ताजा बयान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं है।

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