FIFA वर्ल्ड कप 2026: भारतीय फुटबॉल फैंस के लिए आई बड़ी खुशखबरी, भारत में प्रसारण अधिकारों की डील पक्की!
FIFA वर्ल्ड कप 2026: भारतीय फुटबॉल फैंस के लिए आई बड़ी खुशखबरी, भारत में प्रसारण अधिकारों की डील पक्की!
नई दिल्ली: FIFA वर्ल्ड कप 2026 के महामुकाबले शुरू होने में अब महज तीन हफ्ते का समय बचा है। लंबे समय से चल रही खींचतान और पर्दे के पीछे की मैराथन बातचीत के बाद आखिरकार भारतीय फुटबॉल फैंस के लिए एक बहुत बड़ी और सुखद खबर सामने आ रही है। भारत में फुटबॉल वर्ल्ड कप के लाइव ब्रॉडकास्ट (प्रसारण) को लेकर फंसा पेंच अब सुलझ गया है। भारत इस मेगा टूर्नामेंट के आधिकारिक प्रसारण अधिकार हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार है और इसकी औपचारिक (Official) घोषणा अगले हफ्ते होने की उम्मीद है।
1. 280 से 335 करोड़ रुपये में फाइनल हुई डील
दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते खेल बाजारों में से एक होने के नाते, फीफा (FIFA) के लिए भारत जैसे विशाल बाजार को नजरअंदाज करना मुमकिन नहीं था।
डील की रकम: रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में प्रसारण अधिकारों की यह डील 30 से 35 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 280 से 335 करोड़ रुपये के बीच तय हुई है।
फीफा की उम्मीदें: हालांकि, फीफा को उम्मीद थी कि वह भारतीय बाजार से कम से कम 100 मिलियन डॉलर (लगभग 965 करोड़ रुपये) हासिल करेगा, लेकिन भारतीय बाजार की व्यावहारिकताओं को देखते हुए आखिरकार डील कम कीमत पर लॉक हुई है। बता दें कि पिछली बार (2022 कतर वर्ल्ड कप) JioCinema ने डिजिटल राइट्स के लिए 60 मिलियन डॉलर खर्च किए थे।
2. पहली बार 48 टीमें और 104 मैच का महारोमांच
कनाडा, मेक्सिको और अमेरिका की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाला यह 23वां फुटबॉल वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा टूर्नामेंट होने जा रहा है:
तारीख: यह टूर्नामेंट 11 जून से 19 जुलाई 2026 के बीच खेला जाएगा।
बदला हुआ फॉर्मेट: इस बार टूर्नामेंट में 32 के बजाय 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं।
मैचों की संख्या: टीमों के बढ़ने से कुल मैचों की संख्या 64 से बढ़कर 104 (72 लीग मैच और 32 नॉकआउट मैच) हो गई है। यही वजह है कि इसके अब तक का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला वर्ल्ड कप बनने की उम्मीद है।
3. टाइम जोन बनेगा चुनौती: सिर्फ 14 मैच ही मिड-नाइट से पहले
इस बार भारतीय दर्शकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती मैचों की टाइमिंग होगी। अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको के टाइम जोन के कारण अधिकांश मैच भारतीय समयानुसार देर रात 12:30 बजे के बाद शुरू होंगे।
कामकाजी लोगों के लिए पूरी रात जागकर मैच देखना आसान नहीं होगा।
कुल 104 मैचों में से केवल 14 मैच ही ऐसे हैं, जो भारतीय समय के मुताबिक आधी रात (12:00 AM) से पहले शुरू हो पाएंगे। यही मुख्य वजह थी कि भारतीय ब्रॉडकास्टर्स इस डील के लिए मोटी रकम देने से हिचकिचा रहे थे।
4. राष्ट्रीय टीम के संघर्ष के बावजूद भारत में फुटबॉल का क्रेज
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय फुटबॉल टीम का प्रदर्शन भले ही उतना खास न रहा हो (वर्तमान में पुरुष टीम की फीफा रैंकिंग 136 और महिला टीम की 69 है), लेकिन देश में फुटबॉल की दीवानगी सातवें आसमान पर है।
पिछला रिकॉर्ड: 2022 कतर वर्ल्ड कप के दौरान भारत में सभी प्लेटफॉर्म्स को मिलाकर 74.5 करोड़ लोगों ने मैचों का लुत्फ उठाया था। दर्शकों के मामले में भारत केवल चीन से पीछे था।
फैन बेस: कोलकाता, कोच्चि, गोवा और बेंगलुरु जैसे शहरों में फुटबॉल को लेकर जबरदस्त जुनून है। वहीं, मेट्रो शहरों की ‘GenZ’ पीढ़ी यूरोपीय लीग्स (जैसे EPL) और ग्लोबल फुटबॉल स्टार्स को पागलों की तरह फॉलो करती है। हालांकि, देश में फुटबॉल स्ट्रीमिंग की कीमत कम होने की वजह से इंग्लिश प्रीमियर लीग भी भारत से सालाना 1500 करोड़ रुपये से कम की ही कमाई कर पाती है।
पब्लिक ब्रॉडकास्टर ने खींचे थे हाथ:
इससे पहले भारत के पब्लिक ब्रॉडकास्टर ‘प्रसार भारती’ ने दूरदर्शन पर इसका प्रसारण करने से साफ पल्ला झाड़ लिया था, जिससे फैंस के बीच मायूसी छा गई थी। लेकिन अब इस नई डील के सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि भारतीय फैंस पर एक बार फिर वर्ल्ड कप का खुमार चढ़ने वाला है।
