बेंगलुरु में पीएम मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक: रूट के पास विस्फोटक मिलने के बाद सब-इंस्पेक्टर समेत 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड
बेंगलुरु में पीएम मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक: रूट के पास विस्फोटक मिलने के बाद सब-इंस्पेक्टर समेत 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड
बेंगलुरु: बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा व्यवस्था में चूक के मामले में कर्नाटक राज्य सरकार और पुलिस विभाग ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस महीने की शुरुआत में पीएम मोदी के तय रूट के पास विस्फोटक बरामद होने के बाद पुलिस विभाग के सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। अब इस मामले में अनुशासनहीनता और लापरवाही बरतने के आरोप में छह पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है।
निलंबित होने वाले पुलिसकर्मियों में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI), एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) और चार कांस्टेबल शामिल हैं।
एसपी श्रीनिवास गौड़ा ने जारी किया कड़ा आदेश
यह पूरी अनुशासनात्मक कार्रवाई बेंगलुरु दक्षिण के पुलिस अधीक्षक (SP) श्रीनिवास गौड़ा की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के बाद की गई है। एसपी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि:
10 मई को प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था (बंदोबस्त ड्यूटी) के लिए इन अधिकारियों की तैनाती की गई थी।
इन कर्मियों ने देश के सबसे वीवीआईपी (VVIP) नेता की सुरक्षा जैसे अति-संवेदनशील मामले में गंभीर लापरवाही और ढिलाई दिखाई, जिसे विभाग ने अक्षम्य माना है।
वडेराहली गेट के पास बरामद हुआ था बारूद
दरअसल, यह विस्फोटक बेंगलुरु दक्षिण तालुक के वडेराहली गेट (Vaderahalli Gate) के पास से बरामद किए गए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि यह इलाका ठीक उसी जगह के बेहद करीब था, जहां इन छह पुलिसकर्मियों की सुरक्षा ड्यूटी लगाई गई थी। अपने तय दायरे और पॉइंट के आसपास संदिग्ध गतिविधियों या खतरनाक सामग्रियों पर नजर न रख पाना इन सुरक्षाकर्मियों के निलंबन की मुख्य वजह बना।
आंतरिक जांच के बाद गिरी गाज
10 मई को वीवीआईपी रूट के पास विस्फोटक मिलने की खबर से पुलिस महकमे और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत एक आंतरिक विभागीय जांच (Internal Inquiry) बिठाई गई।
जांच रिपोर्ट में इन पुलिसकर्मियों को प्रथम दृष्टया (Prima Facie) दोषी और कर्तव्य के प्रति लापरवाह पाया गया। इसके तुरंत बाद विभाग ने यह कड़ी कार्रवाई की। फिलहाल, इस बात की गहन जांच जारी है कि सुरक्षा घेरे के इतने करीब विस्फोटक कहाँ से और किस मकसद से लाए गए थे।
