नीट पेपर लीक पर राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा तंज: “इटली में रील बन रही थी और देश के युवा सड़कों पर न्याय मांग रहे थे”, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
नीट पेपर लीक पर राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा तंज: “इटली में रील बन रही थी और देश के युवा सड़कों पर न्याय मांग रहे थे”, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
जयपुर / नई दिल्ली: मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी’ (NEET-UG) पेपर लीक मामले को लेकर देश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीधा हमला बोला है। राजस्थान में कांग्रेस और उसकी छात्र इकाई एनएसयूआई (NSUI) के उग्र विरोध प्रदर्शन का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने साफ कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते और पेपर लीक रोकने की कोई सुरक्षित व्यवस्था नहीं बनती, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
”मोदी जी रील बना रहे थे, बच्चे जान गंवा रहे थे” — राहुल गांधी
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर एक बेहद तल्ख पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा:
”जब मोदी जी इटली में टॉफी खिलाते हुए reels बना रहे थे – पेपर लीक से त्रस्त भारत के युवा सड़कों पर न्याय मांग रहे थे। क्योंकि NEET Paper Leak ने लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद कर दिया। कई बच्चों ने तो अपनी जान तक गंवा दी और मोदी जी ने न ज़िम्मेदारी ली, न धर्मेंद्र प्रधान को हटाया, न एक शब्द कहा।”
राहुल गांधी ने आगे भाजपा सरकारों पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जो सरकार छात्रों के जायज सवालों का जवाब लाठी से देती है, वह जवाबदेही से नहीं बल्कि डर से चलती है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि कांग्रेस पार्टी बैकफुट पर नहीं आएगी और नाकाम सरकार के खिलाफ छात्रों के हक की लड़ाई लड़ती रहेगी।
जयपुर में भारी बवाल: पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प
इस बीच, राजस्थान की राजधानी जयपुर में नीट पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर भारी प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश मुख्यालय से शहीद स्मारक होते हुए भाजपा के केंद्रीय कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली।
प्रदर्शन के मुख्य घटनाक्रम:
वॉटर कैनन का इस्तेमाल: प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारें (वॉटर कैनन) छोड़ीं, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
बैरिकेड्स पर चढ़े नेता: कांग्रेस विधायक मनीष यादव ने आगे बढ़ने के लिए पुलिस बैरिकेड्स पर चढ़ने की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने जबरन नीचे उतारा। वहीं पूर्व विधायक वेद प्रकाश सोलंकी को भी पुलिस ने पीछे धकेला।
सड़क पर बैठे पूर्व मंत्री: विरोध स्वरूप पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास पुलिस कमिश्नरेट के सामने ही धरने पर बैठ गए।
परीक्षार्थियों की वेशभूषा: इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं शामिल हुए। कई युवा तो एकजुटता दिखाने के लिए नीट परीक्षार्थियों के पहनावे में प्रदर्शन करने पहुंचे थे।
”NTA को तुरंत भंग करे सरकार” — गोविंद सिंह डोटासरा
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए। डोटासरा ने आरोप लगाया कि पिछले तीन सालों से लगातार नीट के पेपर लीक हो रहे हैं, जिसके कारण देश की जनता और छात्रों का एनटीए से भरोसा पूरी तरह उठ चुका है।
डोटासरा ने मांग की कि:
एनटीए (NTA) को तुरंत प्रभाव से भंग किया जाना चाहिए।
22 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो।
पूरे मामले की जांच अदालत (कोर्ट) की निगरानी में कराई जाए।
जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
इस देशव्यापी विरोध और विपक्ष के हमलावर रुख के बाद अब केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर नीट परीक्षा की शुचिता साबित करने और छात्रों को संतुष्ट करने का भारी दबाव बन गया है।
