Friday, May 22, 2026
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तमिलनाडु सरकार का ऐतिहासिक फैसला: AI के लिए बनाया अलग मंत्रालय, केरल के बाद ऐसा करने वाला देश का दूसरा राज्य बना

तमिलनाडु सरकार का ऐतिहासिक फैसला: AI के लिए बनाया अलग मंत्रालय, केरल के बाद ऐसा करने वाला देश का दूसरा राज्य बना

​चेन्नई / स्टेट ब्यूरो: भविष्य की तकनीक और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए तमिलनाडु की विजय सरकार ने राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए एक अलग और समर्पित मंत्रालय के गठन की घोषणा की है। इस क्रांतिकारी फैसले के साथ ही तमिलनाडु, पड़ोसी राज्य केरल के बाद AI के लिए अलग पोर्टफोलियो बनाने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है।

​वेलाचेरी के विधायक आर कुमार को मिली कमान

​तमिलनाडु के राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में राज्यपाल ने वेलाचेरी विधानसभा सीट से विधायक आर कुमार को नए मंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद मुख्यमंत्री विजय ने मंत्रियों के विभागों का बंटवारा करते हुए आर कुमार को नवगठित AI, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और डिजिटल सर्विसेज विभागों की कमान सौंपी है।

​AI, IT और डिजिटल सर्विसेज का ‘सुपर फ्रेमवर्क’

​सरकार ने इस नए मंत्रालय को अकेले रखने के बजाय IT और डिजिटल सेवाओं के साथ एकीकृत (Integrate) किया है। राजनीतिक और प्रशासनिक विशेषज्ञों के मुताबिक, इस एकीकरण का मुख्य उद्देश्य कार्यप्रणाली को सरल और तेज बनाना है।

​नीति निर्धारण: राज्य के लिए एक मजबूत और सुरक्षित AI पॉलिसी तैयार करना।

​डिजिटल गवर्नेंस: सरकारी कामकाज और योजनाओं में एआई का इस्तेमाल कर पारदर्शिता लाना।

​सिंगल विंडो अप्रूवल: नई तकनीकों और स्टार्टअप्स को बिना किसी विभागीय देरी के लागू करना।

​दक्षिण भारत में ‘टेक सुप्रीमसी’ की रेस

​गौर करने वाली बात है कि इससे पहले केवल केरल सरकार ने ही AI के लिए अलग से पोर्टफोलियो तय किया था। अब तमिलनाडु ने भी इस लीग में शामिल होकर यह साफ संदेश दे दिया है कि वह वैश्विक स्तर पर तकनीकी निवेश और ग्लोबल टेक कंपनियों को आकर्षित करने के लिए पूरी तरह गंभीर है। चेन्नई और कोयंबटूर जैसे शहरों को देश का सबसे बड़ा टेक-हब बनाने की दिशा में इसे मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।

​क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

​”राज्यों द्वारा AI के लिए अलग मंत्रालय का गठन यह दर्शाता है कि अब टेक्नोलॉजी को सिर्फ डेटा एंट्री या IT सपोर्ट तक सीमित नहीं रखा जा सकता। अब यह नीति निर्माण (Policy Making) और प्रशासन का मुख्य हिस्सा बन चुकी है। तमिलनाडु सरकार का यह फैसला आने वाले समय में राज्य के भीतर डिजिटल सर्विसेज, न्यू-एज स्टार्टअप और विदेशी निवेश को अभूतपूर्व बढ़ावा देगा।”

— तकनीकी विश्लेषक

​तमिलनाडु सरकार के इस कदम से अब अन्य राज्यों पर भी अपने प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक और ‘फ्यूचर-रेडी’ बनाने का दबाव बढ़ेगा। आर कुमार के नेतृत्व में यह नया मंत्रालय राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और तकनीकी विकास के नए द्वार खोलने के लिए तैयार है।

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