राजनीति

राज्यसभा चुनाव का ऐलान: 26 सीटों पर सियासी घमासान, बदलेंगे संसद के समीकरण

राज्यसभा चुनाव का ऐलान: 26 सीटों पर सियासी घमासान, बदलेंगे संसद के समीकरण

​देश की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। चुनाव आयोग ने 12 राज्यों की कुल 26 राज्यसभा सीटों पर चुनाव कराने की घोषणा कर दी है। इन चुनावों के जरिए कई दिग्गज नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, वहीं संसद के उच्च सदन (Upper House) में कुछ नए राजनीतिक दलों और चेहरों की एंट्री भी होने जा रही है।

​पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के अलावा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल भी खत्म होने जा रहा है। ऐसे में इन बड़े नामों के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

​1. कहां कितनी सीटों पर मतदान और क्या है चुनावी गणित?

​इन 26 सीटों के लिए अलग-अलग राज्यों में चुनाव होने हैं। इसके साथ ही दो राज्यों में उपचुनाव भी कराए जाएंगे:

​4-4 सीटें: आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक।

​3-3 सीटें: मध्य प्रदेश और राजस्थान।

​2 सीटें: झारखंड।

​1-1 सीट: मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश।

​उपचुनाव: महाराष्ट्र और तमिलनाडु की 1-1 सीट पर 18 जून 2026 को उपचुनाव भी होंगे।

​2. सीटों का नफा-नुकसान: किसे मिलेगी बढ़त?

​मौजूदा समय में इन 26 सीटों में से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास 18 सीटें हैं। लेकिन राज्यों के मौजूदा विधानसभा समीकरणों को देखते हुए इस बार आंकड़े बदल सकते हैं:

​NDA (भाजपा+): मौजूदा 18 सीटों से घटकर 17 पर आ सकता है।

​कांग्रेस: 4 सीटों से बढ़कर 5 सीटों पर पहुंच सकती है।

​झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM): गठबंधन के चलते इसे 2 सीटों का फायदा मिल सकता है।

​अन्य: अजित पवार की राकांपा (NCP) को 1 सीट मिलने की उम्मीद है। वहीं दक्षिण के सुपरस्टार थलापति विजय की पार्टी टीवीके (TVK) पहली बार राज्यसभा में कदम रख सकती है।

​3. राज्यवार सीटों की संभावित तस्वीर

​गुजरात: सभी 4 सीटें बीजेपी के खाते में जाना तय माना जा रहा है, जिससे कांग्रेस का यहां खाता भी नहीं खुलेगा।

​कर्नाटक: यहां की 4 सीटों में से 3 पर सत्ताधारी कांग्रेस और 1 सीट पर बीजेपी की जीत पक्की दिख रही है।

​मध्य प्रदेश और राजस्थान: दोनों राज्यों की 3-3 सीटों में से 2-2 पर बीजेपी और 1-1 पर कांग्रेस बाजी मार सकती है।

​आंध्र प्रदेश: सत्ता बदलने के बाद यहां की सभी 4 सीटें तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के खाते में जा सकती हैं।

​झारखंड: यहां की 2 सीटें जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन के पास जाने की उम्मीद है। हालांकि, चर्चा है कि कांग्रेस एक सीट के लिए हेमंत सोरेन पर दबाव बना सकती है, जबकि बीजेपी यहां क्रॉस वोटिंग (Cross Voting) के जरिए उलटफेर की फिराक में है।

​4. इन बड़े चेहरों की साख दांव पर

​रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन: मोदी सरकार में मंत्री होने के नाते बीजेपी के सामने इन दोनों को सदन में भेजने की चुनौती है। खासकर पंजाब की राजनीति को साधने के लिए रवनीत सिंह बिट्टू को राज्यसभा भेजना बीजेपी के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है।

​मल्लिकार्जुन खरगे और कमलनाथ: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का कर्नाटक से दोबारा राज्यसभा जाना लगभग तय है, जबकि मध्य प्रदेश से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम रेस में सबसे आगे चल रहा है।

​एचडी देवेगौड़ा: कर्नाटक से जनता दल (सेक्युलर) के मुखिया और पूर्व पीएम देवेगौड़ा को लेकर सस्पेंस बरकरार है कि क्या बीजेपी उन्हें फिर से समर्थन देगी या वहां अपना उम्मीदवार उतारेगी।

​राज्यसभा में मौजूदा दलीय स्थिति

​वर्तमान में राज्यसभा की कुल 244 सीटों में से NDA के पास 149, विपक्ष के पास 78 और अन्य क्षेत्रीय दलों के पास 17 सीटें हैं। हालांकि, डीएमके (DMK) के इंडिया (INDIA) गठबंधन से अलग होने की चर्चाओं के बीच यह आंकड़े और ज्यादा दिलचस्प हो सकते हैं। 2026 के ये चुनाव न सिर्फ संसद में संख्या बल को बदलेंगे, बल्कि आने वाले समय की राष्ट्रीय राजनीति को भी एक नया संदेश देंगे।

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