उत्तर भारत में भीषण गर्मी का प्रकोप: राहत की तलाश में पहाड़ों की ओर भागे लोग, मनाली और नैनीताल में लगा ‘महाजाम’
उत्तर भारत में भीषण गर्मी का प्रकोप: राहत की तलाश में पहाड़ों की ओर भागे लोग, मनाली और नैनीताल में लगा ‘महाजाम’
शिमला/नैनीताल: उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में इन दिनों सूरज की तपिश और भीषण गर्मी का सितम जारी है। इस जानलेवा गर्मी से फौरी राहत पाने के लिए दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से लोग भारी तादाद में पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। हालांकि, सुकून की तलाश में पहाड़ों पर पहुंचे इन पर्यटकों को वहां ‘महाजाम’ की बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। हिमाचल प्रदेश के मनाली से लेकर उत्तराखंड के नैनीताल तक, हर प्रमुख पर्यटक स्थल पर वाहनों की किलोमीटर लंबी कतारें लगी हुई हैं और गाड़ियां रेंगने को मजबूर हैं।
मनाली में वीकेंड पर थमी रफ्तार: घंटों फंसे रहे पर्यटक और स्थानीय लोग
पर्यटन सीजन के चरम (पीक) पर पहुंचते ही रविवार को मनाली और उसके आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। वीकेंड और छुट्टियों के चलते एक साथ हजारों गाड़ियों के पहुंचने से चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह पैक हो गया। इसके अलावा मनाली शहर, प्रसिद्ध अटल टनल मार्ग, माल रोड, वशिष्ठ, सोलंगनाला और पलचान क्षेत्रों में सुबह से ही वाहनों का हुजूम उमड़ पड़ा।
सबसे ज्यादा बदतर हालात मनाली से सोलंगनाला और अटल टनल की ओर जाने वाले रास्ते पर देखने को मिले, जहां पलचान से लेकर सोलंग तक गाड़ियां घंटों एक ही जगह खड़ी रहीं। इस भारी ट्रैफिक जाम के कारण न केवल मैदानी इलाकों से आए सैलानी परेशान हुए, बल्कि स्थानीय टैक्सी ऑपरेटरों, नौकरीपेशा लोगों और स्कूली बच्चों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बुनियादी ढांचे पर बढ़ा दबाव, व्यापारियों ने जताई चिंता
मनाली के माल रोड और बस स्टैंड के आसपास अव्यवस्थित पार्किंग के कारण कई बार ट्रैफिक पूरी तरह थम गया। स्थानीय व्यापारियों और होटल कारोबारियों का कहना है कि पर्यटन सीजन में भीड़ आना कारोबार के लिहाज से बेहद अच्छा संकेत है, लेकिन हर साल गाड़ियों की संख्या बढ़ रही है जबकि सड़कें और पार्किंग व्यवस्था वैसी की वैसी ही हैं। अगर प्रशासन ने समय रहते पुख्ता इंतजाम नहीं किए, तो इस महाजाम की वजह से मनाली के पर्यटन की छवि खराब हो सकती है। स्थानीय लोगों ने अब शहर में शटल बस सेवा शुरू करने और गाड़ियों की एंट्री को रेगुलेट करने की मांग उठाई है।
हालात को संभालने के लिए पुलिस विभाग ने प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और अनावश्यक रूप से अपने निजी वाहनों को सड़कों पर निकालने के बजाय सार्वजनिक या शटल सेवाओं का उपयोग करें।
उत्तराखंड का भी बुरा हाल: कैंची धाम मार्ग पर 4 किलोमीटर लंबा जाम
जाम की यह समस्या सिर्फ हिमाचल प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भी पैर पसार चुकी है। वीकेंड पर उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित प्रसिद्ध ‘कैंची धाम’ में बाबा नीम करोली के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
सैकड़ों वाहनों के एक साथ पहुंचने की वजह से कैंची धाम से लेकर निगलाट तक करीब चार किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया। इसके अलावा भवाली-अल्मोड़ा नेशनल हाईवे पर भी गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं, जिससे तपती गर्मी से बचने आए लोगों को पहाड़ों पर भी भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ी।
