उत्तराखंड

मसूरी में ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए ‘शटल सेवा’ शुरू: बड़े वाहनों की एंट्री बैन, यात्रियों के लिए ₹50 किराया तय

मसूरी में ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए ‘शटल सेवा’ शुरू: बड़े वाहनों की एंट्री बैन, यात्रियों के लिए ₹50 किराया तय

​मसूरी: गर्मियों के सीजन में पहाड़ों की रानी मसूरी में उमड़ने वाली पर्यटकों की भारी भीड़ और उससे लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार से शहर में नई ‘शटल सेवा’ (Shuttle Service) की शुरुआत कर दी गई है। एसडीएम राहुल आनंद के नेतृत्व में पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने किंक्रेग (Kincraig) पेट्रोल पंप के पास मोर्चा संभाला और देहरादून की तरफ से आने वाले सभी टेंपो ट्रैवलरों और बड़े कमर्शियल वाहनों को शहर में घुसने से पहले ही रोक दिया।

​इन बड़े वाहनों में सवार पर्यटकों को वहीं से छोटी टैक्सियों और शटल वाहनों के जरिए उनके होटलों और गंतव्य स्थानों तक भेजा गया।

​1. क्यों लिया गया यह फैसला?

​एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि पर्यटन सीजन के चरम पर होने के कारण रोजाना सैकड़ों टेंपो ट्रैवलर मसूरी पहुंच रहे हैं। इन बड़े वाहनों के शहर के संकरे रास्तों पर दाखिल होने से माल रोड और अन्य प्रमुख मार्गों पर घंटों लंबा जाम लग रहा था।

​जाम से मिलेगी मुक्ति: इसी समस्या के समाधान के लिए पहले चरण में इन बड़े वाहनों को किंक्रेग पर रोकने का निर्णय लिया गया है।

​किराया और वाहनों की संख्या: प्रशासन ने शटल सेवा का लाभ उठाने वाले प्रत्येक यात्री के लिए ₹50 किराया निर्धारित किया है। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए दोनों स्थानीय टैक्सी यूनियनों के साथ तालमेल बिठाकर पर्याप्त संख्या में वाहन किंक्रेग पर तैनात किए गए हैं।

​2. अचानक लागू हुई व्यवस्था से पर्यटकों में दिखी नाराजगी

​शटल सेवा लागू होने के पहले ही दिन किंक्रेग पर पर्यटकों और प्रशासनिक टीम के बीच थोड़ी बहस और नाराजगी भी देखने को मिली।

​प्रचार-प्रसार की कमी का आरोप: पर्यटकों का कहना था कि प्रशासन ने इस नई व्यवस्था का पहले से कोई खास प्रचार-प्रसार नहीं किया। वे देहरादून से सीधे होटलों तक के लिए भारी पैसे देकर टेंपो ट्रैवलर बुक करके लाए थे। अगर उन्हें इस नियम की जानकारी पहले से होती, तो वे छोटी गाड़ियों से ही आते ताकि सामान उतारने और गाड़ियां बदलने की असुविधा से बचा जा सके। पर्यटकों ने मांग की है कि ऐसे फैसलों को व्यापक स्तर पर विज्ञापित किया जाना चाहिए।

​एसडीएम का पक्ष: इस नाराजगी पर एसडीएम ने साफ किया कि शटल सेवा की तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही थी और होटल एसोसिएशन समेत सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक कर इसकी जानकारी साझा की जा चुकी थी। शुरुआत में कुछ व्यावहारिक दिक्कतें आना स्वाभाविक है, जिन्हें जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा।

​3. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

​मसूरी के कोतवाल देवेंद्र चौहान ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीमें मिलकर किंक्रेग और अन्य एंट्री पॉइंट्स पर मुस्तैद हैं। उन्होंने टेंपो ट्रैवलर चालकों और मालिकों से अपील की है कि वे शहर को जाम से मुक्त रखने में प्रशासन का सहयोग करें। कोतवाली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी व्यवस्था यातायात नियमों और प्रशासनिक आदेशों के तहत संचालित की जा रही है, और यदि कोई भी चालक नियमों की अनदेखी या हुड़दंग करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ चालान और वाहन सीज करने जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​स्थानीय लोगों ने की नगर पालिका की ‘सिटी बस सेवा’ की सराहना

​इस नई व्यवस्था के तहत पर्यटकों और स्थानीय निवासियों की सहूलियत के लिए नगर पालिका की ‘सिटी बस सेवा’ को भी सड़कों पर उतारा गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम की जमकर तारीफ की है। उनका मानना है कि यदि यह शटल सेवा पूरी तरह सफल रहती है, तो इस पूरे सीजन में न केवल पर्यटकों का समय बचेगा बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोज-रोज के जाम और प्रदूषण से बड़ी राहत मिलेगी।

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