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​MI vs RR मैच में नीता अंबानी की अनूठी पहल: 20,000 से अधिक बच्चों के लिए खास बना आईपीएल, वानखेड़े में गूंजा ‘एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स फॉर ऑल’ का नारा

​MI vs RR मैच में नीता अंबानी की अनूठी पहल: 20,000 से अधिक बच्चों के लिए खास बना आईपीएल, वानखेड़े में गूंजा ‘एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स फॉर ऑल’ का नारा

​मुंबई: आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस (MI) का आखिरी मैच भले ही टीम की हार के साथ खत्म हुआ हो, लेकिन मैदान के बाहर मुंबई इंडियंस ने रिलायंस फाउंडेशन के साथ मिलकर सैकड़ों बच्चों का दिल जीत लिया। ‘एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स फॉर ऑल’ (ESA) पहल के तहत रविवार को हुए इस मुकाबले को देखने के लिए 20,000 से ज्यादा बच्चे पहली बार स्टेडियम पहुंचे थे।

​इस खास दर्शक दीर्घा में पूरे महाराष्ट्र से आए 200 से अधिक दिव्यांग बच्चे और नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड से जुड़े 100 से अधिक दृष्टिबाधित (आंखों की परेशानी वाले) बच्चे भी शामिल थे, जिन्होंने लाइव मैच के रोमांच का भरपूर लुत्फ उठाया।

​”बच्चों की इच्छा ने दी इस आयोजन को प्रेरणा” — नीता अंबानी

​स्टेडियम में बच्चों के जबरदस्त जोश और एनर्जी को देखकर रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर और चेयरपर्सन मिसेज नीता अंबानी ने बेहद खुशी जताई। इस पहल की शुरुआत के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा:

​”यह मुंबई इंडियंस में हम सभी के लिए बहुत खास दिन है। हमने 16 साल पहले रिलायंस फाउंडेशन द्वारा ईएसए (ESA) शुरू किया था और सबको साथ लेकर चलना हमेशा से हमारे उसूलों का हिस्सा रहा है।”

​उन्होंने आगे एक भावुक किस्सा साझा करते हुए बताया, “आईपीएल सीजन से ठीक पहले जब मैं ‘नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड’ के बच्चों से मिलने गई थी, तो बच्चों ने मुझसे पूछा था— ‘नीता मैम, क्या हम मुंबई का मैच देखने आ सकते हैं? हम पहले कभी स्टेडियम नहीं गए हैं।’ आज वे सभी बच्चे यहाँ हैं और मुझे उम्मीद है कि वे अपने साथ जीवन भर की प्यारी यादें लेकर वापस जाएंगे।”

​29 मिलियन बच्चों तक पहुंचा रिलायंस फाउंडेशन का स्पोर्टिंग विजन

​अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की सदस्य नीता अंबानी ने भारत को एक स्पोर्टिंग नेशन बनाने के अपने साझा सपने को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया:

​रिलायंस फाउंडेशन अपने स्पोर्ट्स और एजुकेशन इनिशिएटिव के जरिए अब तक देश के 28 राज्यों में 29 मिलियन (2.9 करोड़) से ज्यादा बच्चों तक पहुंच चुका है।

​फाउंडेशन 5 साल की उम्र से लेकर बच्चों को वैश्विक मंच तक ले जाने के लिए कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस और प्रैक्टिस की आधुनिक सुविधाएं दे रहा है।

​क्रिकेट के अलावा फुटबॉल, एथलेटिक्स और कई अन्य खेलों के लिए भी ‘हाई परफॉर्मेंस सेंटर’ चलाए जा रहे हैं, जिसका अंतिम लक्ष्य एक दिन ओलंपिक गेम्स को भारत में लाना है।

​550 बसें, 92 हजार फूड बॉक्स और अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम

​इतने बड़े पैमाने पर बच्चों को सुरक्षित रूप से स्टेडियम लाने और वापस भेजने के लिए एक विशाल ऑन-ग्राउंड नेटवर्क ने काम किया:

​यातायात व्यवस्था: मुंबई, सतारा, नासिक, वलसाड और इगतपुरी जैसे दूर-दराज के इलाकों से 40 से ज्यादा एनजीओ (NGO) पार्टनर्स के बच्चों को लाने के लिए 550 से ज्यादा बेस्ट (BEST) बसों का इंतजाम किया गया।

​सपोर्ट स्टाफ: बच्चों की देखभाल के लिए धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल और रिलायंस के 2,400 से ज्यादा वॉलंटियर्स, 100 से ज्यादा मेडिकल स्टाफ तैनात थे, और बच्चों के लिए 92,000 फूड बॉक्स की व्यवस्था की गई थी।

​मुंबई पुलिस का सहयोग: शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए मुंबई पुलिस के 550 ट्रैफिक पुलिसकर्मी और 450 से ज्यादा पुलिस अधिकारी पूरे दिन मुस्तैद रहे।

​मुंबई इंडियंस की ‘वन फैमिली’ (One Family) फिलॉसफी पर आधारित यह आयोजन सामूहिक प्रयास का एक अद्भुत उदाहरण साबित हुआ, जिसका एकमात्र उद्देश्य समाज के हर बच्चे को मूल्यवान और अपनी मुख्यधारा का हिस्सा महसूस कराना था।

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