Thursday, May 21, 2026
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प्रशांत किशोर का बड़ा संकल्प: छोड़ा सरकारी आवास, अगले 5 साल ‘बिहार नवनिर्माण आश्रम’ के टेंट में रहकर चलाएंगे ‘जन सुराज’

प्रशांत किशोर का बड़ा संकल्प: छोड़ा सरकारी आवास, अगले 5 साल ‘बिहार नवनिर्माण आश्रम’ के टेंट में रहकर चलाएंगे ‘जन सुराज’

​पटना/दरभंगा: बिहार की राजनीति में अपनी रणनीतियों से हलचल मचाने वाले ‘जन सुराज’ के मुखिया प्रशांत किशोर (PK) ने एक बेहद साहसी और बड़ा संकल्प लिया है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की चुनौतियों और नतीजों के बाद, उन्होंने घोषणा की है कि वे अगले पांच वर्षों तक यानी साल 2031 के चुनावों तक अपने घर और सुख-सुविधाओं को छोड़कर एक आश्रम में जीवन बिताएंगे। प्रशांत किशोर का मानना है कि जब तक उनकी पार्टी ‘जन सुराज’ बिहार की सियासी जमीन पर पूरी तरह से जड़ें नहीं जमा लेती, तब तक बिहटा स्थित ‘बिहार नवनिर्माण आश्रम’ ही उनका स्थायी ठिकाना रहेगा।

​सरकारी आवास छोड़ 5 एकड़ के टेंट सिटी में पहुंचे PK

​प्रशांत किशोर ने मंगलवार (19 मई) की रात को अपना आधिकारिक ठिकाना बदल दिया। उन्होंने पटना के पॉश इलाके में स्थित ‘शेखपुरा हाउस’ (पूर्व सांसद उदय सिंह का आवास) से अपना बोरिया-बिस्तर पूरी तरह समेट लिया है।

​अब उनका नया पता IIT-पटना के नजदीक स्थित ‘बिहार नवनिर्माण आश्रम’ है। यह जगह पहले एक आम बगीचा हुआ करती थी, जिसे अब एक व्यवस्थित रूप दिया जा रहा है। यहाँ लगभग 5 एकड़ के दायरे में 50 से अधिक टेंट (Tents) लगाए गए हैं। इसी टेंट सिटी से प्रशांत किशोर अपनी राजनीतिक गतिविधियों का संचालन करेंगे और पार्टी के भविष्य का खाका तैयार करेंगे।

​नई बिहार सरकार पर तीखा हमला: “सिर्फ चेहरे बदले, हालात नहीं”

​दरभंगा में जन सुराज के नवनिर्माण अभियान के दौरान मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने मौजूदा बिहार सरकार के छह महीने के कामकाज पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सिर्फ चेहरों की अदला-बदली हुई है, लेकिन बुनियादी व्यवस्था में रत्ती भर भी सुधार नहीं हुआ है। शिक्षा, रोजगार, कानून-व्यवस्था और पलायन जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार ने सिर्फ बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन जमीन पर कोई ठोस काम नजर नहीं आ रहा है।

​”देश का सबसे पिछड़ा राज्य, लेकिन सीएम का बंगला सबसे बड़ा”

​मुख्यमंत्री के आवास और प्राथमिकताओं को लेकर प्रशांत किशोर ने बेहद तल्ख तंज कसा। उन्होंने कहा:

​”यह कितनी बड़ी विडंबना है कि बिहार पूरे देश का सबसे पिछड़ा और गरीब राज्य है, लेकिन यहाँ के मुख्यमंत्री का बंगला देश में सबसे बड़ा और आलीशान है। उन्हें अब 25 एकड़ का यह बंगला भी छोटा लगने लगा है।”

​इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री की प्राथमिकताएं राज्य के विकास के बजाय गुजरात केंद्रित हैं। पीरपैंती बिजली परियोजना में कथित घोटाले का मुद्दा उठाते हुए PK ने कहा कि इस भ्रष्टाचार से राज्य के खजाने को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है, लेकिन सरकार इस पर बात करने से भी कतरा रही है।

​जनता से मार्मिक अपील: “जाति और पैसों के लालच से ऊपर उठें”

​पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए पीके ने कहा कि जिन्हें जनता ने लंबे समय तक सत्ता सौंपी, वे खुद बिहार की समस्याओं का समाधान ढूंढने में पूरी तरह नाकाम रहे।

​आखिर में उन्होंने बिहार की जनता, खासकर महिलाओं और युवाओं से एक भावनात्मक अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अब जाति, धर्म, मुफ्त के राशन या चंद पैसों के लालच में आकर अपना बहुमूल्य वोट बर्बाद न करें। जब तक बिहार के लोग अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और रोजगार को ध्यान में रखकर मतदान नहीं करेंगे, तब तक इस प्रदेश की तकदीर और तस्वीर कभी नहीं बदलेगी।

​मुख्य बातें:

​बड़ा संकल्प: प्रशांत किशोर 2031 तक आश्रम में रहकर करेंगे राजनीति।

​नया ठिकाना: बिहटा (पटना) के ‘बिहार नवनिर्माण आश्रम’ में 50 टेंटों की बनी नई राजनीतिक छावनी।

​सरकार को घेरा: पीरपैंती बिजली परियोजना में कथित घोटाले और सीएम बंगले के आकार पर उठाए सवाल।

​मुद्दा: शिक्षा, रोजगार और पलायन को जन सुराज ने बताया बिहार की मुख्य समस्या।

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