आस्था का सैलाब: 35 दिनों में 20.76 लाख से पार पहुंची चारधाम यात्रियों की संख्या, शनिवार को बना रिकॉर्ड
आस्था का सैलाब: 35 दिनों में 20.76 लाख से पार पहुंची चारधाम यात्रियों की संख्या, शनिवार को बना रिकॉर्ड
देहरादून, 23 मई: Uttarakhand में चारधाम दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का ऐतिहासिक सैलाब उमड़ पड़ा है। चारों धामों—केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग रही हैं। हालांकि, प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के कारण यात्रा पूरी तरह सुचारु रूप से चल रही है। आज शनिवार को एक ही दिन में रिकॉर्ड 96,116 तीर्थयात्रियों ने चारधाम के दर्शन किए, जिसके साथ ही कुल दर्शनार्थियों का आंकड़ा 20 लाख 76 हजार को पार कर गया है।
शनिवार को बना एक दिन का नया रिकॉर्ड
शनिवार को चारों धामों में कुल 96,116 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। इस दिन सबसे अधिक भीड़ बद्रीनाथ धाम में देखी गई, जहाँ सर्वाधिक 32,219 तीर्थयात्री पहुंचे। इसके अलावा केदारनाथ में 29,787, गंगोत्री में 17,897 और यमुनोत्री धाम में 16,213 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
35 दिनों का पूरा लेखा-जोखा (धाम वार आंकड़े)
बीते 19 अप्रैल को चारधाम यात्रा का आगाज़ हुआ था। तब से लेकर आज 23 मई तक (कुल 35 दिनों में) 20 लाख 76 हजार 553 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। चारों धामों में श्रद्धालुओं की संख्या इस प्रकार रही:
केदारनाथ धाम: 8,11,923 श्रद्धालु
बद्रीनाथ धाम: 5,56,437 श्रद्धालु
यमुनोत्री धाम: 3,56,031 श्रद्धालु
गंगोत्री धाम: 3,52,162 श्रद्धालु
मुख्यमंत्री धामी का कुशल प्रबंधन, आपदा प्रबंधन अलर्ट पर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल यात्रा प्रबंधन ने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का विश्वास जीता है। चूंकि यह यात्रा उच्च हिमालयी क्षेत्रों की है, इसलिए मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह ‘अलर्ट मोड’ पर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने शीर्ष अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि मौसम प्रतिकूल होने की स्थिति में भी हर एक श्रद्धालु की सुरक्षा, ठहरने और चिकित्सा सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए।
’बोले सो निहाल’ के जयकारों के साथ खुले हेमकुंट साहिब के कपाट
चारधाम यात्रा के बीच आज शनिवार को विश्व प्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल श्री हेमकुंट साहिब के कपाट भी आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। कपाटोद्घाटन के पहले ही दिन 6,605 श्रद्धालु इस पावन पल के साक्षी बने।
शनिवार सुबह पंच प्यारों की अगुवाई में सिख श्रद्धालुओं का पहला जत्था बर्फबारी और कठिन रास्तों को पार करते हुए हेमकुंट साहिब पहुंचा। जैसे ही कपाट खुले, पूरी लोकपाल घाटी ‘बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठी। प्रशासन ने यहाँ भी यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
