राहुल गांधी की टिप्पणी पर भाजपा का राष्ट्रव्यापी आक्रोश: योगी, फडणवीस समेत कई मुख्यमंत्रियों ने तुरंत सार्वजनिक माफी की मांग
राहुल गांधी की टिप्पणी पर भाजपा का राष्ट्रव्यापी आक्रोश: योगी, फडणवीस समेत कई मुख्यमंत्रियों ने तुरंत सार्वजनिक माफी की मांग
नई दिल्ली/लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा की गई एक कथित विवादित टिप्पणी को लेकर देश का सियासी पारा गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने एक सुर में राहुल गांधी के बयान को अमर्यादित, असंसदीय और कुंठित मानसिकता का प्रतीक बताते हुए उनसे पूरे देश से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है।
नेताओं ने तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि लगातार मिल रही चुनावी हार के कारण विपक्ष अपना मानसिक संतुलन खो चुका है।
”145 करोड़ देशवासियों के जनादेश का अपमान”: योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर कांग्रेस और राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा:
”विभाजनकारी और तुष्टीकरण की राजनीति की जननी कांग्रेस के ‘युवराज’ की अमर्यादित टिप्पणी उनकी नकारात्मक राजनीति, असंयमित सोच और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनके अनादर को प्रदर्शित करती है। प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रति उनकी घोर निंदनीय टिप्पणी 145 करोड़ देशवासियों के जनादेश, विश्वास और लोकतांत्रिक संस्कारों का भी अपमान है। उन्हें समूचे देश से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए।”
यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के हितों के प्रति यशस्वी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ‘खुद्दार’ हैं। ऐसे कर्मनिष्ठ नेताओं को ‘गद्दार’ कहना राहुल गांधी के मानसिक दिवालियापन को उजागर करता है। हर हार के बाद उनका माथा गर्म हो जाता है, जबकि उनकी नेतागीरी में कांग्रेस खुद ‘हार का शतक’ लगाने के करीब है।
दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों का तीखा प्रहार
विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने राहुल गांधी के इस बयान पर अलग-अलग तरह से अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है:
दिल्ली (सीएम रेखा गुप्ता): “ये बयान राहुल गांधी की नाकामियों की वजह से आ रहे हैं। जिस संविधान की कॉपी लेकर वह घूमते हैं, कभी उसे पढ़ भी लेना चाहिए। जिस सदन के वह नेता प्रतिपक्ष हैं, उसी सदन के नेता (पीएम) के लिए ऐसी भाषा उनकी नीच सोच और संस्कारों को दिखाती है। देश जानता है कि किसने देश के साथ गद्दारी की है।”
हरियाणा (सीएम नायब सैनी): मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मर्यादा की सीमाएं लांघने का आरोप लगाते हुए कहा, “राहुल गांधी राजनीतिक विरोध में अपनी संवेदनशीलता और मानसिक संतुलन खो चुके हैं। उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए और अपने मानसिक संतुलन के लिए किसी बेहतर डॉक्टर से इलाज करवाना चाहिए।”
राजस्थान (सीएम भजनलाल शर्मा): “लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, किंतु देश के शीर्ष नेतृत्व के प्रति इस प्रकार की अभद्र भाषा कांग्रेस की हताशा और निरंतर पतन की ओर जाती राजनीतिक सोच का प्रमाण है। मर्यादा खो चुका विपक्ष केवल समाज को विभाजित करने और अराजकता फैलाने का कार्य कर रहा है।”
”राहुल गांधी ‘रिजेक्टेड माल’, पात्रता नहीं”: देवेंद्र फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि राष्ट्रहित के लिए दृढ़ और निर्णायक फैसले लेने वाले नेतृत्व पर टिप्पणी करने की राहुल गांधी की कोई हैसियत नहीं है। उन्होंने कहा:
”जनता द्वारा बार-बार नकारे गए ‘रिजेक्टेड माल’ राहुल गांधी की ऐसे राष्ट्रनिष्ठ नेतृत्व पर टिप्पणी करने की कोई पात्रता नहीं है। जनता ने बार-बार चुनावों में वोट देकर खुद बता दिया है कि असली ‘गद्दार’ कौन है।”
उत्तराखंड और बिहार के मुख्यमंत्रियों ने घेरा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश के सर्वोच्च नेतृत्व के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग बेहद शर्मनाक है। जनता बार-बार कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को नकार चुकी है, फिर भी कांग्रेस केवल अराजकता और समाज को बांटने की राजनीति से बाहर नहीं निकल पा रही है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा, “लगातार चुनावी हार और निराशा अब उनके शब्दों और व्यवहार में साफ दिखाई देने लगी है। गांधी परिवार ने अपने शासनकाल में सिर्फ भ्रष्टाचार किया और राष्ट्रीय सुरक्षा को ताक पर रखा, लेकिन ये रंग बदलने वाले लोग आज देशहित और लोकतंत्र की बात किस मुंह से करते हैं? राहुल गांधी ने 140 करोड़ देशवासियों की भावनाओं को आहत किया है।”
इस बड़े राजनीतिक विवाद के बाद अब भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं, क्योंकि भाजपा इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक कांग्रेस को घेरने की रणनीति बना रही है।
