पुरुषोत्तम मास की एकादशी पर रवि योग और शुभ मुहूर्तों का महासंयोग: जानें 26 मई का पंचांग, शुभ-अशुभ समय और धार्मिक महत्व
पुरुषोत्तम मास की एकादशी पर रवि योग और शुभ मुहूर्तों का महासंयोग: जानें 26 मई का पंचांग, शुभ-अशुभ समय और धार्मिक महत्व
नई दिल्ली: सनातन धर्म में भगवान नारायण (विष्णु) को समर्पित ‘पुरुषोत्तम मास’ (मलमास/अधिकमास) का विशेष महत्व माना गया है। इस पवित्र महीने का ग्यारहवां दिन यानी 26 मई (मंगलवार) बेहद खास होने जा रहा है। इस दिन ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पड़ रही है। पुरुषोत्तम मास और एकादशी का यह दुर्लभ संयोग व्रत, जप, तप, ध्यान और दान-पुण्य के लिए अत्यंत उत्तम माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष मास में किए गए पुण्य कार्यों का फल सामान्य दिनों की तुलना में लाख गुना अधिक मिलता है।
26 मई को भगवान विष्णु की कृपा बरसाने वाले कई शुभ योग बन रहे हैं। इस दिन अभिजीत मुहूर्त, विजय मुहूर्त के साथ-साथ पूरे दिन ‘रवि योग’ का महासंयोग मिल रहा है, जो सभी बिगड़े और नए कार्यों को सफल बनाने वाला माना जाता है।
26 मई 2026: सूर्योदय, चंद्रोदय और तिथि की स्थिति
सूर्योदय: सुबह 05 बजकर 25 मिनट पर
सूर्यास्त: शाम 07 बजकर 11 मिनट पर
चंद्रोदय: दोपहर 02 बजकर 55 मिनट पर
चंद्रास्त: 27 मई की देर रात 02 बजकर 32 मिनट पर
तिथि: एकादशी (पूर्ण रात्रि तक रहेगी)
नक्षत्र: हस्त (पूर्ण रात्रि तक रहेगा)
योग: सिद्धि योग (पूरे दिन से लेकर अगले दिन 27 मई की सुबह 03 बजकर 11 मिनट तक)
करण: वणिज (शाम 05 बजकर 42 मिनट तक)
मंगलवार के अति शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
इस दिन आध्यात्मिक साधना और मांगलिक कार्यों की शुरुआत के लिए कई श्रेष्ठ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे:
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04 बजकर 03 मिनट से 04 बजकर 44 मिनट तक
प्रातः संध्या: सुबह 04 बजकर 24 मिनट से 05 बजकर 25 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक (यह पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है)
विजय मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 36 मिनट से 03 बजकर 31 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 07 बजकर 10 मिनट से 07 बजकर 30 मिनट तक
अमृत काल: रात 11 बजकर 29 मिनट से अगले दिन 27 मई की दोपहर 01 बजकर 13 मिनट तक
निशिता मुहूर्त: रात 11 बजकर 58 मिनट से मध्यरात्रि 12 बजकर 39 मिनट तक
विशेष योग: पूरे दिन रवि योग प्रभावी रहेगा, जो कार्यों में सिद्धि और सफलता प्रदान करता है।
सावधान! इन अशुभ समयों में न करें शुभ कार्य (Inauspicious Timings)
पंचांग के अनुसार, दिन के कुछ समय में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव रहता है, इसलिए इन अवधियों में किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए:
राहुकाल: दोपहर 03 बजकर 45 मिनट से शाम 05 बजकर 28 मिनट तक
यमगंड: सुबह 08 बजकर 52 मिनट से 10 बजकर 35 मिनट तक
गुलिक काल: दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 02 बजकर 02 मिनट तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 08 बजकर 11 मिनट से 09 बजकर 06 मिनट तक
भद्रा: मंगलवार की शाम 05 बजकर 42 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 27 मई की सुबह 05 बजकर 25 मिनट तक रहेगी।
विशेष: इस दिन पूरे दिन विडाल योग भी प्रभावी रहेगा।
धार्मिक दृष्टिकोण से: इस पावन एकादशी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करने से जीवन के सभी आर्थिक और मानसिक संकट दूर होते हैं। भद्रा और राहुकाल जैसे अशुभ समय को छोड़कर बाकी पूरे दिन बने ‘रवि योग’ और ‘सिद्धि योग’ में की गई पूजा-अर्चना विशेष फलदायी साबित होगी।
