फाल्टा पुनर्मतदान में BJP की ऐतिहासिक जीत: देबांशु पांडा 1.09 लाख से अधिक वोटों से जीते, सीएम सुवेंदु अधिकारी ने ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ पर साधा निशाना
फाल्टा पुनर्मतदान में BJP की ऐतिहासिक जीत: देबांशु पांडा 1.09 लाख से अधिक वोटों से जीते, सीएम सुवेंदु अधिकारी ने ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ पर साधा निशाना
कोलकाता/फाल्टा: पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए हाई-प्रोफाइल पुनर्मतदान (Repoll) के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एकतरफा और ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। बीजेपी उम्मीदवार देबांशु पांडा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 1,09,021 वोटों के भारी-भरकम अंतर से पटखनी देकर इस सीट पर कमल खिलाया है। इस प्रचंड जीत के साथ ही बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के इस पुराने गढ़ पर अपनी मजबूत पकड़ साबित कर दी है।
इस बड़ी राजनीतिक जीत पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने खुशी जाहिर करते हुए फल्टा की जनता का आभार जताया है और विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
सीएम सुवेंदु अधिकारी का ‘X’ पर बड़ा हमला: “बदनाम डायमंड हार्बर मॉडल फेल”
नतीजे सामने आने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की। उन्होंने टीएमसी के रणनीतिक गढ़ माने जाने वाले इलाके पर तंज कसते हुए लिखा:
”बदनाम ‘डायमंड हार्बर’ मॉडल अब ‘तृणमूल के नुकसान (TMC’s Loss)’ का मॉडल बन गया है। सबसे पहले और सबसे जरूरी बात, मैं फाल्टा के लोगों—उस दिव्य जनता—के सामने नत मस्तक होकर उन्हें प्रणाम करता हूं, जिन्होंने फल्टा पुनर्मतदान में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार श्री देबांग्शु पांड्या (देबांशु पांडा) को विधानसभा भेजने के लिए इतना जोरदार जनादेश दिया।”
”जनता ने पूरा किया 1 लाख वोटों का लक्ष्य”
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में फाल्टा के मतदाताओं का विशेष रूप से आभार जताते हुए कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने जनता से जो अपील की थी, उसे मतदाताओं ने पूरी ताकत से निभाया है। उन्होंने आगे कहा:
”मैंने फल्टा की जनता से निजी तौर पर अपील की थी कि वे भाजपा उम्मीदवार की जीत कम से कम एक लाख वोटों के अंतर से सुनिश्चित करें। मुझे बेहद खुशी है कि फल्टा के जागरूक मतदाताओं ने इस अंतर को एक लाख आठ हजार (1,09,021) से भी ज्यादा पहुंचा दिया। हम इस क्षेत्र के विकास के जरिए जनता के इस अमूल्य कर्ज को चुकाएंगे। हमारी सरकार एक ‘स्वर्णिम फल्टा’ बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
क्यों खास है फाल्टा की यह जीत?
प्रतिद्वंद्वी पस्त: इस पुनर्मतदान में बीजेपी के देबांशु पांडा को कुल 1,49,666 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी सीपीआई(एम) के शंभू नाथ कुर्मी 40,645 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला को 10,084 वोट मिले।
टीएमसी उम्मीदवार की पीछे हटने की कहानी: चुनाव से ठीक कुछ दिन पहले टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी मैदान से हटने का ऐलान कर दिया था, जिसके चलते टीएमसी को इस चुनाव में बेहद करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा और वे चौथे स्थान पर खिसक गए।
कड़ा सुरक्षा घेरा: इससे पहले 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान ईवीएम से छेड़छाड़ और कई गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने सभी 285 बूथों पर दोबारा मतदान (21 मई को) कराने का आदेश दिया था। केंद्रीय बलों की 35 कंपनियों की कड़ी निगरानी में हुए इस पुनर्मतदान में रिकॉर्ड 87% से अधिक वोटिंग दर्ज की गई थी, जिसका नतीजा आज बीजेपी के पक्ष में एकतरफा रहा।
