Thursday, May 21, 2026
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संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर तीखा प्रहार: अफगानिस्तान में मासूमों पर हवाई हमलों को लेकर घेरा, 1971 के नरसंहार की दिलाई याद

संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर तीखा प्रहार: अफगानिस्तान में मासूमों पर हवाई हमलों को लेकर घेरा, 1971 के नरसंहार की दिलाई याद

​न्यूज डेस्क, संयुक्त राष्ट्र (यूएन): संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने पाकिस्तान के पाखंड और दोहरे चरित्र को पूरी दुनिया के सामने बेनकाब किया है। भारत ने सीमा पार आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय कानूनों की दुहाई देने वाले पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह एक तरफ वैश्विक मंचों पर शांति की बड़ी-बड़ी बातें करता है, जबकि दूसरी तरफ अफगानिस्तान में मासूम नागरिकों पर बेरहमी से बम बरसा रहा है। यह तीखा हमला चीन की अध्यक्षता में आयोजित “सशस्त्र संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा” विषय पर हुई खुली बहस के दौरान किया गया।

​कश्मीर राग अलापने पर पाकिस्तान को कड़ा जवाब

​बैठक के दौरान पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने हमेशा की तरह भारत विरोधी एजेंडा चलाते हुए कश्मीर का मुद्दा उठाने की कोशिश की। इस पर पलटवार करते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने पाकिस्तान के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने दोटूक लहजे में कहा:

​”दुनिया पाकिस्तान के झूठे प्रचार को अच्छी तरह समझती है। पाकिस्तान के बयानों में न तो कोई भरोसा है, न कानून के प्रति सम्मान और न ही कोई नैतिकता। यह बेहद हास्यास्पद और विडंबनापूर्ण है कि एक ऐसा देश जिसका खुद का इतिहास नरसंहार जैसे जघन्य अपराधों से भरा हुआ है, वह भारत के पूरी तरह से आंतरिक मामलों पर टिप्पणी कर रहा है।”

​रमजान के पवित्र महीने में अस्पताल और मस्जिद को बनाया निशाना

​भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) की 10 मई 2026 को जारी आधिकारिक रिपोर्ट ‘अफगानिस्तान में सीमा पार नागरिक हताहत’ का हवाला देते हुए पाकिस्तान की सेना द्वारा किए गए अत्याचारों का कच्चा चिट्ठा खोल दिया।

​हरीश ने सुरक्षा परिषद को बताया कि साल 2026 के पहले तीन महीनों में ही पाकिस्तानी सेना की सीमा पार सैन्य कार्रवाई और हवाई हमलों में 750 से अधिक आम नागरिक या तो मारे गए हैं या गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्होंने मार्च 2026 में रमजान के दौरान काबुल के ‘ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट अस्पताल’ (नशा मुक्ति केंद्र) पर हुए पाकिस्तानी हवाई हमले का विशेष रूप से जिक्र किया।

​उन्होंने बताया:

​अमानवीय हमला: यूएनएएमए के अनुसार, इस क्रूर हवाई हमले में 269 नागरिकों की मौत हुई और 122 लोग घायल हुए।

​नमाजियों को बनाया निशाना: यह हमला उस समय किया गया जब पवित्र महीने में तरावीह की नमाज खत्म हुई थी और मरीज व आम नागरिक मस्जिद से बाहर निकल रहे थे।

​शरणार्थी संकट: पाकिस्तान की इस निरंतर सीमा पार हिंसा के कारण 94,000 से अधिक अफगान नागरिक अपने ही देश में शरणार्थी बनने पर मजबूर हुए हैं।

​”अपने ही लोगों पर बम गिराने का रहा है इतिहास” – भारत

​पी. हरीश ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान की यह हिंसक मानसिकता कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा देश है जिसने हमेशा अपने ही नागरिकों पर अत्याचार किए हैं।

​उन्होंने साल 1971 में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तानी सेना द्वारा चलाए गए कुख्यात ‘ऑपरेशन सर्चलाइट’ का जिक्र करते हुए दुनिया को याद दिलाया कि कैसे पाकिस्तान ने अपने ही नागरिकों के खिलाफ संगठित नरसंहार किया था और चार लाख महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार जैसी भयावह घटनाओं को अंजाम दिया था। भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान का यह इतिहास और वर्तमान का रवैया पूरी तरह से पाखंड से भरा हुआ है।

​मुख्य बिंदु:

​मंच: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में नागरिकों की सुरक्षा पर खुली बहस।

​भारतीय प्रतिनिधि: पी. हरीश (UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि)।

​बड़ा खुलासा: UN की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के शुरुआती 3 महीनों में पाकिस्तानी हमलों में 750 अफगान नागरिक हताहत हुए।

​पाकिस्तानी बर्बरता: काबुल के अस्पताल पर हमला कर 269 मासूमों की जान ली, 94,000 लोग घर छोड़ने पर मजबूर।

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