Thursday, May 21, 2026
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ईरान की नई धमकी: “अगर होर्मुज में की कार्रवाई, तो काट देंगे समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स”, सांसद नबावियन ने दी चेतावनी

ईरान की नई धमकी: “अगर होर्मुज में की कार्रवाई, तो काट देंगे समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स”, सांसद नबावियन ने दी चेतावनी

​तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे अस्थायी संघर्षविराम (Ceasefire) के बावजूद दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट और तनाव कम नहीं हो रहा है। लंबे समय से दुनिया भर के देश समुद्र के नीचे से गुजरने वाले फाइबर-ऑप्टिक केबल्स (Submarine Cables) के भविष्य को लेकर आशंकित हैं। इस बीच, गुरुवार को ईरान के एक प्रमुख सांसद महमूद नबावियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट साझा कर इस डर को और बढ़ा दिया है। उन्होंने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान के खिलाफ कोई भी कदम उठाया गया, तो वे समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स को काट देंगे।

​वैश्विक बैंकिंग और डिजिटल इकोनॉमी ठप करने का दावा

​ईरानी सांसद महमूद नबावियन ने अपनी पोस्ट में लिखा:

​”ईरान समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलों को काटने की पूरी क्षमता रखता है। अगर ऐसा हुआ तो वैश्विक इंटरनेट सेवाएं, डिजिटल अर्थव्यवस्था (Digital Economy) और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग प्रणाली कई वर्षों के लिए पूरी तरह प्रभावित हो सकती है।”

​नबावियन ने आगे कहा कि अमेरिका और इजरायल को यह समझ लेना चाहिए कि यदि उन्होंने होर्मुज क्षेत्र में ईरान की संप्रभुता के खिलाफ कोई भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई की, तो उससे एक ऐसा वैश्विक संकट पैदा होगा जिसे संभालना नामुमकिन होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी संप्रभुता पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।

​आईआरजीसी (IRGC) पहले ही दे चुका है धमकी

​आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब ईरान की तरफ से ऐसा बयान आया है। इससे पहले अप्रैल 2026 में ईरान की सेना ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स’ (IRGC) ने भी अमेरिका और पश्चिमी देशों द्वारा बढ़ाई जा रही नौसैनिक नाकेबंदी और आर्थिक पाबंदियों के जवाब में ठीक ऐसी ही चेतावनी दी थी। हालांकि, ईरान ने अब तक इन केबल्स को व्यावहारिक रूप से कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन उसके पास मौजूद रणनीतिक विकल्पों में इसे हमेशा शीर्ष पर रखा गया है।

​खाड़ी देशों पर पड़ेगा सबसे बुरा असर

​होर्मुज और फारस की खाड़ी (Persian Gulf) से गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण सबमरीन केबल्स, जैसे ‘फैल्कन’ (Falcon) और ‘एएई-1’ (AAE-1), पूरे खाड़ी क्षेत्र के डिजिटल नेटवर्क की जीवनरेखा हैं। यदि इन केबल्स को काटा जाता है, तो:

​कतर, बहरीन और कुवैत जैसे देश सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे, क्योंकि उनकी डिजिटल सेवाएं पूरी तरह इन्हीं पर टिकी हैं।

​मध्य-पूर्व (Middle East) के एक बड़े हिस्से में इंटरनेट, ऑनलाइन बैंकिंग और संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती है।

​क्या कहते हैं तकनीकी विशेषज्ञ?

​सांसद नबावियन के इस दावे पर दुनिया भर के तकनीकी जानकारों और भू-राजनीतिक विशेषज्ञों की राय थोड़ी अलग है। विशेषज्ञों का मानना है कि:

​वैश्विक असर होगा सीमित: यदि ईरान इन केबल्स को काटता भी है, तो इसका सबसे ज्यादा असर केवल क्षेत्रीय देशों पर पड़ेगा। वैश्विक इंटरनेट ट्रैफिक को अन्य वैकल्पिक समुद्री और जमीनी रूटों पर डायवर्ट किया जा सकता है, जिससे दुनिया भर में इसका असर बहुत कम होगा।

​केबल्स काटना आसान नहीं: समुद्र की अगाध गहराई में बिछी इन मोटी और सुरक्षित केबल्स को काटना या नष्ट करना तकनीकी रूप से बेहद जटिल काम है।

​ईरान का अपना नुकसान: विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा कोई भी आत्मघाती कदम खुद ईरान के लिए भी भारी आर्थिक और रणनीतिक नुकसान का कारण बनेगा, क्योंकि वह खुद भी वैश्विक नेटवर्क से पूरी तरह कट जाएगा।

​मुख्य बातें:

​धमकी: ईरानी सांसद महमूद नबावियन ने होर्मुज क्षेत्र में दखल देने पर अंडरवॉटर इंटरनेट केबल्स काटने की बात कही।

​प्रभावित केबल्स: ‘फैल्कन’ (Falcon) और ‘एएई-1’ (AAE-1) सबमरीन केबल्स निशाने पर।

​असर: कतर, बहरीन और कुवैत जैसे खाड़ी देशों के बैंकिंग और डिजिटल सिस्टम पर मंडराया संकट।

​विशेषज्ञों की राय: वैश्विक इंटरनेट पर असर होगा कम, खुद ईरान के लिए भी होगा नुकसानदेह।

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