उत्तराखंड

चारधाम यात्रा समीक्षा: मुख्य सचिव ने दिए कड़े निर्देश; बढ़ सकती है दर्शन की टाइमिंग, बीमार और बुजुर्गों को न आने की सलाह

चारधाम यात्रा समीक्षा: मुख्य सचिव ने दिए कड़े निर्देश; बढ़ सकती है दर्शन की टाइमिंग, बीमार और बुजुर्गों को न आने की सलाह

​देहरादून: उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शनिवार को आईटी पार्क स्थित राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष (State Disaster Control Room) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में चल रही विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा की मौजूदा स्थिति और व्यवस्थाओं की सघन समीक्षा की। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती रिकॉर्ड संख्या और आगामी मानसून सीजन को देखते हुए मुख्य सचिव ने संबंधित सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के लिए कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

​1. भीड़ बढ़ी तो पिछले सालों की तरह रात में भी होंगे दर्शन

​चारों धामों (केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) में उमड़ रहे आस्था के सैलाब को देखते हुए मुख्य सचिव ने श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए प्रशासन को अलर्ट किया:

​रात्रिकालीन दर्शन: मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि यदि धामों में श्रद्धालुओं की भीड़ अत्यधिक बढ़ती है, तो पिछले वर्षों की व्यवस्था की तर्ज पर रात्रिकालीन दर्शन (Night Darshan) की व्यवस्था को दोबारा सुचारू किया जाए, ताकि किसी भी यात्री को बिना दर्शन के न लौटना पड़े।

​आपसी सामंजस्य: उन्होंने जिला प्रशासन, बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) और स्थानीय हितधारकों (Stakeholders) को आपस में बेहतर तालमेल बिठाकर यात्रियों को सभी जरूरी सुविधाएं और सेवाएं देने को कहा।

​2. मानसून और लैंडस्लाइड को लेकर ‘निकासी प्लान’ तैयार रखने के निर्देश

​आगामी मानसून सीजन और पहाड़ों में होने वाली भारी बारिश व भूस्खलन (Landslide) की चुनौतियों को भांपते हुए मुख्य सचिव ने पहले से ही ‘बैकअप प्लान’ तैयार करने के आदेश दिए हैं:

​होल्डिंग एरिया होंगे एक्टिव: यात्रा मार्ग के निचले क्षेत्रों में बने सभी होल्डिंग एरिया (यात्रियों को रोकने के स्थान) को अभी से पूरी तरह सक्रिय कर लिया जाए। इन जगहों पर पानी, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

​एयरलिफ्ट और निकासी योजना: भारी बारिश या रास्ता बंद होने की स्थिति के लिए सभी संबंधित जिले ‘निकासी योजना’ (Evacuation Plan) तैयार रखें। इसके साथ ही युकाडा (UCADA – उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण) को भी अपना आकस्मिक निकासी प्लान तैयार रखने को कहा गया है, ताकि आपातकाल में फंसे यात्रियों को तुरंत एयरलिफ्ट किया जा सके।

​राशन का एडवांस स्टॉक: आपदा के समय सप्लाई चेन न टूटे, इसके लिए प्रभावित जिलों में राशन, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्रियों का पर्याप्त एडवांस स्टॉक जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।

​3. हेल्थ चेकअप पर विशेष जोर; बुजुर्गों, बच्चों और बीमारों को यात्रा न करने की सलाह

​मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सेहत को लेकर सबसे महत्वपूर्ण गाइडलाइन जारी की है:

​स्वास्थ्य जांच अनिवार्य: यात्रा के लिए अनिवार्य पंजीकरण (Registration) के साथ-साथ अब यात्रियों की स्वास्थ्य जांच (Health Checkup) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

​इन लोगों को रोकने की कोशिश: मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, बहुत छोटे बच्चों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को इस कठिन और अत्यधिक ऊंचाई वाली यात्रा पर न आने के लिए प्रेरित (Counsel) किया जाए।

​व्यापक प्रचार-प्रसार: लोगों को जागरूक करने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को लगातार सोशल मीडिया, न्यूज और यात्रा मार्गों पर होर्डिंग्स के जरिए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने की हिदायत दी गई है।

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