खेल

IPL 2026: पांच बार की चैंपियन CSK का टूटा सपना, लगातार दूसरी बार प्लेऑफ से बाहर होने के 5 बड़े कारण

IPL 2026: पांच बार की चैंपियन CSK का टूटा सपना, लगातार दूसरी बार प्लेऑफ से बाहर होने के 5 बड़े कारण

​चेन्नई: आईपीएल 2026 (IPL 2026) में पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का सफर बेहद निराशाजनक तरीके से समाप्त हो चुका है। सीजन के 14 लीग मुकाबलों में से टीम केवल 6 मैचों में ही जीत दर्ज कर सकी और पॉइंट्स टेबल में पिछड़ गई। यह लगातार दूसरा साल है जब चेन्नई प्लेऑफ का टिकट कटाने में नाकाम रही है। फैंस के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर स्टार खिलाड़ियों से सजी यह टीम कहां चूक गई।

​आइए विश्लेषण करते हैं उन 5 बड़े कारणों का, जिसकी वजह से सीएसके का प्लेऑफ में पहुंचने का सपना चकनाचूर हो गया:

​1. खिलाड़ियों की इंजरी (चोट) ने बिगाड़ा खेल

​इस पूरे सीजन में चोटिल खिलाड़ियों की लंबी सूची ने सीएसके के कॉम्बिनेशन को कभी सेट नहीं होने दिया:

​शुरुआती झटके: तेज गेंदबाज नाथन एलिस चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हुए, जिसके बाद शानदार लय में दिख रहे युवा खिलाड़ी आयुष म्हात्रे का इंजरी की वजह से बाहर होना टीम के लिए बड़ा झटका रहा।

​मिड-सीजन क्राइसिस: मुख्य तेज गेंदबाज खलील अहमद केवल 5 मैच खेलने के बाद चोटिल हो गए। वहीं, बल्ले और गेंद दोनों से मैच जिताने की क्षमता रखने वाले ऑलराउंडर जेमी ओवरटन भी बेहद अहम मौके पर इंजरी का शिकार होकर आईपीएल 2026 से बाहर हो गए।

​2. मैदान पर खली ‘थाला’ एमएस धोनी की कमी

​चेन्नई सुपर किंग्स की सबसे बड़ी ताकत हमेशा से विकेट के पीछे खड़े एमएस धोनी (MS Dhoni) का शातिर दिमाग रहा है।

​चोट के कारण धोनी आईपीएल 2026 में एक भी मैच नहीं खेल सके।

​उनकी गैरमौजूदगी का असर टीम की लीडरशिप पर साफ दिखा। मुश्किल हालातों में जब मैच फंस रहा था, तब कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ मैदान पर पूरी तरह से बेबस और अकेले दिखाई दिए। धोनी का मेंटॉरशिप और फिनिशर का रोल न होना सीएसके को सबसे ज्यादा भारी पड़ा।

​3. महंगे युवा खिलाड़ी रहे पूरी तरह फ्लॉप

​मेटा ऑक्शन और टीम बिल्डिंग के दौरान सीएसके ने जिन युवा चेहरों पर पानी की तरह पैसा बहाया था, उन्होंने सबसे ज्यादा निराश किया:

​प्रशांत वीर और कार्तिक शर्मा को चेन्नई ने भारी-भरकम 14.2 करोड़ रुपये खर्च करके अपनी टीम में शामिल किया था। हालांकि, पूरे सीजन में ये दोनों खिलाड़ी उम्मीदों का बोझ नहीं उठा सके।

​इसके अलावा, टीम के एक और युवा बल्लेबाज उर्विल पटेल भी पूरे सीजन में केवल एक ही अर्धशतक लगा पाए।

​4. फ्लॉप रहे ब्रेविस और कप्तान ऋतुराज की धीमी बल्लेबाजी

​टी-20 क्रिकेट में पावरप्ले और स्ट्राइक रेट का बड़ा महत्व होता है, लेकिन सीएसके के मुख्य बल्लेबाज इस मोर्चे पर फेल रहे:

​डेवाल्ड ब्रेविस: ‘बेबी एबी’ के नाम से मशहूर ब्रेविस टीम की उम्मीदों पर बिल्कुल खरे नहीं उतरे। उन्होंने 11 मुकाबलों में महज 127 के साधारण स्ट्राइक रेट से सिर्फ 151 रन बनाए और एक भी अर्धशतक नहीं जड़ सके।

​ऋतुराज गायकवाड़: कप्तान ऋतुराज ने रन तो बनाए, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट (123.44) बेहद धीमा रहा, जिससे मिडिल ऑर्डर पर रन रेट का दबाव लगातार बढ़ता गया।

​5. अनुभवी गेंदबाजों की कमी और बेअसर स्पिन अटैक

​चेन्नई की गेंदबाजी इस सीजन बेहद साधारण और दिशाहीन नजर आई:

​खलील अहमद के चोटिल होने के बाद तेज गेंदबाजी आक्रमण की धार पूरी तरह खत्म हो गई। अंशुल कंबोज ने शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन करो या मरो वाले मैचों में वह बेहद महंगे साबित हुए। यही हाल स्पेंसर जॉनसन और गुरजपनीत सिंह का भी रहा।

​स्पिन विभाग फेल: चेपॉक की टर्निंग पिच पर भी सीएसके का स्पिन विभाग बेअसर रहा। नूर अहमद के प्रदर्शन में निरंतरता (Consistency) की भारी कमी दिखी और वह रनों की रफ्तार पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे।

​निष्कर्ष: इंजरी, धोनी की कमी और महंगे खिलाड़ियों के खराब फॉर्म ने मिलकर सीएसके के लिए आईपीएल 2026 के सफर को एक बुरे सपने में बदल दिया। अब अगले सीजन के लिए टीम को नए सिरे से रणनीति तैयार करनी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *